ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालात से चिंतित, ईरान पर हमले को लेकर आ गई भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया

लेखक के बारे में अनिल कुमार अनिल कुमार नवभारत टाइम्स डिजिटल में होम पेज टीम का हिस्सा हैं। अखबार के साथ ही डिजिटल मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। जनवरी, 2021 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। होम पेज पर भारत और दिल्ली सेक्शन के लिए पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरें और विश्लेषण लिखते हैं। हरियाणा में दैनिक भास्कर और चंडीगढ़ में दैनिक जागरण के लिए स्पोर्ट्स और एजुकेशन रिपोर्टिंग कर चुके हैं। राजस्थान पत्रिका, जयपुर और अमर उजाला, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

February 28, 2026 16:08 UTC


PM Narendra Modi Gujarat Visit Update; Sanand Semiconductor ATMP Plant

Hindi NewsNationalPM Narendra Modi Gujarat Visit Update; Sanand Semiconductor ATMP Plant | Make In Indiaगुजरात- PM ने साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया: कहा- देश आज हार्डवेयर बनाने के लिए भी पहचाना जा रहा; ₹22,516 करोड़ से बना प्लांटसाणंद (गुजरात) 10 घंटे पहलेकॉपी लिंकPM ने साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करने के बाद स्पीच दी।पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन किया।पीएम ने कहा कि 10-11 साल पहले तक भारत में डेटा और चिप की चर्चा कम होती थी। पहले देश की पहचान सॉफ्टवेयर के रूप में थी, आज भारत हार्डवेयर बनाने के लिए भी पहचाना जाने लगा है।उन्होंने कहा-जून 2023 में MOU साइन हुआ, सितंबर 2023 में काम शुरू हुआ और फरवरी 2026 में यहां प्रोडक्शन शुरू हो गया। इस सेक्टर को जानने वाले समझते हैं कि यह बहुत तेज रफ्तार है। साफ नीयत हो तो नीतियां भी साफ बनती हैं और फैसले जल्दी होते हैं।इस प्लांट में पहली बार मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू होगा। यह केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से बना है।पीएम मोदी ने गुजरात के साणंद में सेमिकंडक्टर फैक्ट्री का उद्घाटन किया।पीएम की स्पीच की 4 बड़ी बातें…माइक्रोन की ये फेसिलिटी, आज का ये कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी का प्रमाण है। AI और चिप जैसे क्षेत्र में हमारी साझेदारी अहम है। दुनिया की दो बड़ी डेमोक्रेसी दुनिया के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।पिछली शताब्दी का रेग्युलेटर तेल था तो इस शताब्दी का रेग्युलेटर चिप होने वाली है। जब दुनिया कोविड से जूझ रही थी तब भारत ने सेमिकंडक्टर की घोषणा की थी। कोरोना के समय लगा सब बिखर रहा है, लेकिन जो बीज हमने बोया उसका फल आज मिल रहा है।आज पूरी दुनिया के लिए एक ही मेसेज है, इंडिया इज रेडी, इंडिया इज रिलायबल। मेक इन इंडिया अब फुल स्विंग में आगे बढ़ रहा है। मैंने रतन टाट को मेसेज किया था, 1 रुपए का इन्वेस्टमेंट में देखिए एक गुजराती क्या कर सकता है।मैं आप लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि आप जो लाइफ चाहते हैं ये गुजरात है, ये वो भी बनाकर देगा, हम आपको कोई कमी नहीं होने देंगे। गुजरात ने नीतियां बनाई उसका फायदा जमीन पर दिख रहा है।