बिहार के इन 12 जिलों की पहचान हैं ये उन्नत किस्म के आम, यहां जानें नाम और खासियत

जहां लगभग हर जिले की पहचान वहां के एक खास आम से होती है, और इसलिए बिहार के लोग आम को सूंघकर भी बता सकते हैं कि आम मीठा है या नहीं. कृषि विभाग के अनुसार बिहार में 12 जिलों की पहचान 12 अलग-अलग किस्म के आमों से होती है. बक्सर का चौसाबिहार के बक्सर जिले का फेमस चौसा आम स्वाद के मामले में यह अन्य किस्म के आमों की अपेक्षा थोड़ा अलग होता है. मधेपुरा और कटिहार का मालदामधेपुरा और कटिहार का मालदा आम, बिहार के आमों की प्रसिद्ध किस्मों में से एक है. मुंगेर का चुरम्बा मालदामुंगेर के चुरम्बा मालदा आम को बिहार में आम का राजा माना जाता है.

May 20, 2024 07:17 UTC


To Stay or To Go: Decoding Chinese Enterprises’ ‘India Dilemma’

Overview of Chinese Companies in IndiaChinese companies have been active in India for at least the past two decades. From 2010 to 2016, Chinese companies entered areas such as consumer electronics, high-end services, pharma, factory machinery, and building materials. [35] The sheer size of the Indian market makes it almost impossible for Chinese enterprises to find an equivalent substitute. [71]In the power space, a 2021 Chinese survey highlighted that India’s policy changes had impacted Chinese power companies in different ways. A detailed breakdown of China’s investment in India)”, Baijiahao, June 30, 2022 [31] “印度电力市场分析及中国电力企业在印面临的机遇与挑战” (Analysis of the Indian power market and the opportunities and challenges faced by Chinese power companies in India),” Baijiahao, September 15, 2021, https://baijiahao.baidu.com/s?id=1710940414964643403&wfr=spider&for=pc [32] “印度电力市场分析及中国电力企业在印面临的机遇与挑战 (Analysis of the Indian power market and the opportunities and challenges faced by Chinese power companies in India).” [33] “印度电力市场分析及中国电力企业在印面临的机遇与挑战 (Analysis of the Indian power market and the opportunities and challenges faced by Chinese power companies in India).” [34] “中国企业为啥都选择涌入印度( Why do Chinese companies choose to flock to India?

May 20, 2024 05:37 UTC


Ujjain News: महिला ने दो बच्चाें के साथ जहरीला पदार्थ खाया, महिला की माैत, बच्चे अस्पताल में भर्ती

Ujjain News: महिला ने दो बच्चाें के साथ जहरीला पदार्थ खाया, महिला की माैत, बच्चे अस्पताल में भर्तीमहिला ने अपने बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ क्यों खाया, स्वजन इस बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं।HighLights मनासा से उज्जैन स्थित मकान पर आई थी महिला पति नीमच में एक कंपनी में सुपरवाइजर उज्‍जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र का मामलाइस मामले में पुलिस जांच में जुटी है। महिला नीमच के मनासा की रहने वाली है। उज्जैन में भी रतन एवेन्यू में उसका एक मकान है। जहां रविवार रात को ही वह सास व दो बच्चों के साथ पहुंची थी। जहर खाने के बाद महिला के पुत्र ने ही पिता व स्वजन को फोन कर इसकी जानकारी दी थी।चिमनगंज पुलिस ने बताया कि सीमा पत्नी कमल त्रिवेदी निवासी मनासा नीमच रविवार को अपनी सास व दो बच्चे माही उम्र 10 वर्ष व अक्षत उम्र 13 वर्ष के साथ उज्जैन आई थी। यहां महिला का रतन एवेन्यू में घर है। रात करीब तीन बजे महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद उसने अपने बच्चों को भी जहरीला पदार्थ पिला दिया। जिससे तीनों की हालत बिगड़ने लगी।पुत्र अक्षत ने अपने पिता कमल व स्वजन को फोन कर जहरीला पदार्थ खाने की सूचना दी। इस पर सास तीनों को लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। जहां इलाज के दौरान सीमा की मौत हो गई, जबकि उसके दोनों बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। महिला ने अपने बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ क्यों खाया, स्वजन इस बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

