इंजमाम-उल-हक ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को दिया 'सचिन चैलेंज'

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान इंजमाम-उल-हक (Inzmam-Ul-Haq) ने एक तरह से दुनिया के बल्लेबाजों को 'सचिन चैलेंज' दिया है. एक समय पूर्व कप्तान और पाकिस्तान के वर्तमान पीएम इमरान खान एक समय इंजमाम और सचिन की तुलना करते थे, लेकिन करियर की समाप्ति पर सचिन ने इंजमाम को मीलों पीछे छोड़ दिया था. उन्होंने एक तरह से इस पीढ़ी के बल्लेबाजों को चैलेंज देते हुए कहा कि उन्हें इंतजार है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के रिकार्ड को कौन बल्लेबाज तोड़ता है. सिर्फ सुनील गावस्कर ने 10 हजार रन बनाए थे और ऐसा लगता था कि रिकॉर्ड नहीं टूटेगा। लेकिन सचिन ने रन बनाकर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. अब मुझे इंतजार है कि सचिन के रनों के पहाड़ को कौन पार करेगा"

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February 25, 2020 15:00 UTC


झारखंड: विशेष CBI कोर्ट ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनके रिश्तेदारों को सुनाई 7-7 साल की सजा, जानें पूरा मामला

आय से अधिक संपत्ति के मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत उनके परिवार के सात सदस्यों को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है. कोलेबीरा विधानसभा सीट : एनोस एक्का का गढ़ रही है गुमला-सिंहभूम इलाके की यह ग्रामीण सीटसीबीआई के विशेष अदालत के जज एके मिश्रा ने सजा सुनाई. सिमडेगा में एक पारा-शिक्षक की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे एक्का को हाल ही में 16.82 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया गया था. सीबीआई ने 2010 में भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. बता दें कि एक्का 2005 और 2008 के बीच झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.

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February 25, 2020 14:26 UTC


रतन लाल के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, पत्थरबाजी से नहीं गोली लगने से हुई मौत

खास बातें सोमवार को हुए हिंसा में दिल्ली पुलिस के हवलदार की हुई थी मौत रतन लाल की गोली लगने से हुई थी मौत दिल्ली में हुए हिंसा में 9 लोगों की हुई है अबतक मौतसोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में शहीद हवलदार रतन लाल की मौत मामले में नया मोड़ आया है. मंगलवार को हुए पोस्टमार्टम में इस बात की पुष्टि हुई है कि हवलदार की मौत पत्थरबाजी में लगी चोट से नहीं हुई थी बल्कि उनकी मौत गोली लगने से हुई थी. सोमवार को उनकी मौत के बाद ऐसी खबरें आयी थीं कि रतन लाल की मौत पत्थरबाजी में लगी चोट से हुई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गोली रतन लाल के बाएं कंधे से प्रवेश कर के दाहिने कंधे तक पहुंच गयी थी. रतन लाल के छोटे भाई दिनेश ने बताया, "रतन लाल गोकुलपुरी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के रीडर थे.

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February 25, 2020 14:01 UTC


कैसे तेजस्वी और नीतीश की मुलाक़ात के आधे घंटे के अंदर NPR के ख़िलाफ़ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया

मंगलवार को बिहार विधानसभा से सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव केंद्र सरकर को भेजा गया कि सदन में इस बात पर आम सहमति है कि NPR 2010 के प्रश्नावली पर ही राज्य में करवाई जाए. उन्होंने कहा कि बिहार में हम मिलकर चलेंगे और हम समाज के किसी तबके की उपेक्षा नहीं होने देंगे. 10 बड़ी बातेंलेकिन नीतीश कुमार के भाषण के बाद भी संशय इस बात को ले कर बना रहा कि क्या ये प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो गया है? मुख्यमंत्री के बयान के बाद सदन की कार्यवाही भोजन अवकाश के लिए स्थगीत कर दी गयी. इस दरम्यान ही नीतीश कुमार के चैम्बर में तेजस्वी यादव अपने पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ गए और प्रस्ताव लंच के बाद के सत्र में पारित कराने का आग्रह किया.

