जियो ने बढ़ाया टैरिफ, वोडाफोन आइडिया, एयरटेल भी तैयार, जानें कितना महंगा हो जाएगा आपका प्लान

हाइलाइट्स रिलायंस जियो के आगमन से छिड़ी प्राइस वॉर से नुकसान की भरपाई की तरफ बढ़ रहीं टेलिकॉम कंपनियांएयरटेल और वोडाफोन आइडिया के पास टैरिफ में 30% तक की वृद्धि करने की गुंजाइशरिलायंस जियो ने दूसरी कंपनियों पर कॉल करने पर 15% का चार्ज वसूलना शुरू कियाबुधवार को सरकार ने इंडस्टी को स्पेक्ट्रम पेमेंट पर दो साल की छूट देने का ऐलान कियासांकेतिक तस्वीर।टेलिकॉम इंडस्ट्री मेंरिलायंस जियो के आने के बाद से बेहद सस्ते प्लान का आनंद ले रहे मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स को अब अपनी जेबें थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेंगी। जियो ने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल पर चार्ज लगाकर दाम बढ़ाने की जो प्रक्रिया शुरू की तो प्राइस वॉर से बेहाल एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इसे मौका मानकर दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इस ऐलान के बाद जियो ने कहा कि वह फिर से अपने प्लान महंगा करेगा, लेकिन धीरे-धीरे।अगर रिलायंस जियो अगले कुछ हफ्ते में टैरिफ बढ़ाती है तो भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के पास भी 30% तक की बढ़ोतरी करने की गुंजाइश होगी। विश्लेषकों का कहना है कि ये दोनों कंपनियां अगले तीन महीनों में यह बढ़ोतरी लागू कर सकती है। उनका मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो टेलिकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर से नुकसान झेल चुकी कंपनियों को भरपाई करने का मौका मिल जाएगा।क्रेडिट सुइस ने एक नोट में कहा, 'जियो की संभावित 15% वृद्धि और दूसरे नेटवर्क पर कॉल के लिए 15% की हो चुकी वृद्धि के मद्देनजर एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए टैरिफ में औसतन 30% के इजाफे की गुंजाइश बन गई है।' हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि मुकेश अंबानी की जियो दूसरे दौर की वृद्धि को लेकर बेहद सतर्कता बरतेगी क्योंकि उसे पता है कि जब से उसने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल के लिए चार्ज करना शुरू किया तब से पुरानी टेलिकॉम कंपनियों और उसके बीच का प्राइस गैप घटकर बहुत कम रह गया है।तीन साल पहले आश्चर्यजनक रूप से सस्ते प्लान के साथ आई रिलायंस जियो ने मंगलवार को कहा कि वह रेग्युलेटर ट्राइ के निर्देश पर टैरिफ में इस तरह वृद्धि करने को तैयार है जिससे इंटरनेट डेटा की खपत और डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। सोमवार को वोडाफोन और एयरटेल ने अगले महीने से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था।जेफ्रीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 'प्राइसिंग पर जियो के साथ बातचीत के बाद ट्राई के कंसल्टेशन पेपर को देखना महत्वपूर्ण होगा।' रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों टेलिकॉम कंपनियों की टैरिफ में वृद्धि की योजना सेक्टर की वित्तीय सेहत के लिए तभी फायदेमंद हो सकती है जब यह वृद्धि कम-से-कम 20% की हो और कंपनियों को सरकार की तरफ से भी कुछ राहत मिल जाए।सिटी रिसर्च ने कहा कि जियो का कदम सेक्टर की आर्थिक मजबूती के लिहाज से एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। इसने कहा कि जियो के कदम से प्राइस वॉर के कारण सेक्टर को हुए नुकसान की भरपाई करने की शुरुआत होगी। सिटी रिसर्च ने भी माना है कि नुकसान की कितनी भरपाई हो पाएगी, यह वृद्धि के दायरे और सरकारी राहत पर निर्भर करेगी।क्रेडिट सुइस का आकलन है कि एयरटेल और वोडा आइडिया का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) 2022 तक 55% बढ़कर क्रमशः 198 रुपये और 166 रुपये हो जाएगा। इस मार्केट रिसर्च कंपनी का कहना है कि सरकार की नजर टेलिकॉम सेक्टर की वित्तीय सेहत सुधारने पर है और इस प्रयास में जियो भी भागीदारी निभाने को तैयार दिखती है। एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने सितंबर तिमाही में क्रमशः 128 रुपये और 107 रुपये का ARPU घोषित किया था।मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि एयरटेल और वोडाफोन ने जब कहा कि टेलिकॉम इंडस्ट्री अपेक्षा से ज्यादा तेज गति से आत्मसुधार करेगी तो जियो ने भी टैरिफ बढ़ाने का मन बना चुकी है। पुरानी टेलिकॉम कंपनियां लगातार कह रही हैं कि 7 लाख करोड़ रुपये के कर्ज तले दबी इंडस्ट्री को उबारने के लिए ऊंची टैरिफ और सरकार की तरफ से टैक्स एवं अन्य मदों में मांग में कटौती की सख्त दरकार है।बहरहाल, इंडस्ट्री को बुधवार शाम सरकार की तरफ से एक खुशखबरी मिल चुकी है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी की मीटिंग में दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम पेमेंट पर दो साल की छूट देने का फैसला किया गया। वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 का स्पेक्ट्रम पेमेंट टाले जाने से भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो को 42 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। हालांकि, टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को ही लोकसभा में स्पष्ट कहा कि एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की देनदारी पर तुरंत कोई राहत देने पर विचार नहीं हो रहा है।

