ऑटो / महिंद्रा एंड महिंद्रा की गाड़ियां 1 जुलाई से 36000 रुपए तक महंगी होंगी

Dainik Bhaskar Jun 19, 2019, 01:34 PM ISTनई दिल्ली. महिंद्रा एंड महिंद्रा की गाड़ियां 1 जुलाई से 36000 रुपए तक महंगी हो जाएंगी। कंपनी ने बुधवार को बताया कि सेफ्टी नॉर्म्स (एआईएस 145) लागू करने की वजह से वाहनों की कीमतों में इजाफा किया जाएगा।कंपनी के मुताबिक स्कॉर्पियो, बोलेरो, टीयूवी300 और केयूवी100 एनएक्सटी की कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी। जबकि, एक्सयूवी500 और मेराजो के रेट में कम इजाफा होगा। हालांकि, यह जानकारी नहीं दी कि किस गाड़ी की कीमत में कितनी बढ़ोतरी होगी।एआईएस 145 सेफ्टी नॉर्म्स के तहत वाहनों में एयरबैग, ड्राइवर और को-ड्राइवर के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर, रियर पार्किंग सेंसर, ओवरस्पीड अलर्ट जैसे फीचर जोड़ना अनिवार्य है।

June 19, 2019 07:38 UTC


ममता बनर्जी, केजरीवाल समेत 5 नेता ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक में नहीं होंगे शामिल

पीएम मोदी के सर्वदलीय बैठक में ममता बनर्जी नहीं लेंगी हिस्सानई दिल्ली: ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिये बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (टीआरएस) पार्टी हिस्सा नहीं लेंगे. वहीं आम आदमी पार्टी के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, लेकिन आप पार्टी की तरफ से राघव चड्ढा प्रतिनिधित्व करेंगे. टीआरएस के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को बताया कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे के. रामा राव बैठक में तेलंगाना राष्ट्र समिति का प्रतिनिधित्व करेंगे.

Source:NDTV

June 19, 2019 07:03 UTC


International Yoga Day 2019: योग दिवस की तैयारियों में जुटे ITBP जवानों ने किया योगाभ्यास

International Yoga Day 2019: योग दिवस की तैयारियों में जुटे ITBP जवानों ने किया योगाभ्यासनई दिल्ली, एएनआइ। 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day )को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। देश से लेकर विदेशों तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल पीएम मोदी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग करते हैं। इस साल पीएम मोदी 21 जून को झारखंड की राजधानी रांची में आम लोगों के साथ योग करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ और देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग कर चुके हैं।जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day )से पहले आज आईटीबीपी(ITBP) के जवानों ने श्रीनगर में योग का अभ्यास किया।J&K: ITBP personnel perform Yoga in Srinagar, ahead of #YogaDay2019 on June 21. pic.twitter.com/B6NkCdpk54इसी तरह अरुणाचल प्रदेश में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day)को लेकर आईटीबीपी(ITBP) के जवानों में खासा जोश नजर आया। यहां बसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आईटीबीपी(ITBP) जवानों ने योगाभ्यास किया।अरुणाचल प्रदेश के लोहितपुर में भी आईटीबीपी(ITBP) के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) से पहले योग का अभ्यास किया। आईटीबीपी(ITBP) के एनिमल ट्रेनिंग स्कूल( ATS) में योग का अभ्यास किया गया।उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में योग दिवस को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। 21 जून को यहां भव्य तरीके से योग दिवस मनाया जाएगा।आज इसके लिए सात दिवसीय योग कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जमकर योग का अभ्यास किया।कैसे बना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों की वजह से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने 11 दिसंबर 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाने का ऐलान किया था। 7 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने योद दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया था। भारत की ओर से आए इस प्रस्ताव को 170 से भी अधिक देशों का समर्थन मिला था। संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी प्रस्ताव को 170 से अधिक देशों का समर्थन मिला हो।जिसके बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया गया।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Shashankp

June 19, 2019 06:45 UTC


‘एक देश एक चुनाव’ का मायावती ने किया विरोध, EVM को भी लोकतंत्र और संविधान के लिए बताया खतरा