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February 25, 2020 13:41 UTC


अब भारत के 29 करोड़ 'लापता' वोटर्स को मिलेगा वोटिंग का अधिकार! - Dainik Bhaskar

Dainik Bhaskar Feb 26, 2020, 10:42 AM ISTदुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत, जहां 1.3 अरब लोगों की विशाल आबादी रहती है। इस तकनीकी प्रगति के युग में देश की जनसंख्या का एक बड़ा समूह उच्च शिक्षा, रोजगार की तलाश और शादी के बाद बेहतर भविष्य के लिए अपने शहरों को छोड़कर चले जाते हैं। भौगोलिक बाधाओं की वजह से दूसरे शहरों में विस्थापित हो चुके इन लोगों को संविधान द्वारा मिले अपने अधिकारों से भी समझौता करना पड़ता है, जिसमें एक प्रमुख अधिकार है मतदान का। दरअसल, जिस तरह से देश के अंदर किसी भी जगह पर जाकर रहना लोगों का मौलिक अधिकार है, ठीक वैसे ही वोट करना भी उनका दायित्व है, लेकिन अबतक दोनों में से किसी एक के साथ समझौता किया जा रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए The Times of India ने अपना सबसे बड़ा सामूहिक अभियान LOST VOTES लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य उन लोगों को मतदान का अधिकार दिलाना है, जो अपने उस पते से दूर चले गए हैं जहां उनका वोट रजिस्टर्ड है।इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए TOI पब्लिकेशन ने माइग्रेट हुए लाखों वोटर्स और संबंधित नागरिकों के बीच जाकर वोट डालने के महत्व और इसकी तात्कालिकता के बारे में जागरूकता पैदा की। इस अभियान के दौरान जो जानकारी प्राप्त हुई, वो चौंकाने वाली थी। इसके मुताबिक 290 मिलियन (29 करोड़) पात्र मतदाता अपने स्थायी पते से दूर होने की वजह से वोट देने में असमर्थ थे। TOI अपने LOST VOTES कैम्पेन के जरिए उन करोड़ो लोगों की आवाज बना और चुनाव आयोग से तत्काल इसका प्रभावी और स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया। लगभग एक साल तक चले इस कैम्पेन के बाद, चुनाव आयोग ने हाल ही में घोषणा की कि वे एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जो उन लोगों को वोटिंग का अधिकार देगा, जो अपने स्थायी पते पर नहीं रहते हैं।लॉस्ट वोटिंग कैम्पेन को लेकर The Times of India के डायरेक्टर संजीव भार्गव ने कहा कि हमने पिछले साल ही एक दमदार और सरल विचार के साथ LOST VOTES कैम्पेन को लॉन्च किया था, जिसका मकसद उन लोगों को वोटिंग का अधिकार दिलाना था, जो स्थायी पते पर नहीं रहने की वजह से मतदान करने में असमर्थ हैं। यह जानकर ताज्जुब हुआ कि ऐसे लोगों की संख्या लगभग तीस करोड़ के आसपास है। इस कैम्पेन के जरिए एक ऐसी तकनीकी समाधान की मांग की गई, जिसके द्वारा अपने स्थायी पते से दूर रह रहे लाखों-करोड़ों लोगों को वोट करने का मौलिक अधिकार मिल सके। एक लाख से अधिक लोगों ने इस कैम्पेन के समर्थन का संकल्प लिया। और एक साल से भी कम समय के बाद चुनाव आयुक्त ने इस यात्रा को शुरू करने की घोषणा की है। हमें अपने लोकतंत्र की मजबूती में सहायक होने पर गर्व है! TOI के लिए यह आश्चर्य की बात नहीं है, जब हम कहते हैं- 'बदलाव यहां से शुरू होता है'।

February 25, 2020 13:30 UTC


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