November 21, 2019 06:03 UTC


Virat Kohli On Ind Vs Ban Pink Ball Test: इंडिया वस बांग्लादेश पिंक बॉल टेस्ट मैच: विराट कोहली ने भी माना, पिंक बॉल से खेलना होगी चुनौती

हाइलाइट्स भारत और बांग्लादेश के बीच सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 नवंबर से कोलकाता मेंपिंक बॉल से डे-नाइट फॉर्मेट में खेला जाएगा कोलकाता टेस्ट, देश में पहली बार पिंक बॉल से टेस्टविराट बोले, मैच का पहला सेशन थोड़ा मुश्किल होगा, देखना होगा कि किस तरह खिलाड़ी खेलेंगेविराट बोले, टेस्ट क्रिकेट को हमेशा ऊपर रखने को लेकर बीसीसीआई काम कर रहा है"काफी अच्छा मौका है। हम पिंक बॉल टेस्ट को लेकर उत्साहित हैं। यह हमारे लिए नया चैलेंज है। इससे पहले ईडन में इतना उत्साह भारत-पाक मैच को लेकर था, जो हम वर्ल्ड कप में खेले थे। वहां पर तब भी बड़े-बड़े दिग्गज आए थे। उस तरह का ही माहौल होगा। अगर आप बैटिंग या बोलिंग भी कर रहे हैं, तो जो बैट्समैन जाएंगे बाहर उनके लिए पूरा सपॉर्ट होगा। बोलर के लिए 80 हजार लोग चियर कर रहे होंगे।" -विराट कोहली, टीम इंडिया के कैप्टन7 पॉइंट्स में जानिए पिंक बॉल, जिससे टीम इंडिया अपना पहला डे-नाइट टेस्ट खेलने जा रही हैकोलकाता भी हुआ 'गुलाबी' बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच शुक्रवार से कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान में खेलेगी। इस मैच के लिए कोलकाता शहर भी तैयार है।हावड़ा ब्रिज भी पिंक बॉल टेस्ट से पहले रंगीन रोशनी में नहाया नजर आया। लाइट से गुलाबी, सफेद और नीले रंग से इसे सजाया गया है।(सभी तस्वीरें- सोशल मीडिया से)कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में होने वाले इस टेस्ट मैच के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। दर्शकों के उत्साह का आलम यह है कि मैच के शुरुआती 4 दिन के टिकट पहले ही बिक चुके हैं।कोलकाता शहर के कुछ इमारतों का रंग भी गुलाबी हो गया। इसमें लाइट्स के जरिए गुलाबी रंग की रोशनी की गई। इसके अलावा सौरभ गांगुली, ममता बनर्जी की तस्वीरें भी नजर आईंकोलकाता शहर के क्लॉक हाउस पर भी गुलाबी रोशनी की गई।कोलकाता का एक बड़ा अस्पताल भी गुलाबी रोशनी से जगमग किया गया है।कोलकाता शहर के प्रमुख स्थानों पर गुलाबी रोशनी की गई है। 'सिटी ऑफ जॉय' के नाम से मशहूर इस शहर को पिंक बॉल टेस्ट से पहले गुलाबी-गुलाबी कर दिया गया है।इसके अलावा कोलकाता शहर में बैनर भी लगाए गए हैं। वहीं, लाइट्स के जरिए तस्वीरें दिखाई गईं।"पिंक बॉल से खेलना इतना आसान नहीं है। बोलर को काफी बूस्ट मिलेगा। पहला घंटा बहुत एक्साइटिंग होगा। एनर्जी इतनी हाई होगी और लोगों को भी बहुत मजा आएगा।" -विराट कोहलीऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भारतीय बल्लेबाजों की 5 सर्वश्रेष्ठ पारियां शुक्रवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और न्यू जीलैंड के बीच टेस्ट मैच शुरू हुआ है। भारत के लिए यह मैच इसलिए भी खास है क्योंकि यह घरेलू धरती पर टीम इंडिया का 250वां टेस्ट है। इस मौके पर आइए जानते हैं, इस ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों द्वारा खेली गईं 5 सर्वश्रेष्ठ पारियां...वीवीएस लक्ष्मणः ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 281 रन2001 में ईडन में हुए इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए और भारत को फॉलो-ऑन का सामना करना पड़ा। भारत 222 रनों से पीछे था, लेकिन इसके बाद 'वैरी वैरी स्पेशल' लक्ष्मण इतिहास बनाने वाले थे। लक्ष्मण ने इस मैच में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का रेकॉर्ड खड़ा किया था, जिसे सहवाग ने तीन साल बाद तोड़ा। लक्ष्मण की 281 रनों की पारी से भारत ने ना सिर्फ मैच में वापसी की बल्कि मैच जीता भी।राहुल द्रविड़ः ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 180 रनों की पारीमार्च, 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए ईडन के टेस्ट को लक्ष्मण के 281 रनों और हरभजन की हैट्रिक के लिए जाना जाता है, लेकिन हम इस मैच में राहुल की शानदार 180 रनों की पारी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। भारतीय टीम की इस दीवार के लिए हालांकि, यह कोई नई बात नहीं थी।मोहम्मद अजहरुद्दीनः ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 163 रनों की पारी1997/98 में टीम ऑस्ट्रेलिया भारत के दौरे पर थी। सीरीज का पहला मैच चेन्नै में हुआ था और वह भारत जीत चुका था। अगले मैच में भी भारतीय टीम ने मेहमानों को नहीं बख्शा। इस मैच की पहली इनिंग में भारत ने मेहमानों को सिर्फ 233 रन पर समेट दिया और फिर 633 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इसमें अजहरुद्दीन के नॉट आउट 163 रनों की पारी शरीक थी, जिसमें 18 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस पारी को मिलाकर, ईडन में खेले गए 6 मैचों में अजहर ने अपना 5वां शतक लगाया था।वीरेंद्र सहवागः दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तेजतर्रार 165 रनफरवरी (2010) में मेहमान दक्षिण अफ्रीका के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज थी, जिसका पहला मैच भारत पहले ही गंवा चुका था। ईडन में हुए दूसरे मैच में वीरू ने पहली इनिंग में अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल दिखाते हुए महज 87 गेंदों में ही शतक पूरा कर लिया था। भारत ने यह मैच जीतकर प्रोटीज से सीरीज बराबर की थी।रोहित शर्माः वेस्ट इंडीज के खिलाफ 177 रननवंबर, 2013 में विंडीज भारत के दौरे पर था और दोनों देशों के बीच 2 टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मैच ईडन में खेला गया। रोहित शर्मा ने इसी मैच से टेस्ट करियर में अपना पहला कदम रखा। पहली इनिंग में जब रोहित पिच पर आए तब तक भारत महज 82 रन पर अपने 4 विकेट खो चुका था, लेकिन भारतीय पारी को बल दिया रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी ने। भारत इस मैच में एक पारी और 51 रनों से जीता।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विराट कोहलीभारतीय कप्तान विराट कोहली ने टीम के पिंक बॉल टेस्ट मैच से एक दिन पहले कहा कि इस गेंद से खेलना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब डे-नाइट फॉर्मेट में टेस्ट मैच खेला जाएगा, इसलिए थोड़ा चुनौती भरा है। कैप्टन कोहली ने रोमांच के लिए मामले में पिंक बॉल टेस्ट की तुलना भारत-पाकिस्तान के वर्ल्ड कप मैच की। उन्होंने कहा कि कोलकाता टेस्ट के शुरुआती 4 दिन के टिकट बिक गए हैं और दर्शकों में ऐसा उत्साह ईडन गार्डन्स में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए वर्ल्ड कप मैच के बाद पहली बार दिख रहा है। भारत और

