Srinagar News: खामेनेई की हत्या के विरोध में हिंसक प्रदर्शन जारी, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एहतियाती प्रतिबंधों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. कई स्थानों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए जुलूस निकाले गए, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैन्य बलों को बल प्रयोग करना पड़ा. घाटी में बंद का व्यापक असर2 मार्च को दूसरे दिन भी बंद के कारण बाजार, परिवहन और दफ्तरों पर असर दिखा. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की गई. प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई के पोस्टर और अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे लिखे बैनर लेकर लालचौक की ओर मार्च करने की कोशिश की.

Source:NDTV

March 02, 2026 18:31 UTC


ईरान से कब तक चलेगा युद्ध... इजरायल के विदेश मंत्री ने NDTV को बताया आगे का प्लान

ये अंडरग्राउंड इतने गहरे बनाए गए हैं कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले का भी उन पर कोई असर नहीं होता. चीन ने ईरान-US-इजरायल संघर्ष को सुलझाने का बताया रास्ता, आया आधिकारिक बयानहमला नहीं करते तो और खतरनाक होतासा'आर ने आगे कहा कि इजरायल के लिए ईरान एक "अस्तित्वगत खतरा" है. पिछले साल जून में हुए संघर्ष को याद करते हुए, साआर ने दावा किया कि तेहरान की रणनीति तब से नहीं बदली है. ईरान में अगला नेता कौनसा'आर ने आगे कहा कि अयातुल्ला की हत्या का मतलब तुरंत जीत नहीं है. उन्होंने कहा, “ईरानी जनता का नेतृत्व कौन करेगा, यह न तो इजरायल और न ही अमेरिका तय करेगा.