कार्यक्रम की 6 तस्वीरें…कंपनी के मालिक ने पीएम मोदी को सम्मानित किया।प्रधानमंत्री को पुरस्कार भी दिया गया।पीएम मोदी ने फैक्ट्री में मौजूद लोगों से बात की।पीएम मोदी ने फैक्ट्री के बारे में जानकारी ली।पीएम मोदी को फैक्ट्री के बारे समझाते फैक्ट्री के अधिकारी।पीएम मोदी ने फैक्ट्री में अधिकारियों से बात की।एटीएमपी टेक्नोलॉजी पर आधारित है प्लांटयह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग और फिर पैकेजिंग की जाएगी। इससे देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।अब तक भारत माइक्रो चिप्स के मामले में आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लांट देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, यह ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल भारत जैसे अभियानों को भी गति देगा।यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है।अमेरिका की माइक्रोन कंपनी ने लगाया है प्लांट अमेरिकी माइक्रोचिप निर्माता कंपनी माइक्रोन कंपनी ने यह प्लांट लगाया है। इसके लिए अगस्त-2023 में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस MoU से पहले जुलाई-2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे और वहां माइक्रोन कंपनी ने गुजरात में प्लांट लगाने का ऐलान किया था।गुजरात में सेमीकंडक्टर के चार प्लांट केंद्र सरकार ने 2023 में साणंद में माइक्रोन के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके बाद, फरवरी 2024 में धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सेमीकंडक्टर संयंत्र साणंद में सीजी पावर के ऐसे ही प्लांट की मंजूरी दी थी।गुजरात का चौथा प्लांट भी साणंद ही जगह लेने वाला है। यह प्लांट कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 3300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से स्थापित किया जाएगा।यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है।सेमीकंडक्टर पॉलिसी बनाने वाला गुजरात पहला राज्य गुजरात सरकार ने 2022 से 2027 तक के लिए सेमीकंडक्टर नीति बनाई है और यह नीति बनाने वाला भारत का पहला राज्य है। 'गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27' के तहत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को सब्सिडी और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।प्रोजेक्ट के लिए कुल 75 प्रतिशत सब्सिडी और जमीन खरीद पर जीरो स्टांप शुल्क की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही पहले 5 साल तक प्लांट को 12 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर की दर से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। -------------------पीएम मोदी के जनवरी में गुजरात दौरे की ये खबर भी पढ़ें...मोदी जर्मन चांसलर से मिले, साथ मिलकर पतंग उड़ाई: कहा- भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियांप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद पीएम ने कहा- भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी हैं। इसीलिए आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां हैं। यह जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। पूरी खबर पढ़ें….