November 21, 2019 05:52 UTC


Royal Enfield May Stop Selling 500CC Bikes In India: रॉयल एनफील्ड भारत में बंद कर सकता है 500CC वाली बाइक्स

रॉयल एनफील्ड क्लासिक 500Royal Enfield भारतीय बाजार में 500सीसी वाली बाइक्स बंद कर सकता है। एचटी मिंट की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। भारत में कंपनी 500 सीसी इंजन के साथ Bullet 500, Classic 500 और Thunderbird 500 बाइक्स बेचती है। एचटी मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा इंजन को बीएस6 एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप अपग्रेड करने की ज्यादा लागत और कम डिमांड के चलते इन बाइक्स को बंद किया जा सकता है।रिपोर्ट में कहा गया है, 'इसके बजाय कंपनी अपनी 350cc रेंज की मोटरसाइकल्स को अपग्रेड करेगी, जिनकी काफी डिमांड है।' चूंकि रॉयल एनफील्ड के 350सीसी वाले मॉडल आने वाले नए नॉर्म्स को पूरा नहीं करते, इसलिए कंपनी नए इंजन के साथ 350सीसी वाली बाइक्स की नई और अपडेटेड रेंज भारत में लाएगी।रिपोर्ट में कहा गया है, '500 सीसी की बाइक्स को शुरुआत में एक्सपोर्ट मार्केट के लिए बनाया गया था। भारत में 500सीसी मोटरसाइकल की मांग तब बढ़ी, जब कंपनी ने 2009 में एक नए लाइटवेट यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करके इसे फिर से लॉन्च किया।'रॉयल एनफील्ड के अनुसार, कंपनी अपनी योजनाओं के साथ ट्रैक पर है और अनिवार्य समय सीमा में पोर्टफोलियो के बाकी हिस्सों के साथ इसे बदल देगी। हालांकि, कंपनी ने अपनी 500सीसी बाइक्स को बंद करने की पुष्टि नहीं की और कहा कि वे समयबद्ध तरीके से घोषणाएं करेंगे।