May 20, 2024 05:11 UTC


भास्कर एक्सक्लूसिव आतंकी-हमले में घायल जयपुर के युवक की आंख निकालनी पड़ी: पत्नी के कंधे में रॉड डली, दंपती श्रीनगर में भर्ती; पिता बोले- एयरलिफ्ट कराओ

कश्मीर बहुत सुंदर है, एक बार घूमना है। पिछले 20 दिनों से प्लानिंग के बाद बेटा तबरेज और बहू फरहा अपने 5 साल के जुड़वा बच्चों (बेटा-बेटी) के साथ घूमने निकले थे। उनके साथ बड़े भाई परवेज का परिवार भी था। मुझे भी साथ चलने के लिए कहा था। पता नहीं था घूमने ज. यह कहना है जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए प्रॉपर्टी डीलर तबरेज खान (38) की मां मजिदान का। जो बेटे और बहू के बारे में बताते हुए रोने लगीं। तबरेज के साथ पत्नी फरहा खान (35) को भी गोली लगी है। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं।तबरेज की एक आंख निकालनी पड़ीतबरेज के पिता असलम खान ने बताया- कश्मीर में आतंकवादी हमले में घायल तबरेज और फरहा का श्रीनगर के जीएमसी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तबरेज के सिर में आंख के पास गोली लगी है। तबरेज का सुबह करीब 3 बजे ऑपरेशन किया गया। उसकी एक आंख डैमेज होने के कारण निकाली गई है। वहीं, नाक की हड्‌डी टूटने से ब्लड बहना रुक नहीं रहा है। नाक की हड्‌डी के लिए तबरेज का दूसरा ऑपरेशन होगा।फरहा के कंधे पर गोली लगी। तबरेज के बाद फरहा का भी ऑपरेशन किया गया। फरहा के कंधे में रॉड डाली गई है। अब स्थिति पहले से ठीक है। 5 साल के जुड़वा बेटा-बेटी को श्रीनगर आर्मी कैंप में रखा गया है।बेटे-बहू को एयरलिफ्ट करने की मांग कीतबरेज के पिता असलम खान ने भारत सरकार से मदद भी मांगी है। उन्होंने कहा- मेरी भारत सरकार से मांग है कि अच्छे इलाज के लिए बेटे-बहू को श्रीनगर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स शिफ्ट किया जाए। आतंकवादियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाए।शनिवार को फरहा ने अपने सोशल मीडिया पर कश्मीर की यह फोटो शेयर की थी।20 दिन पहले बनाई थी घूमने की प्लानिंगअसलम खान ने बताया- 13 मई को कश्मीर जाने के लिए तबरेज ने 20 दिन पहले ही प्लानिंग कर ली थी। उसने ही रिश्तेदारों के साथ कश्मीर जाने का ग्रुप प्लान बनाया। पत्नी-बच्चों के साथ उसका बड़ा भाई भी कश्मीर घूमने साथ गया था। 22 मई को कश्मीर से लौटने का टिकट करवाया था। कश्मीर में बेटे-बहू के साथ ऐसा होगा, पता नहीं था।रात को घर आया तो पता चला बेटे-बहू हॉस्पिटल में भर्तीतबरेज के पिता ने बताया- घटना वाले दिन (शनिवार) सुबह करीब 11:30 बजे तबरेज से बात हुई थी। बताया था कि ग्रुप के साथ घूमने निकलने वाले हैं। उसके बाद रात करीब 9 बजे घर आने पर बेटे-बहू को गोली लगने का पता चला। साथ गए रिश्तेदारों से पता किया तो उन्होंने बेटे-बहू को हॉस्पिटल में भर्ती होने की बात कही। उन्होंने बताया कि पोती घटना के बाद सहम गई है, जबकि पोता ठीक है। हम श्रीनगर जाना चाहते हैं, लेकिन टिकट नहीं हो पा रहा है।तबरेज को घूमने का शौक है। एक साल पहले वह परिवार के साथ शिमला भी गए थे। फोटो शिमला की है।