Source:NDTV

February 28, 2026 16:07 UTC


Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 28 फ़रवरी को आपके शहर में क्या हुआ

Live Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 28 फ़रवरी को आपके शहर में क्या हुआ{"_id":"69a1e9cadcdad6b1000a37b3","slug":"meerut-news-today-live-latest-and-breaking-crime-shiksha-politics-meerut-samachar-in-hindi-2026-02-28","type":"live","status":"publish","title_hn":"Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 28 फ़रवरी को आपके शहर में क्या हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}लाइव स्टोरी डेस्कUpdated Sat, 28 Feb 2026 11:30 PM IST Updated Sat, 28 Feb 2026 11:30 PM ISTविज्ञापनखास बातें उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़ी आज - 28-02-2026 - की मुख्य और ताजा खबरें जानने के लिए हमारे लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें। इस ब्लॉग के जरिए आपको शहर और उसके आस-पास की बड़ी खबरों के अलावा अलग-अलग स्थानों पर होने वाले घटनाक्रमों के बारे में भी जानने को मिलेगा, तो जुड़े रहिए अमर उजाला के साथ।

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February 28, 2026 15:46 UTC


स्कूलों में बच्चों को सुबह मिले पौष्टिक भोजन, सरकार करेगी सुनिश्चित : रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अक्षय पात्र फाउंडेशन के ‘सुबह के पोषण कार्यक्रम’ के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि दिल्ली में बच्चों के लिए सुबह के पोषण अभियान की शुरुआत की जा रही है। दिल्ली सरकार अक्षय पात्र फाउंडेशन के सहयोग से यह सुनिश्चित करेगी कि स्कूल पहुंचने पर बच्चों को सुबह पौष्टिक भोजन मिले। उन्होंने कहा कि बच्चे सक्रिय और ऊर्जावान रहें ताकि वे अच्छी तरह से पढ़ाई कर सकें, जिसके लिए उनका आहार और पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने अक्षय पात्र फाउंडेशन को दिल्ली में 6 वर्षों की निरंतर सेवा और ‘सुबह के पोषण कार्यक्रम’ के शुभारंभ के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस पुनीत प्रयास में पूर्ण सहयोग के साथ आपके साथ दृढ़ता से खड़ी है। सेवा का यह संकल्प निरंतर आगे बढ़ता रहे, यही कामना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम पोषण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और पोषण अभियान ने देश में पोषण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। आज हर बच्चे के स्वस्थ भविष्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। यह संकल्प केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सशक्त निर्माण की मजबूत आधारशिला है।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू तथा अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरतर्षभ दास, उपाध्यक्ष चंचलपति दास, दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा उपस्थित रहे।अक्षय पात्र फाउंडेशन के ‘सुबह के पोषण कार्यक्रम’ की दिल्ली में शुरुआत के साथ एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है। यह एक पूरक पोषण पहल है जिसे स्कूली शिक्षा के शुरुआती घंटों में पोषण की गंभीर कमी को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। जहां एक पौष्टिक दोपहर का भोजन दिनभर के लिए ऊर्जा प्रदान करता है, वहीं एक पौष्टिक शुरुआत बच्चे के मन और शरीर के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है।हर सुबह, कई बच्चे ठीक से नाश्ता किए बिना स्कूल आते हैं। नतीजतन, सुबह के शुरुआती घंटों में उनमें ऊर्जा की कमी होती है, जिससे उनकी संज्ञानात्मक क्षमता प्रभावित होती है और कक्षा में उनका ध्यान कम हो जाता है। लंबे समय में, इससे सीखने में कमी आ सकती है और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ सकता है।भारत सरकार की प्रमुख पीएम पोषण पहल (मध्य-दिन भोजन योजना) कक्षा में लंबे समय से चली आ रही भूख और कुपोषण की समस्या का समाधान करती है, लेकिन बच्चों के स्कूल आने और दोपहर के भोजन के बीच का समय उनकी पढ़ाई और एकाग्रता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मॉर्निंग न्यूट्रिशन प्रोग्राम प्रोटीन से भरपूर तैयार नाश्ते उपलब्ध कराकर इस कमी को सीधे तौर पर दूर करता है। दोपहर का भोजन बच्चे की दैनिक पोषण संबंधी जरूरतों का लगभग 35-40 प्रतिशत पूरा करता है। इसमें सुबह के पोषण को भी शामिल कर लें, तो यह बढ़कर 60-65 प्रतिशत हो जाता है। इस कार्यक्रम के दोहरे लाभ हैं: पहला, बच्चों के समय पर स्कूल पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। दूसरा, कक्षाओं के दौरान उनका ध्यान भटकने या थकान महसूस होने की संभावना कम हो जाती है। संक्षेप में कहें तो, सुबह का पोषण कार्यक्रम बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के हमारे सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा दे सकता है।दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कहा गया है, ‘पौष्टिक नाश्ते के बाद सुबह के घंटे संज्ञानात्मक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण विषयों के अध्ययन के लिए विशेष रूप से उत्पादक हो सकते हैं।महज छह महीनों में अक्षय पात्र ने पूरे देश में स्कूली बच्चों को 4 करोड़ से अधिक सुबह के ऊर्जावर्धक नाश्ते परोसे हैं। उनका लक्ष्य प्रति वर्ष 2 करोड़ नाश्ते परोसना है। मध्याह्न भोजन के लिए हमारे मौजूदा बुनियादी ढांचे, यानी 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के 78 स्थानों पर फैले 23,000 से अधिक स्कूलों में रसोई के नेटवर्क का लाभ उठाकर, हम मध्याह्न भोजन लाभार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त प्रशासनिक लागत के ये नाश्ते उपलब्ध करा सकते हैं।