November 21, 2019 05:37 UTC


tourists visiting ayodhya: अयोध्‍या: रामलला के मंदिर व विशाल प्रतिमा से बढ़ेंगे 10 गुना पर्यटक - numbers of tourists visiting ayodhya will grow 10 fold after ram mandir and statue of lord rama is buil

प्रतीकात्‍मक चित्रयोगी आदित्यनाथ सरकार अयेाध्या को अंतरराष्‍ट्रीय स्तर की पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने के लिए योजनाएं शुरू कर रही है। इससे उम्‍मीद है कि यहां आने वाले देशी व विदेशी पर्यटकों की संख्या मे तेजी से इजाफा होगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव के मुताबिक तीन बड़ी परियोजनाएं जमीन पर उतरने के बाद पर्यटकों की संख्या में 10 गुना बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।उन्होनें बताया कि राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के साथ देश-विदेश के लोग धार्मिक भावना से ओतप्रोत होकर यहां पहुंचेंगे। इसी के साथ ही प्रभु राम की विश्व की सबसे ऊंची 251 मीटर की प्रतिमा देशी व विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगी। कोरियाई रानी के पार्क पर भी काम जल्द शुरू होगा। यह भी देश-विदेश के पर्यटकों को लुभाएगा।सांसद लल्लू सिंह का कहना है कि अयोध्या को नए तौर पर विकसित करने के साथ इसकी धार्मिक व सांस्कृतिक महत्ता को भी संरक्षित रखा जाएगा। प्रयास यह किया जा रहा है कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को हाइवे के तौर विकसित करने के साथ इसके क्षेत्र में पड़ने वाले 100 से अधिक उपेक्षित धार्मिक व पौराणिक स्थलों को भी विकसित किया जाए। इससे बाहर से आने पर्यटक यहां कई दिनों तक रूक कर इनको देख सकेंगे।पर्यटन अधिकारी का कहना है कि प्रभु राम की विशाल प्रतिमा के प्रॉजेक्‍ट के लिए जमीन खरीद का काम शुरू करने के लिए पांच सदस्यीय कमिटी गठित की गई है। यह मीरपुर मांझा इलाके की जमीन का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट जल्द देगी । उसी के बाद जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 2017 में दीपोत्सव के आयोजन के आकर्षण से पर्यटकों की संख्या 17573559 पहुंच गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के मुताबिक इस साल पर्यटकों की संख्या में जबर्दस्‍त इजाफा होने की उम्मीद है। इस साल के दीपोत्सव के भव्य आयोजन व राम मंदिर के पक्ष मे आए फैसले को लेकर पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो रही है।रामायण मेला समिति के तत्वाधान में आयोजित अयोध्या का 38वां रामायण मेला रामकथा पार्क अयोध्या में 30 नवंबर को शुरू होकर 03 दिसंबर तक चलेगा। इसमें प्रतिदिन रामलीला, रामकथा, संगोष्ठी आदि का आयोजन होगा व सायं सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान 01 दिसम्बर को अयोध्या के विभिन्न मन्दिरों से राम बरात निकाली जाएगी।

November 21, 2019 05:26 UTC


Xiaomi phone blast - शाओमी के स्मार्टफोन में लगी आग, कंपनी के जवाब से कस्टमर हैरान