बहू बोली थी- खाना खाकर बात करती हूंतबरेज की मां मजिदान ने रोते हुए बताया- अगर पता होता तो बेटे-बहू को कश्मीर नहीं जाने देती। बेटा अक्सर कहता था कि कश्मीर बहुत सुंदर है, एक बार घूमने जाऊंगा। बस, इस वजह से उसको कभी मना नहीं किया। जाते समय उसने कहा था कि अम्मी तुम भी साथ चलो, लेकिन मैंने कहा बड़ा भाई परवेज भी जा रहा है। तुम लोग घूमकर आ जाओ।उन्होंने बताया- दोपहर करीब 12:15 बजे परवेज ने कॉल कर बताया था- अम्मी हम लोग घूमने के लिए निकल रहे हैं। उसके बाद बात नहीं हुई। रात को मैंने बहू को कॉल किया। बहू से बात होने पर उसने कहा- अम्मी मैं खाना खाकर आपसे बात करती हूं। करीब 10 मिनट बाद बड़े बेटे परवेज का कॉल आ गया।घबराए हुए जोर से चिल्लाते हुए बोला- गोली मार दी है। पूछने पर बोला- तबरेज और फरहा को। मैंने कहा- उसके इतने दुश्मन कहां से आ गए। मेरे बेटे के साथ बहू को भी गोली लग गई। पोता-पोती रो रहे हैं, मां-बाप के बिना।जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में तबरेज और फरहा का घर।सरकार को देना चाहिए ध्यानफरहा की मां ने कहा- आतंकवादी ऐसा क्यों कर रहे हैं। इसका सरकार को ध्यान देना चाहिए। आतंकवादियों की वजह से टूरिस्ट परेशान हो रहे हैं।बस से उतर कर इस रिसॉर्ट में खाना खाने जा रहा था परिवार। इस दौरान आतंकियों ने गोली मारी।डिनर करने पहुंचे थे गार्डनतबरेज के पिता असलम खान ने बताया- कश्मीर घूमने गए जयपुर से 50 लोगों में 12 बच्चे भी शामिल हैं। सभी शनिवार रात करीब 9 बजे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित गार्डन में डिनर करने गए थे। बस से उतर कर सभी डिनर के लिए गार्डन में अंदर चले गए। खेलते हुए बच्चे आगे निकल गए।गार्डन के गेट से तबरेज पत्नी फरहा और साले शाहरुख के साथ अंदर घुस रहा था। इस दौरान बाइक पर आए 2 आतंकवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दिया। चलती बाइक पर पीछे बैठे आतंकवादी ने 20-25 राउंड फायर किए। गोलियां चलने की आवाज सुनकर पीछे मुड़कर देखने के दौरान तबरेज और फरहा को गोली लग गई। शाहरुख के भी गले पर गोली की छूने से चोट आई है।हॉस्पिटल में कराया भर्तीगोलियां चलने की आवाज सुनकर लोगों में दहशत के साथ चीख-पुकार मच गई। महज 10 सेकेंड में ही बाइक सवार दोनों आतंकी फरार हो गए। घायल तबरेज और फरहा को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। शाहरुख के गले में चोट आने पर उसके पट्टा बांधा गया है।सीएम ने मदद के निर्देशमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तबरेज और फराह की हर संभव मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है।ये भी पढ़ें...कश्मीर घूमने गए जयपुर के पति-पत्नी पर आतंकवादी हमला:रिसॉर्ट में खाना-खाकर बस में चढ़ रहे थे, पीछे से मारी गोलियां; आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली जिम्मेदारीजम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जयपुर से घूमने गए पति-पत्नी पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। यानेर इलाके के एक रिसॉर्ट में शनिवार को हुई फायरिंग में दोनों घायल हो गए। उन्हें अनंतनाग के जीएमसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक जयपुर की फरहा खान (35) और उनके पति तबरेज खान (38) को बस में चढ़ने के दौरान गोली मारी गई। शनिवार को हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है