Source:NDTV

March 02, 2026 18:29 UTC


8वां वेतन आयोग: 2.5 या 2.8 फिटमेंट फैक्टर से 150% बढ़ेगी सैलरी? जानिए असली गणित

8वें वेतन आयोग की बात जब भी आती है, तो सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की होती है। लेकिन इतिहास बताता है कि अगर इस नंबर को अकेले देखा जाए, तो यह थोड़ा भ्रम पैदा कर सकता है। कई सरकारी कर्मचारियों का मानते हैं कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.5 या 2.8 है, तो उनकी सैलरी 150% या उससे ज्यादा बढ़ जाएगी। असल में ऐसा नहीं है, आइए इसे आसानी से समझते हैं…फिटमेंट फैक्टर का मतलब सीधे सैलरी में उछाल नहींफिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है जो आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी पर लगाया जाता है ताकि बदले हुए पे स्ट्रक्चर के तहत आपकी नई बेसिक सैलरी तय हो सके।लेकिन यहां एक दिक्कत है –नया वेतन आयोग लागू होने से पहले कर्मचारियों को पहले से ही Dearness Allowance (DA) मिल रहा होता है, यह महंगाई से जुड़ा एक हिस्सा है जो हर छह महीने में बढ़ता रहता है।जब तक नया वेतन लागू होता है, तब तक डीए अक्सर बेसिक सैलरी का 50%, 100% या 125% तक पहुंच जाता है। जब नया पे स्ट्रक्चर लागू होता है, तो जमा हुआ DA पहले बेसिक पे में मिलाया जाता है और फिर फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है और सिर्फ बचा हुआ हिस्सा ही असली बढ़ोतरी बनता है।7वें वेतन आयोग के दौरान क्या हुआ था? 7वें पे कमीशन के तहत –फिटमेंट फैक्टर: 2.57बेसिक पे में मिलाने पर DA 125% तक पहुंच गया।उदाहरण –– बेसिक पे: 7000 रुपये– 125% पर डीए: 8750 रुपये– पहले से मिल रहा टोटल: 15750 रुपये2.57× गुणा करने के बाद –– नया बेसिक: 18000 रुपये– असली बढ़ोतरी: 18000 – Rs 15750 = 2250 रुपये– असली बढ़ोतरी लगभग 14.3% थी।तो जबकि 2.57× 157% की बढ़ोतरी जैसा लगता है, असल में बढ़ोतरी सिर्फ लगभग 14% थी।अलग-अलग पे कमीशन ने असल में कितनी बढ़ोतरी की-– 6वें वेतन आयोग ने सबसे ज़्यादा 54% की असली बढ़ोतरी दी।– 7वें वेतन आयोग ने सबसे कम बढ़ोतरी दी।– 8वें वेतन आयोग के अनुमान का अनुमान लगाते समय यह पुराना पैटर्न जरूरी है।8वां वेतन आयोग: लेवल 1 सैलरी का अनुमानअभी की स्थिति– अभी की बेसिक सैलरी (लेवल 1): 18000 रुपये– अभी का DA: 58%8वें वेतन आयोग के आने में कम से कम 18–24 महीने लगने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि DA में लगभग चार और बदलाव होंगे।मान लें कि लागू होने से पहले DA लगभग 68% तक पहुंच जाता है-18000 रुपये का 68% = 12,240 रुपये8वें वेतन आयोग से पहले कुल सैलरी: 18000 रुपये + 12240 रुपये = 30240 रुपयेयह 30240 रुपये वह है जो कर्मचारी पे रिवीजन से पहले ही कमा रहा होगा।सिनेरियो 1: फिटमेंट फैक्टर 1.9नया बेसिक कैलकुलेशन:– 18,000 रुपये × 1.9 = 34,200 रुपये– असली बढ़ोतरी: 34,200 रुपये – 30,240 रुपये = 3,960 रुपये– परसेंट बढ़ोतरी: 13% असली बढ़ोतरीतो 1.9× बड़ा दिखने के बावजूद, असल फायदा मामूली है।सिनेरियो 2: फिटमेंट फैक्टर 2.57 (7वें वेतन आयोग जैसा ही)– 18,000 × 2.57 = 46260 रुपये– असली बढ़ोतरी: 46260 – 30240 रुपये = 16020 रुपये– परसेंट बढ़ोतरी: 53% असली बढ़ोतरीयह सिनेरियो 1 से काफी बेहतर है।सिनेरियो 3: फिटमेंट फैक्टर 2.86– 18,000 रुपये × 2.86 = 51,480 रुपये– वास्तविक वृद्धि: 51480 रुपये – 30240 रुपये = 21240 रुपये– प्रतिशत वृद्धि: 70% वास्तविक वृद्धिइतना जरूरी क्यों है DA मर्जर? लागू होने से पहले DA जितना ज्यादा होगा, “असली उछाल” उतना ही कम होगा, क्योंकि कर्मचारियों को पहले से ही महंगाई का मुआवजा मिल रहा है। फिटमेंट फैक्टर को पहले DA को एब्जॉर्ब करना होगा। सिर्फ़ ज्यादा होने पर ही असली नई इनकम बनती है। इसीलिए पहले 2.57× फ़ैक्टर से सिर्फ 14% असली फ़ायदा हुआ था।जरूरी बातफिटमेंट फैक्टर सिर्फ बेसिक पे पर लागू होता है। फ़ाइनल टेक-होम सैलरी में HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरे स्पेशल अलाउंस भी शामिल होते हैं, इसलिए टोटल ग्रॉस सैलरी पर असर अलग-अलग हो सकता है।यह भी पढ़ें: Upcoming IPOs Next Week: अगले सप्ताह खुलेंगे ये 2 नए आईपीओ , 2–6 मार्च के बीच 9 कंपनियों की होगी लिस्टिंगयह भी पढ़ें: दिवालिया हुई ईस्ट इंडिया कंपनी: भारतीय उद्यमी के हाथों में था नाम, फिर भी क्यों नहीं बच पाई? Disclaimer: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श जरूर करें। निवेश से होने वाले किसी भी लाभ या हानि के लिए वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।

Source:NDTV

March 02, 2026 18:22 UTC


Jabalpur News: ऑपरेशन के बाद महिला की मौत इलाज में लापरवाही का लगा आरोप

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। आगा चौक स्थित लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती एक महिला की ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों के अंतराल में मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर ऑपरेशन के बाद ठीक से देखभाल न किए जाने और उपचार में गंभीर लापरवाही किए जाने के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार जगदीश मंदिर गढ़ाफाटक निवासी 59 वर्षीय सुनीता उसरेटे को गाॅल ब्लैडर के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था।24 फरवरी को डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने ऑपरेशन किया। पति निखिल उसरेटे के अनुसार ऑपरेशन के बाद 2-3 दिन तक उनकी पत्नी की हालत ठीक थी, लेकिन फिर हालत बिगड़ती चली गई। बाएं हाथ में सूजन आने के साथ बात करने और शारीरिक गतिविधियों में भी समस्या होने लगी।ड्यूटी पर आने वाले डॉक्टरों से कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि सोडियम और पोटेशियम की मात्रा कम ज्यादा होने से ऐसा हो रहा है, जिसका इलाज चल है, वे जल्द ही ठीक हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हालत बिगड़ती रही।डॉक्टराें ने भी किसी तरह का संतोषजनक जवाब देना बंद कर दिया। एक ड्यूटी डॉक्टर ने बिना जांच के बोल दिया कि दिमाग की नस दब गई है। बार-बार बोलने पर भी सोडियम-पोटेशियम की जांच नहीं कराई गई। शनिवार को हालत और अधिक बिगड़ने पर सीटी स्कैन कराया गया, लेकिन रविवार सुबह 4 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पोस्ट ऑपरेटिव केयर में हद दर्जे की लापरवाही की गई। मरीज की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। इधर अस्पताल प्रबंधन ने पल्ला झाड़ते हुए आरोपों को निराधार बताया है।गॉल ब्लैडर का ऑपरेशन सफल रहा। मरीज पहले से अलग-अलग बीमारियों से जूझ रही थीं, जिसके चलते सर्जरी को दो बार टाला भी गया। परिजनों को पूरी जानकारी दी गई थी। ब्रेन हेमरेज के चलते उनकी मृत्यु हुई है। लापरवाही के आरोप निराधार हैं।डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, संचालक,लाइफ मेडिसिटी अस्पताल