स्मार्टफोन ब्लास्ट और डिवाइसेज में आग लगने जैसी घटनाएं कम हों, इसके लिए टेक्नॉलजी पहले से बेहतर की गई है लेकिन आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। अब मुंबई में शाओमी यूजर ने आरोप लगाया है कि किसी मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट के चलते उसके Redmi Note 7S स्मार्टफोन में आग लग गई। यूजर की ओर से डिवाइस की कुछ तस्वीरें भी फेसबुक पर शेयर की गई हैं, जिनमें फोन का निचला हिस्सा पूरी तरह जला नजर आ रहा है।मुंबई के रहने वाले ईश्वर चाव्हाण ने सोशल साइट फेसबुक पर अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि उनके Redmi Note 7S में कैसे आग लग गई। ईश्वर के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट से बीते 1 अक्टूबर को यह स्मार्टफोन खरीदा था और 2 नवंबर तक यह ठीक से काम करता रहा। यूजर का कहना है कि उसका डिवाइस टेबल पर रखा था और वह ऑफिस में काम कर रहा था, तभी उसे कुछ जलने की बदबू आई। यूजर का कहना है कि उसकी नजर डिवाइस पर पड़ी तो उससे धुआं निकलता दिखा।ईश्वर का दावा है कि जब Redmi Note 7S में आग लगी तो न ही वह चार्जिंग पर लगा था और न ही कभी गिरा था। फोन बुरी तरह जलने के चलते यूजर अपना सिम कार्ड भी नहीं निकाल पाया और उसने ठाणे में शाओमी के ऑथराइज्ड स्टोर में इसकी शिकायत की। यूजर ने पोस्ट में लिखा, शाओमी ने करीब पांच दिन तक स्मार्टफोन की जांच की और उनसे कहा कि डिवाइस की बैटरी में कोई गड़बड़ी मिली। ईश्वर का दावा है कि ऐसा किसी मैन्युफैक्टरिंग डिफेक्ट की वजह से हुआ है। शाओमी प्रॉडक्ट के अलावा कंपनी की आफ्टर-सेल्स सर्विसेज से भी यूजर ने नाखुशी जाहिर की है।शाओमी ने गैजेट्स नाउ हिंदी से इस मामले पर बात करते हुए कहा, 'शाओमी के लिए प्रॉडक्ट्स की क्वॉलिटी सबसे इंपॉर्टेंट है। Mi फैन्स ने पिछले पांच साल से हमपर भरोसा जताया है। हमें गर्व है कि देश में हमारे पास सबसे बड़ा आफ्टर-सेल्स नेटवर्क है और हम कस्टमर से जुड़े इशूज तेजी से सॉल्व करते हैं। इस मामले में पूरी जांच के बाद सामने आया है कि Redmi Note 7S में डैमेज बाहर से पड़े दबाव के चलते हुआ है, ऐसे में यह कस्टमर की वजह से हुआ डैमेज में आता है।' जाहिर सी बात है, इस मामले में शाओमी ने कस्टमर को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट डिवाइस में नहीं था।

November 21, 2019 04:52 UTC


अमिताभ बच्चन ने शेयर किया डांस करती हुई महिलाओं का वीडियो, फैन्स बोले - ये नकली है सर

फर्जी वीडियो पर कमेंट कर बैठे अमिताभ, प्रशंसकों ने सुधाराबॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक वीडियो को शेयर कर उस पर कमेंट किया, जिसके बाद उनके प्रशंसकों ने उन्हें इसके फर्जी होने की बात कही. वीडियो में चीनी महिलाएं एक के पीछे एक कॉआर्डिनेट कर डांस करती दिखाई दे रही हैं. वीडियो को चीन का बताया जा रहा है. डांस करती महिलाओं के वीडियो पोस्ट को शेयर करते हुए अमिताभ ने अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया, "वाह..यहां तक कि इनके बाल भी एक साथ-हिल रहे हैं." उनके एक प्रशंसक ने उनकी गलती पर उन्हें ठीक किया, "यह फर्जी वीडियो है सर.. सिर्फ अच्छे ढंग से एडिट किया गया है, और कुछ नहीं."

Source:NDTV

November 21, 2019 04:18 UTC


Stock picks: Why Ashok Leyland Became Interesting Stock? अशोक लीलैंड क्यों बना दिलचस्प शेयर?