May 20, 2024 03:46 UTC


किर्गिस्तान हिंसा में फंसे राजस्थान के स्टूडेंट: बोले- शाम होते ही लोकल स्टूडेंट्स करने लगते हैं हमला; कॉलेज वालों ने वीडियो कॉल पर लगाई पाबंदी - Dausa News

किर्गिस्तान में फंसे छात्रों से वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए महवा (दौसा) विधायक राजेंद्र मीणा।किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे उपद्रव में पाकिस्तान, बांग्लादेश के साथ ही राजस्थान के स्टूडेंट बड़े पैमाने पर फंसे हैं। दौसा, बांसवाड़ा सहित कई जिलों के रहने वाले छात्रों ने अपने परिवार वालों को वीडियो कॉल करके मदद मांगी है। वहां फंसे एक छात. महवा (दौसा) विधायक राजेंद्र मीणा से सत्येंद्र फागना ने वीडियो कॉल पर बात की। सत्येंद्र महवा का रहने वाले हैं। वह वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।बिश्केक में स्थानीय उपद्रवियों ने छात्रों के हॉस्टल में जाकर मारपीट की और तोड़फोड़ की।शाम को एकजुट होकर करते है अटैककिर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे सत्येंद्र फागना ने बताया- वीडियो कॉल पर बात करने से कॉलेज वालों ने मना किया है। अभी स्थिति ठीक है। बाहर मिलिट्री तैनात की गई है। हॉस्टल फिलहाल बाहर से बंद कर दिए गए हैं। हिंसा दिन में नहीं होती है। लोकल स्टूडेंट्स शाम को एकजुट होकर अटैक करते हैं। पहले सबकुछ नॉर्मल था, लेकिन एक-दो दिन से हिंसा ज्यादा बढ़ गई है।सिगरेट की बात से बढ़ा विवादसत्येंद्र बताते हैं- विवाद सिगरेट की बात पर शुरू हुआ। कुछ दिन पहले मिस्र के स्टूडेंट बाहर सिगरेट पी रहे थे। लोकल स्टूडेंट्स ने सिगरेट पीने से मना किया। इसके बाद मिस्र के स्टूडेंट बड़ी संख्या में आए और लोकल स्टूडेंट्स को पीटा। इसके बाद बाहरी छात्रों को लेकर विवाद बढ़ गया, जिससे हालात बिगड़े। अब फोर्स की तैनाती के बाद स्थिति थोड़ी ठीक है। दौसा जिले के करीब 4-5 स्टूडेंट हैं। फिलहाल कॉलेज का नाम नहीं बता सकते हैं। इसके लिए कॉलेज वालों की तरफ से मना किया गया है। घटना के बारे में एसडीएम और महवा विधायक से भी बातचीत हुई है।विधायक ने छात्रों को दिलाया मदद का भरोसाविधायक राजेंद्र मीणा ने बताया- महवा क्षेत्र के कई छात्रों के किर्गिस्तान में फंसे होने की जानकारी मिली है। मैंने महवा विधानसभा क्षेत्र के बड़ागांव निवासी सत्येंद्र फागना से बातचीत कर वहां फंसे भारतीय छात्रों के बारे में जानकारी ली।राजस्थान से भी बड़ी संख्या में जाते हैं स्टूडेंटएमबीबीएस की पढ़ाई करने राजस्थान के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में स्टूडेंट किर्गिस्तान जाते हैं। महवा उपखंड क्षेत्र के बड़ागांव निवासी सत्येंद्र फागना, महवा निवासी आयुष शर्मा, कुतकपुर निवासी राहुल सिंह, खेड़ला निवासी सुनील कुमार भी वहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इन स्टूडेंट के परिवार वाले चिंतित हैं। इसके अलावा बांसवाड़ा जिले से भी बड़ी संख्या में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट्स किर्गिस्तान गए हुए हैं।बांसवाड़ा जिले के 700 स्टूडेंट कर रहे पढ़ाईबांसवाड़ा के स्टूडेंट भी किर्गिस्तान में फंसे हैं। वहां भड़की हिंसा से परिजन चिंतित हैं। जिले के करीब 700 स्टूडेंट वहां पढ़ाई कर रहे हैं। दो दिन पहले तक छात्रों से संपर्क हो रहा था, लेकिन अब बात नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि इंडियन एंबेसी ने नोटिफिकेशन जारी कर वीडियो सोशल मीडिया पर न डालने को कहा है।