मायावती ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, 'किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकता और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है. उन्होंने ईवीएम को भी चुनावी प्रक्रिया के लिए नुक़सानदायक बताते हुए कहा कि मतपत्र के बजाए ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने की सरकार की जिद से देश के लोकतंत्र तथा संविधान को असली खतरा है. मायावती ने ‘एक देश एक चुनाव' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी बसपा के शामिल नहीं होने का स्पष्ट संकेत भी दिया. मायावती ने लगाया सरकार पर आरोप, ट्वीट कर लिखा- 'लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में दलितों-अल्पसंख्यकों पर...'उन्होंने कहा कि चुनाव की साझा तारीख के लिए सदनों के कार्यकाल को विस्तार देने के लिए एक प्रावधान की आवश्यकता हो सकती है. पूर्व निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि यह अनुमान लगाना बड़ा कठिन है कि इस मसले पर सभी राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनेगी या नहीं.

Source:NDTV

June 19, 2019 06:33 UTC


मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने सूरत की कंपनी के 6,000 व्हीकल किए कुर्क

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बताया कि उसने सूरत की एक कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लगभग 1,610 करोड़ रुपये की कीमत के 6,000 से अधिक व्हीकल को जब्त किया है।ये भी पढ़ें: कार डीलर से Car Insurance खरीदना नहीं है फायदे का सौदा, जानिए क्‍या हैं इसके घाटेईडी ने सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक लिमिटेड (SVLL) और इसके डायरेक्टर रूपचंद बैद के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत संपत्ति की कुर्की के लिए एक आदेश जारी किया। इससे पहले बैद को इस मामले में ईडी ने 836.29 करोड़ रुपये की बैंक ऑफ महाराष्ट्र लोन फ्रॉड मामले में कथित रूप से शामिल होने पर गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया कि 1,609.78 करोड़ रुपये की कीमत के कुल 6,170 व्हीकल लेटेस्ट ऑर्डर में कुर्क किए गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने जून, 2017 में कंपनी की 19 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की थी।ये भी पढ़ें: ट्रेन से भी सस्ता है GoAir का हवाई टिकट, महज 899 रुपये में करें यात्राप्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि उसने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर कंपनी और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। अब तक की गई जांच से पता चला है कि नकली दस्तावेजों के आधार पर कर्मचारियों और ड्राइवरों के नाम पर कर्ज लिया गया और एसवीएलएल ने उनको इसके बारे में कुछ नहीं बताया जांच में यह भी पता चला है कि बैद ने विभिन्न संस्थाओं के अकाउंट के जरिए इन लोन की पेमेंट की।ईडी के अनुसार बैंकों से विभिन्न स्कीम के तहत लोन लिया गया, जिसमें 'चालाक से मलिक' स्कीम भी शामिल है। इन स्कीम के जरिए पुराने और नए व्हीकल की खरीद के लिए एसवीएलएल के ड्राइवरों और कर्मचारियों के नाम पर लोन लिया गया था। ईडी ने बताया कि लोन का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया था, जिसके लिए लोन लिया गया था बल्कि एसवीएलएल और उससे जुड़ी संस्थाओं के अकाउंट के जरिए पैसा इधर उधर किया गया था। उसके बाद में पैसे को निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया, कंपनी का खर्च उठाया गया और पुराने कर्जों को पूरा किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में बैद ने मुख्य भूमिका अदा की थी।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Sajan Chauhan

June 19, 2019 06:33 UTC


छत्तीसगढ़ / बीजापुर में नक्सलियों ने सपा नेता को घर से अगवा किया, हत्या कर शव सड़क पर फेंका