दिलचस्प बन गया है अशोक लीलैंड का शेयर।कमर्शल वीइकल्स के मौजूदा फेज को लेकर ऐनालिस्टों में बनी अलग-अलग राय ने अशोक लीलैंड के स्टॉक में निवेश करना दिलचस्प बना दिया है। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, कंपनी के स्टॉक को 39 प्रतिशत एनालिस्टों ने बाय, 38 प्रतिशत ने होल्ड और 24 प्रतिशत ने सेल रेटिंग दी है। मई 2018 में इस पर 73 प्रतिशत ऐनालिस्टों ने बाय रेटिंग दी थी, जब स्टॉक की कीमत तत्कालीन साइकल के पीक पर थी। इस कारण सितंबर तिमाही के बाद कंपनी को ब्रोकरेजों की रिपोर्ट में अलग-अलग रेटिंग मिली। CLSA ने शेयर को बेचने की सलाह दी तो एमके ने अपग्रेड करते हुए निवेशकों से इसमें पैसा लगाने को कहा।ऐनालिस्टों को कमर्शल वीइकल्स (CV) के इस साइकल के मौजूदा फेज को समझने में मुश्किल हो रही है। वे अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि अभी चल रहे डाउन साइकल का यह बीच वाला दौर है या यह खत्म होने के करीब है। इस साइकल का यह फेज महत्वपूर्ण है क्योंकि अशोक लीलैंड के स्टॉक के डाउन साइकल के बॉटम के नजदीक जाने पर इसमें निवेश करने पर हिस्टोरिकली 2-3 गुना रिटर्न मिलता आया है। इस साइकल से स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल पता करने में भी मदद मिलेगी। इसके बॉटम तक पहुंचने का मतलब होगा कि अर्निंग ग्रोथ कम होने के बावजूद हाई वैल्यूएशन मल्टीपल के कारण अगले वित्त वर्ष में इसमें ग्रोथ होगी।आर्थिक सुस्ती के कारण पिछले एक साल से मीडियम और हेवी कमर्शल वीइकल (MHCV) की बिक्री घट रही है। सुस्ती के बीच इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्टस के ऑर्डर घटे हैं। सरकार ने भी एक्सल लोड बढ़ाया है, जिससे ट्रकों की सामान लादने की क्षमता में इजाफा हुआ है। सितंबर तिमाही में MHCV का एवरेज मंथली सेल्स वॉल्यूम घटकर 16,050 यूनिट पर आ गया। यह इस तिमाही से पहले के 12 महीनों के मंथली एवरेज का लगभग आधा है।कुछ एनालिस्टों का अनुमान है कि ट्रक साइकल बॉटम आउट होने के करीब है। अशोक लीलैंड का पीक-टू-ट्रफ रेशियो इस चक्र में 43 पर्सेंट घटा है, जो पिछली तीन डाउन साइकल में 43 पर्सेंट के एवरेज पर था। कंपनी के MHCV की एब्सॉल्यूट वॉल्यूम घटकर उस स्तर पर आ गया, जो 2003-2004 के दौरान मिलता था। इसलिए अगले कुछ महीनों तक मौजूदा वॉल्यूम में सीमित गिरावट ही होगी।अशोक लेलैंड होलसेल से अधिक रिटेल बिक्री पर जोर दे रही है। इससे कंपनी को स्टॉक घटाने में मदद मिली है। अशोक लीलैंड ने सितंबर तिमाही के नतीजे के बाद एनालिस्टों को बताया था कि उसकी इन्वेंटरी अक्टूबर में घटकर 1,320 यूनिट पर आ गई थी, जो जून में 2,750 यूनिट थी। स्क्रैपेज पॉलिसी आने और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार होने में देरी से MHCV की बिक्री बढ़ सकती है। कॉरिडोर की देरी माल की आवाजाही का भार रेल से रोड पर शिफ्ट करेगी, जिससे इन वीइकल्स की मांग बढ़ेगी।

November 21, 2019 04:07 UTC


अमेरिका से डिपोर्ट हुए 145 भारतीयों की दास्तां: 25-25 लाख गंवाए, कई दिन भूखे रहे, बंधे हाथ-पैर, फटे कपड़ों में लौटे