February 28, 2026 15:42 UTC


मुंगेर में ताला खोलने के विवाद में दारोगा बहू ने सास पर किया जानलेवा हमला, गिरफ्तार

संवाद सहयोगी, असरगंज (मुंगेर)। असरगंज थाना क्षेत्र के कलाली मोड़ में शुक्रवार की रात पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि 2018 बैच की दरोगा बहू नूतन कुमारी ने अपनी सास किरण देवी पर जानलेवा हमला कर दिया। घर का ताला नहीं खोलने को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले लिया, जिसमें किरण देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र असरगंज ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने जेएलएनएमसीएच भागलपुर रेफर कर दिया।हत्या के प्रयास का केस दर्ज घटना के बाद ससुर संजीव साह के आवेदन पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित दरोगा बहू नूतन कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नूतन वर्तमान में मधुबनी जिले में दरोगा के पद पर तैनात है।स्वजन के अनुसार किरण देवी के बेटे ऋतुराज ने रहमतपुर बासा मांझी टोला निवासी नवीन मांझी की बेटी नूतन कुमारी से प्रेम विवाह किया था। शादी के समय पति बेरोजगार था और नूतन ही पति के साथ जीवन निर्वहन कर रही थी। बाद में ऋतुराज की नौकरी दिल्ली पुलिस में दरोगा के पद पर हो गई, जिसके बाद दोनों के संबंध खराब होने लगे।बहू ने सास पर पत्थर से हमला किया इसी तनाव के बीच शुक्रवार की रात नूतन ससुराल पहुंची और ताला खोलने की बात पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बहू ने सास पर पत्थर से हमला कर दिया। सूचना मिलते ही गश्ती दल के पदाधिकारी शंभू पासवान मौके पर पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल भिजवाया।बाद में थानाध्यक्ष विपुल कुमार व अन्य पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और पीड़िता से बयान लिया। अपर थानाध्यक्ष श्रीराम कुमार, दरोगा राजेश पासवान व पीटीसी सुबोध कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और बेरीकेडिंग की। शनिवार सुबह एफएसएल टीम ने भी स्थल निरीक्षण किया और मारपीट में प्रयुक्त पत्थर व रक्त के नमूने एकत्र किए।

February 28, 2026 15:32 UTC


सलीम वास्तिक से मिलने अस्पताल जाने से रोके गए यति नरसिम्हानंद, पुलिस के साथ हुई नोकझोंक; CM योगी ने लिया संज्ञान

वेव सिटी पुलिस सुबह मंदिर पहुंची और यति को दिल्ली जाने से मना कर दिया। इस दौरान यति की मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से नोंकझोंक भी हुई। हालांकि अभी तक पुलिस ने यति को मंदिर से बाहर नहीं निकलने दिया है।जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। धर्मिक कट्टरपंथियों के हमले में घायल सलीम वास्तिक को देखने अस्पताल जा रहे डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिम्हानंद को पुलिस ने रोक दिया।इस दौरान यति मरसिम्हानन्द ने पुलिस को चेतावनी दी और कहा कि वह सलीम वास्तिक से मिलने जा कर रहेंगे। इसके साथ ही यह भी कहा कि या तो वह सलीम से मिलने जाएंगे और या तो मंदिर में मारे जाएंगे।चाकू के हमले में घायल हुए सलीमगौरतलब है कि शुक्रवार को लोनी थाना क्षेत्र अली गार्डन कालोनी में मुस्लिम कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर दो लोगों चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।घटना के समय वह नमाज पढ़कर आए थे और अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें दिल्ली जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, यहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।मामले में उनके बेटे ने पांच लोगों पर हमले का शक जाहिर करते हुए सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है। गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल रेफर फिलहाल सलीम की गंभीर हालत को कर देख चिकित्सक ने उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उनका उपचार जारी है। इस मामले में अज्ञात बाइक सवार हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

February 28, 2026 14:58 UTC


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