नक्सलियों ने संतोष पुनेमा का मरिमल्ला गांव स्थित घर से अपहरण किया थासंतोष पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजापुर से लड़े थे, वह हार गए थे9 अप्रैल को बस्तर से एकमात्र भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी थीDainik Bhaskar Jun 19, 2019, 02:42 PM ISTबीजापुर. सपा नेता संतोष पुनेमा की नक्सलियों ने घर से अगवाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क पर फेंक दिया। घटना मंगलवार देर शाम की है। संतोष पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजापुर सीट से लड़े थे और हार गए थे।बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सड़क निर्माण और दूसरे विकास कार्यों के चलते संतोष नक्सलियों के निशाने पर थे।अभी तक पुलिस शव हासिल नहीं कर पाईबीजापुर एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि मंगलवार को संतोष अपने पैतृक गांव मरिमल्ला गए थे। देर शाम हथियारबंद नक्सली उनके घर पहुंचे और उन्हें अगवा कर लिया। बुधवार सुबह संतोष का शव सड़क पर फेंक दिया। हालांकि, अभी तक पुलिस और परिजनों को शव नहीं मिल पाया है, क्योंकि जिस जगह यह शव पड़ा है वह दूर-दराज का नक्सल प्रभावित इलाका है।लोकसभा चुनाव से पहले की गई थी मंडावी की हत्यालोकसभा चुनाव से पहले 9 अप्रैल को बस्तर से एकमात्र भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। श्यामागिरी में आईईडी विस्फोट कर मंडावी के काफिले को उड़ाया गया था। हमले में 4 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

June 19, 2019 06:27 UTC


पढ़िए- पूर्व BJP सांसद का दर्द, पति गए जेल; पत्नी ने सब्जी बेचकर बच्चों को पाला

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। आपातकाल का नाम आते ही 25 जून, 1975 की रात का काला मंजर लोगों की आंखों के सामने आ जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ आवाज उठाने की हिमाकत करने वालों को जेल की कोठरियों में बंद कर दिया गया था। शारीरिक और मानसिक यातनाएं इस तरह दी गईं कि उसे याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घोंडा में रहने वाले लाल बिहारी तिवारी (78) को पुलिस ने रातों रात घर से उठाकर जेल में बंद कर दिया। इस बीच घर की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब हो गई कि उनकी पत्नी को परिवार चलाने के लिए सब्जियां तक बेचनी पड़ी।आपातकाल के बाद तिवारी आगे चलकर विधायक और सांसद भी बने। उन्होंने बताया कि वह जनसंघ के कार्यकर्ता थे। जून 1975 में दिल्ली के रामलीला मैदान में जय प्रकाश नारायण की एक सभा हुई। इसमें जनसंघ, ओल्ड कांग्रेस सहित विभिन्न दल शामिल हुए। सभी ने एक आवाज में इंदिरा गांधी को कुर्सी से हटाने का आह्वान किया। अदालत ने इंदिरा गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। 25 जून की रात 12 बजे देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया। जनसंघ समेत अन्य गैर कांग्रेसी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को घर, ऑफिस समेत अन्य जगहों से पुलिस गिरफ्तार कर जेल में बंद करने लगी। चूंकि तिवारी खुद जनसंघ के कार्यकर्ता थे, ऐसे में आपातकाल लगते ही वह अलग-अलग इलाकों में रहकर इंदिरा के खिलाफ अभियान चलाते रहे।जुलाई 1975 में उन्हें किसी ने सूचना दी कि उनके बेटे रवि तिवारी की तबीयत बहुत खराब है। वह रात के समय छिपते हुए घर पर बेटे को देखने पहुंचे। उसी दिन पुलिस ने छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी कमाई से घर खर्च चलता था। उनके परिवार में पत्नी विंदेश्वरी देवी के अलावा छह बच्चे थे। परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया।दोस्त और रिश्तेदारों ने छोड़ दिया था साथलाल बिहारी तिवारी ने बताया कि पुलिस उन्हें डीआइआर के तहत गिरफ्तार कर शाहदरा थाने लेकर गई। यहां दो दिनों तक उन्हें लॉकअप में रखकर बहुत मारा गया। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल में बंद कर दिया। वह जेल में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, चौधरी चरण सिंह समेत बड़े नेताओं के साथ भी रहे। जेल में बहुत यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने इंदिरा का विरोध करना नहीं छोड़ा। 19 महीने में जेल से रिहा हुए। वह जब जेल गए तो रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने परिवार का साथ पूरी तरह से छोड़ दिया।आपातकाल के बाद चमकी किस्मतआपातकाल के बाद तिवारी की किस्मत खूब चमकी। पहली बार वह जून 1993 में घोंडा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से चुनाव लड़े और जीत गए। कुछ ही महीनों के बाद उन्हें खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बनाया गया। वह तीन बार सांसद भी रहे। उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ ही एचकेएल भगत को भी हराया। मौजूदा समय में वह दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य हैं।जेल में लगाई संघ की शाखातिवारी ने बताया कि तिहाड़ जेल के वार्ड नंबर 13 में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवी बंद किए गए थे। कई सप्ताह तक पुलिस ने तरह-तरह की यातनाएं दीं, लेकिन लोगों का हौसला नहीं टूटा। जेल में बंद होने के करीब तीन महीने के बाद उन्होंने इसी वार्ड में संघ की शाखा लगानी शुरू कर दी।जेल जाते ही चली गई थी नौकरीतिवारी दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार में लीगल मैनेजर थे। जैसे ही विभाग को उनकी गिरफ्तारी की खबर लगी उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया। जेल में कोई काम नहीं कराया जाता था। आपातकाल खत्म होने के बाद देश में नई सरकार बनी और उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया।दिल्ली-NCR की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिकलोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: JP Yadav