हाइलाइट्स अवैध रूप से घुसने की वजह से अमेरिका ने 145 भारतीयों और 25 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट कियाऐरिजोना से ढाका होते हुए नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह उतरे 145 भारतीयडिपोर्ट किए गए भारतीयों के हाथ-पैर बंधे हुए थे, आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद खोले गए हाथ पैर25-25 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका पहुंचे थे, डिटेंशन कैंपों में कई दिनों तक रहना पड़ा भूखा, फटे कपड़ों में लौटेअमेरिका जाने का सपना बन गया बुरा ख्वाबअमेरिका से कड़वीं यादों के साथ लौटे 145 भारतीयवे पढ़े-लिखे थे। उच्च शिक्षित थे। युवा थे। अमेरिका जाना और वहां काम करना उनका सपना था। वे वहां पहुंच भी गए। इसके लिए उन्होंने 25-25 लाख रुपये एजेंटों को अदा किए। कुछ ने काम करना भी शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि खूबसूरत जिंदगी का उनका सपना एक बुरे ख्वाब में तब्दील हो चुका है। अवैध रूप में अमेरिका में घुसने के आरोप में उन्हें वहां इमिग्रेशन अधिकारियों ने पकड़ लिया। उन्हें अवैध प्रवासियों के लिए बने डिटेंशन सेंटर में कैद कर लिया गया। आखिरकार उन्हें अमेरिका से भारत वापस भेज दिया गया।बुधवार सुबह वे नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरे। उनके हाथ और पैर बंधे हुए थे। प्लेन से उतरने से ठीक पहले उनके हाथ-पैर खोले गए। सपनों का पीछा करना उनके लिए जिल्लत का सबब बन गया था, लेकिन उनके चेहरे पर राहत के भी मिले-जुले भाव थे कि वे आखिरकार वतन लौट आए हैं। यह कहानी है उन 145 भारतीयों की, जिन्हें अमेरिका में अवैध तौर पर घुसने की वजह से भारत डिपोर्ट किया गया।21 साल के सुखविंदर सिंह ने करीब एक साल बाद मोबाइल फोन को हाथ से छुआ था। अपने पिता को फोन पर यह बताते हुए कि अगले 6 घंटों में वह घर पहुंच जाएंगे, वह बुरी तरह सिसकने लगे। पिता को यह सुनकर बहुत धक्का लगा। उन्होंने पूछा कि अमेरिका में सबकुछ ठीक तो था न। सुखविंदर को हरियाणा में अपने परिवार को यह बताते हुए शर्मिंदगी का अहसास हो रहा था कि अमेरिका के ऐरिजोना से उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया था और वह दिल्ली आ चुके हैं।दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह एक के बाद एक ये 145 भारतीय भीड़ के बीच फटे कपड़ों और बिना लैस के जूतों में बाहर आ रहे थे। इनमें 3 महिलाएं भी थीं। उन्हें अमेरिका के ऐरिजोना से डिपोर्ट किया गया था। उनके साथ 25 बांग्लादेशियों को भी डिपोर्ट किया गया था, इसलिए उन्हें लेकर आ रहा चार्टर्ड प्लेन ढाका में भी कुछ देर रुका था। करीब 24 घंटे लंबे सफर की वजह से उनके चेहरों पर थकान साफ दिख रही थी। इसके अलावा अमेरिका में डिटेंशन कैंपों में खाने-पीने, उठने-जागने को लेकर यातना जैसी पाबंदियों की वजह से वे बुरी तरह टूट चुके थे। सुखविंदर सिंह ने घरवालों को अपने आने की सूचना देने के बाद फैसला किया कि घर रवाना होने से पहले वह कुछ घंटे दिल्ली में अपने दोस्तों के साथ बिताएंगे।इनमें से कुछ लोग क्वॉलिफाइड इंजिनियर थे, लेकिन उनके पास नौकरी नहीं थी। उन्होंने अमेरिका पहुंचने के लिए एजेंटों को 25-25 लाख रुपये की बड़ी रकम अदा की थी। उन्हें उम्मीद थी कि वहां उन्हें अच्छी नौकरी मिलेगी। लेकिन उन्हें मिली जिल्लत। पिछले 5 महीनों से वे डिटेंशन सेंटरों में कैद थे। रमनदीप सिंह गाडा राहत की सांस लेते हुए कहते हैं, 'लंबे समय बाद किसी ने मुझे मेरे नाम से पुकारा है। इमिग्रेशन कैंपों में हमें हमारे नामों से नहीं, बल्कि नंबरों से बुलाया जाता था तो हमें दिया गया था।' गाडा बताते हैं कि वहां उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक होता था। वहां कई दिनों तक उन्हें भूखे भी रहना पड़ा क्योंकि भोजन में उन्हें कभी-कभी बीफ दिया जाता था जिसे वे धार्मिक वजहों से नहीं खा सकते थे।इन शर्मनाक अनुभवों के बावजूद इनमें से कई अपने सपनों के देश अमेरिका फिर जाना चाहते हैं। जसवीर सिंह कहते हैं, 'मेरा कजन करीब एक दशक पहले अमेरिका गया था और अब शानदार जीवन बिता रहा है। फेसबुक पर उसकी तस्वीरों को देखकर मैंने भी तय किया कि मुझे भी अमेरिका जाना है। लेकिन अब मेरे पास हिम्मत नहीं है कि मैं परिवार वालों का सामना करूं। उन्हें कौन सा मुंह दिखलाऊंगा। मैंने अभी अपने माता-पिता को यह नहीं बताया है कि मुझे डिपोर्ट कर दिया गया है। मैंने जीवनभर की उनकी बचत को अमेरिका जाने के लिए खर्च कर दिया।'पंजाब के गुरप्रीत सिंह मकैनिकल इंजिनयर हैं और उन्होंने साल भर पहले घर छोड़ा था। अमेरिका जाने का उनका सपना दुःस्वप्न साबित हुआ। वह बताते हैं, 'कई अन्य भारतीयों के साथ मुझे भी डिटेंशन सेंटर में रखा गया। शुरुआती कुछ हफ्तों तक तो हमें यह भी नहीं बताया गया कि हमें वहां क्यों रखा गया है।' गुरप्रीत आगे बताते हैं, 'कई हफ्तों बाद हमें बताया गया कि हमारे पास अमेरिका में प्रवेश करने या यहां रूकने के लिए उचित दस्तावेज नहीं हैं।'एक और युवा परमजीत सिंह ने बताया कि उनके पास जो कपड़े थे वे या तो चोरी हो गए या फिर उन्हें जब्त कर लिया गया। उन्हें पहनने के लिए ट्रैक पैंट दिया गया। उनके जूतों के फीतों तक को ले लिया गया। वह यह भी बताते हैं कि खाना खाने के लिए जब बुलाया जाता था, उस वक्त अगर कोई सोया है और इस वजह से नहीं पहुंच पाया तो उसे पूरे दिन भोजन नहीं दिया जाता था। इतना ही नहीं, दूसरे लोगों को भी सख्त चेतावनी दी जाती थी कि वे ऐसे लोगों के साथ अपना खाना शेयर न करें।