March 02, 2026 18:11 UTC


Iran Weapons Power Vs US Israel; Drones Missile Cities

ईरान के पास मिसाइलों के अंडरग्राउंड शहर:सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद ईरान की इस्लामिक सत्ता अब अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। अमेरिका-इजराइल के घातक हमलों के बीच उसने पूरी ताकत से पलटवार किया है। ईरान ने सिर्फ इजराइल नहीं, पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइलों और ड्रोन्स की बौछार कर दी है. ईरान के जखीरे में कौन-से हथियार हैं और वो ये लड़ाई कितने दिन खींच सकता है; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में...कितने दिन मुकाबला कर पाएगा ईरान? 2022 में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अनुमान लगाया था कि ईरान के पास 3,000 बैलिस्टिक मिसाइले हैं। जून 2025 में 12 दिन चले इजराइल-ईरान संघर्ष के बाद इजराइल ने ईरान की 70% मिसाइलें तबाह होने का दावा किया था।वॉशिंगटन स्थित थिंकटैंक ज्यूइश इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी के मुताबिक, इस दौरान ईरान ने इजराइल पर 574 मिसाइले दागी थीं। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद ईरान ने तेजी से नए हथियार बनाने का काम जारी रखा।तुर्किये के सेंटर फॉर ईरानी स्टडीज यानी IRAM में रिसर्चर ओरल टोगा के मुताबिक जंग शुरू होने से पहले ईरान के पास करीब 2000 मिसाइलें थीं।28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के साझा हमले के बाद, ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया…इजराइल ने बताया कि उन पर दोपहर तक 35 मिसाइले फायर की गईं।UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ईरान ने उनपर 164 बैलेस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 542 ड्रोन से हमला किया।कुवैत ने 100 के करीब मिसाइलें और 283 ड्रोन इंटरसेप्ट किए। बहरीन ने 45 और कतर ने 44 मिसाइलों से हमले का दावा किया।टोगा के मुताबिक ईरान के हथियार कम हो रहे हैं लेकिन अभी यह खत्म होने से दूर है। वह आने वाले कुछ दिनों तक हमले जारी रख सकता है।ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में मिडिल ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर अमीन सैकल के मुताबिक, ‘ईरान कुछ दिनों में हार नहीं मानेगा, क्योंकि अब लड़ाई सत्ता में रहने की है। उन्होंने खुद को लंबी लड़ाई के लिए तैयार किया है। उनके पास शॉर्ट और लॉन्ग रेंज की मिसाइलें और हजारों ड्रोन्स हैं। ’हालांकि कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि ईरान अगर इतनी ही तेजी से हमले करता रहा तो उसके हथियार कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएंगे। लंबे समय तक युद्ध जारी रखने के लिए उसे हथियार इस्तेमाल करने की स्पीड कम करने होगी।***रिसर्च सहयोग: ब्रज पांडे-----------ये खबर भी पढ़िए…नेतन्याहू की लड़ाई में क्यों कूदे ट्रम्प:ईरान की तबाही से अमेरिका नहीं, इजराइल को असली फायदा; सऊदी कैसे खेल कर रहाअमेरिका और ईरान में दोबारा न्यूक्लियर डील पर बात हो रही थी, डील लगभग होने ही वाली थी। इजराइल और सऊदी अरब ने ट्रम्प को दोबारा ईरान पर हमले के लिए मना लिया। जानकारों मानते हैं कि एकबार फिर ट्रम्प, नेतन्याहू की जंग लड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए…

March 02, 2026 17:58 UTC


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