यह वीडियो समाज सेवी प्रगति उपाध्याय ने उपलब्ध कराया है। दावा है कि छात्रों ने यह शेयर किया है। दैनिक भास्कर वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।समाजसेवी प्रगति उपाध्याय ने बताया- कुछ स्टूडेंट्स से बात हुई है। वहां स्थिति कंट्रोल में नहीं है। बच्चे परेशान हैं। एंबेसी उनकी हरसंभव मदद कर रही है। साथ ही यूनिवर्सिटी को भी निर्देश दे दिए हैं कि जो स्टूडेंट शहर में अलग-अलग रह रहे हैं, उन्हें हॉस्टल में रखा जाए और उनके राशन के प्रबंध करें।चिंता यह है कि हमलावर हॉस्टल और रिहायशी क्षेत्र में भी हमले कर रहे हैं। हालांकि बांसवाड़ा के किसी भी स्टूडेंट पर हमले की कोई सूचना नहीं है। कुछ स्टूडेंट्स छिपकर जैसे-तैसे संपर्क कर रहे हैं। उन्हें मैनेजमेंट ने पहले ही डरा दिया है कि किसी भी तरह से यहां के वीडियो पोस्ट किए या जानकारी लीक की तो डिग्री रोक दी जाएगी।समाजसेवी प्रगति उपाध्याय ने बताया कि स्थानीय सांसद, जनप्रतिनिधि के जरिए विदेश मंत्रालय को सूचना दे दी गई है।दो दिन पहले एक स्टूडेंट ने सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार की थी। इसके बाद स्थानीय मंत्री सांसद और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विदेश मंत्रालय तक सूचना पहुंचा दी गई है। सरकार से अपील भी की है कि भारतीय स्टूडेंट्स को जल्दी से जल्दी सुरक्षा प्रदान की जाए।किर्गिस्तान से इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद राजस्थान के वो पेरेंट्स परेशान हैं, जिनके बच्चे वहां मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं।निशाने पर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेशी स्टूडेंटमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिश्केक में 13 मई को मिस्र और किर्गिज छात्रों के बीच झगड़ा हुआ था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आया। इसके बाद स्थानीय छात्रों ने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेशी छात्रों को निशाने पर ले लिया। स्थानीय छात्र उनके हॉस्टल में घुस गए, जहां भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी छात्र रह रहे थे।17 मई की रात को हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए।सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल से बाहर निकलने से मना कियाभारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में छात्र किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं। किर्गिस्तान की मीडिया वेबसाइट 24.KG के मुताबिक, हिंसा में 29 छात्र घायल हुए हैं। वहां के हालात चिंताजनक हैं। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकलने के लिए मना किया है।सुरक्षा को देखते हुए किर्गिस्तान की सरकार ने बिश्केक की मुख्य सड़कों को बंद कर दिया है।विदेश मंत्रालय ने जारी किया इमरजेंसी नंबरविदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर ट्वीट कर कहा था कि वे पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय दूतावास ने 24×7 इमरजेंसी नंबर 0555710041 जारी किया है।हॉस्टल में अभी कोविड जैसे क्वारंटीन के हालातकिर्गिस्तान के बिश्केक में चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी के रहने वाले लक्की चारण

May 20, 2024 03:03 UTC


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