November 21, 2019 04:02 UTC


Lucknow Political News: बीएचयू: फिरोज खान के समर्थन में उतरे छात्र, 'धर्म के आधार पर मत बांटो' - students organisations hold march in support of muslim professor firoze khan at bhu

फिरोज खान के समर्थन में रैलीहाइलाइट्स बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में मुस्लिम प्रफेसर फिरोज खान के समर्थन में अब कुछ छात्रों ने रैली निकालीछात्रों ने कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव गलत, बीएसपी चीफ मायावती ने भी सरकार पर निशाना साधामायावती ने कहा, फिरोज खान को लेकर विवाद पर सरकार का ढुलमुल रवैया इसे वेवजह बढ़ा रहा हैछात्रों ने निकाला मार्चबीएचयू के संस्कृत विभाग में मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति पर विवाद, छात्र विरोध में धरने पर बैठेबनारस हिंदू विश्वविद्यालय ( बीएचयू ) में मुस्लिम प्रफेसर फिरोज खान के समर्थन में अब कुछ छात्रों ने रैली निकाली। छात्रों ने कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव गलत है। मुस्लिम प्रफेसर की नियुक्ति के विरोध मामले बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि पीएचडी स्कॉलर फिरोज खान को लेकर विवाद पर सरकार का ढुलमुल रवैया इसे वेवजह बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि टैलंट का मनोबल गिराने वाले किसी काम को इजाजत नहीं देनी चाहिए।बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, 'बनारस हिंदू केंद्रीय विवि में संस्कृत के टीचर के रूप में पीएचडी स्कॉलर फिरोज खान को लेकर विवाद पर शासन/प्रशासन का ढुलमुल रवैया ही मामले को बेवजह तूल दे रहा है। कुछ लोगों द्वारा शिक्षा को धर्म/जाति की अति-राजनीति से जोड़ने के कारण उपजे इस विवाद को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है।'उन्होंने आगे लिखा, 'बीएचयू द्वारा एक अति-उपयुक्त मुस्लिम संस्कृत विद्वान को अपने शिक्षक के रूप में नियुक्त करना टैलेंट को सही प्रश्रय देना ही माना जाएगा और इस संबंध में मनोबल गिराने वाला कोई भी काम किसी को करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। सरकार इस पर तुरंत समुचित ध्यान दे तो बेहतर होगा।'एक तरफ जहां संस्कृत विद्या धर्म संकाय के स्टूडेंट प्रफेसर फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे हैं वहीं बुधवार शाम को बीएचयू के ही दो छात्र संगठनों ने जॉइंट एक्शन कमिटी के बैनर तले बीएचयू के लंका गेट से रविदास गेट तक मार्च निकाला। इसमें एनएसयूआई और एआईएसए के छात्र शामिल थे।अपने मार्च में छात्रों ने 'कबीर दास की धरती पर फिरोज खान का स्वागत है', 'महामना की धरती पर फिरोज खान का स्वागत है', रविदास व तुलसीदास के धरती पर फिरोज खान का स्वागत है', और 'महामना की कामना सद्भावना-सद्भावना' के नारे लगाए। छात्रों ने कहा कि भारत जैसे देश में धर्म के आधार पर भेदभाव गलत है। आज भी ये छात्र भारत माता मंदिर पर जॉइंट एक्शन कमिटी और साझा संस्कृति मंच द्वारा फिरोज खान के समर्थन में सर्वधर्म सभा का आयोजन करेंगे।

November 21, 2019 03:56 UTC


ममता बनर्जी ने ओवैसी पर फिर बोला हमला, कहा- BJP के सबसे बड़े सहयोगी हैदराबाद से पैसों के बैग लेकर...

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एआईएमआईएम पर हमला बोलते हुए कहा कि हैदराबाद से पैसों के बैग लेकर यहां आ रहे और मुसलमानों का हमदर्द होने का दावा करने वाले नेता भाजपा के सबसे बड़े सहयोगी हैं. केवल बंगाल के नेता ही आपके हित के लिए लड़ सकते हैं. हैदराबाद से पैसों के बैग के साथ आने वाले नेता और खुद को मुसलमानों का हमदर्द बताने वाले भाजपा के सबसे बड़े सहयोगी हैं.'' ममता के इस बयान पर पलटवार करते हुए औवेसी ने कहा, "तृणमूल प्रमुख के राज्य में विकास के सूचकों पर मुसलमानों की हालत सबसे खराब है.'' Video: पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की राजनीति पर ममता बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी में ठनी

Source:NDTV

November 21, 2019 03:56 UTC


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