June 19, 2019 06:11 UTC


तेलंगाना का यह शख्स करता है डोनाल्ड ट्रंप की भक्ति, जन्मदिन पर 6 फीट की मूर्ति का किया उद्घाटन

खास बातें तेलंगाना में एक शख्स ने ट्रंप की 6 फीट की मूर्ति का उद्घाटन किया शख्स ने दूध से ट्रंप की मूर्ति का अभिषेक किया और माथे पर तिलक लगाया भारत और अमेरिका को अपनी भक्ति से साथ लाना है इस शख्स का उद्देश्यअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कई बार भारत के प्रति अपने नरम रुख के बारे में बता चुके हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व सैनिक को बनाया नया रक्षा मंत्री, बोले - वह बहुत अच्छा काम करेंगे14 जून को डोनाल्ड ट्रंप का 73वां जन्मदिन था. शख्स ने दूध से ट्रंप की मूर्ति का अभिषेक किया और फिर उनके माथे पर तिलक लगाया. ट्रंप की इस मूर्ति को सूट पहनाकर तैयार किया गया है और उसे माला भी पहनाई गई है. उन्होंने बताया कि वह बाकी हिंदू देवताओं के साथ ही रोज इस फोटो की पूजा करते हैं.

Source:NDTV

June 19, 2019 06:00 UTC


BJP सांसद का दावा दिल्ली में 'तेजी से बढ़' रही हैं मस्जिदें, LG को खत लिखकर कहा- आम लोगों को परेशानी होती है

पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने दावा किया है कि उनके संसदीय क्षेत्र सहित शहर के कई भागों में सरकारी जमीन और सड़कों पर मस्जिदें ‘तेजी से बढ़' रही हैं. उन्होंने कहा कि इससे यातायात ‘प्रभावित' हो रहा है और जनता को ‘असुविधा' हो रही है. उन्होंने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, 'मैं पूरी दिल्ली लेकिन खासकर मेरे संसदीय क्षेत्र (पश्चिम दिल्ली) के कुछ खास भागों में सरकारी जमीन, सड़कों तथा एकांत स्थानों पर मस्जिदों के तेजी से बढने के एक खास तरीके के रुख से अवगत कराना चाहता हूं.' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले को ‘गंभीरता' से लिया जायेगा और उपराज्यपाल के कार्यालय द्वारा ‘तत्काल कार्रवाई' सुनिश्चित की जायेगी. (इनपुट- भाषा)नमाज के दौरान पिता के कंधे पर चढ़ गई बेटी, ऊपर चढ़कर ऐसे मारी गुलाटी... देखें Cute VideoVideo: मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश और नमाज पढ़ने के लिए याचिका

Source:NDTV

June 19, 2019 05:15 UTC


Tags
Cryptocurrency      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       VMware

Loading...