528 वर्ष बाद लेंगे 71 मुमुक्षु दीक्षा, इसमें 10 वर्षीय यश-84 वर्षीय कांता बेन का भी समावेश - Dainik Bhaskar

वेसू में महोत्सव 28 जनवरी से, 1 फरवरी को होगी दीक्षादेश-विदेश के 40 हजार से अधिक लोग बनेंगे साक्षीDainik Bhaskar Jan 21, 2020, 01:05 PM ISTसूरत. सूरत शहर 1 फरवरी को एक साथ 71 मुमुक्षुओं की जैन दीक्षा का इतिहास रचने जा रहा है। मौका होगा रत्नत्रयी समर्पण महोत्सव का, जो 28 जनवरी से शुरू होगा और 1 फरवरी को दीक्षा होगी। इसी के साथ वेसू के जॉली पार्टी प्लॉट के पास 'रत्नत्रयी समर्पणाेधान' में यह दिन इतिहास में दर्ज हो जाएगा।देश-विदेश से 40 हजार लोग आएंगेमहोत्सव में 200 से ज्यादा साधु भगवंत और 500 से अधिक साध्वियां मौजूद रहेंगीं। इसके अलावा देश-विदेश से 40 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी की संभावना है। दीक्षा लेने वालों में सबसे छोटे 10 वर्ष के यश से लेकर 84 वर्षीय कांता बेन शामिल हैं। मुमुक्षुओं में 39 महिला और 32 पुरुष शामिल हैं। इनमें सूरत के 9 मुमुक्षु हैं 45 युवाओं में से 17 दीक्षार्थी ग्रेजुएट से लेकर सीए तक की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।100 वर्ष पहले दीक्षा लेना दुर्लभ थादीक्षा युग प्रवर्तक विजय रामचंद्र सूरीश्वर महाराज ने कहा कि 'छोड़ने जैसा संसार, लेने जैसा संयम और मिलने जैसा मोक्ष' के मार्ग में रचा हुआ जैन शासन में 100 वर्ष पहले दीक्षा लेना दुर्लभ था। आराधना भवन में सूरत जनाज्ञा ट्रस्ट के विजय रामचंद्र सूरीश्वर विजय मुक्तिप्रभ सूरीश्वर महाराज नाथ के शिष्य विजय श्रेयांस प्रभ सूरिश्वर महाराज ने बताया कि महोत्सव में हजारों जरूरतमंदों को अनाज किट बांटा जाएगा।ये तीन दिन खास28 जनवरी: सुबह 8 बजे आचार्य भगवंत की स्वागत यात्रा के साथ महोत्सव शुरू होगा।29 जनवरी: सुबह 9 से 1 बजे से भव्य सामूहिक अष्टकारी पूजा होगी31 जनवरी: सुबह साढ़े आठ बजे वर्षीदान की भव्य यात्रा के बाद 7 बजे विदाई समारोह और साढ़े चार बजे ऐतिहासिक दीक्षा विधि शुरू होगी।16 हजार वर्ग फीट में जिनालय, 2 किमी लंबी वर्षीदान यात्रादो किमी लंबी वर्षीदान यात्रा में 37 बैलगाड़ी और 7 हाथी शामिल रहेंगे। रत्नत्रयी समर्पणाेधान के लिए एक लाख वर्ग फीट में मंडप तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत 16 हजार फीट में विशाल जिनालय तैयार किया गया है। दो एक्जीबिशन सेंटर में दर्शन, ज्ञान, चरित्र का दर्शन होगा। 12 हजार फीट में विशिष्ट रचना और जैन शासन की यशोगाथा का मंचन होगा। विशाल मंडप में 40 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो सकेंगे।प्रवेश यात्रा में 90 स्कूलों के पांच हजार बच्चे शामिल होंगे28 जनवरी को पंचान्हिका महोत्सव के प्रारंभ में 71 मुमुक्षुओं की दीक्षा से पूर्व होने वाली प्रवेश यात्रा में शहर की 90 स्कूलों के पांच हजार से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होंगे। इस मौके पर 90 शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा।26 को डिप्टी मेयर शाह करेंगे शताधिक मुमुक्षुओं का वायणावहीं, पाल में 25 दीक्षाएं होंगी। सूरत के मनपा के डिप्टी मेयर नीरव शाह शताधिक मुमुक्षुओं के वायणा कराएंगे। इसको लेकर वेसू के विजयलक्ष्मी हॉल में 26 जनवरी को सामूहिक वायणा (आदर भोज) का आयोजन होगा।

January 21, 2020 07:41 UTC


ICC टेस्ट चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर पहुंचा इंग्लैंड, जानिए किस पायदान पर है टीम इंडिया

नई दिल्ली, जेएनएन। ICC World Test Championship Points 2020: मेजबान साउथ अफ्रीका को 4 मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में बड़े अंतर से हराकर इंग्लैंड की टीम ने आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में बड़ा बदलाल कर दिया है। ICC WTC की अंकतालिका में इंग्लैंड की टीम पांचवें से सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि इंग्लिश टीम की इस लंबी छलांग से पाकिस्तान और श्रीलंकाई टीम को नुकसान हुआ है।साउथ अफ्रीकाई टीम को उसी के घर में इंग्लैंड की टीम ने तीसरे टेस्ट मैच में पारी और 53 रन के अंतर से मात दी। इससे पहले दूसरे टेस्ट मैच को भी इंग्लैंड की टीम ने जीता था, जबकि सीरीज का पहला मुकाबला मेजबान टीम ने अपने नाम किया। उधर, तीसरे टेस्ट मैच में मिली जीत के बाद आइसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका जारी की है, जिसमें इंग्लैंड की टीम 5वें से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि पाकिस्तान तीसरे से चौथे पायदान पर फिसल गया है।इस स्थान पर है टीम इंडियाइसके अलावा श्रीलंकाई टीम भी चौथे से पांचवें स्थान पर आ गई है। वहीं, 360 अंकों के साथ विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम टॉप पर बनी हुई है। भारत के बाद दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम का नाम है, जिसने 296 अंक हासिल किए हुए हैं। पहले और दूसरे पायदान की टीमों को छोड़ दिया जाए तो बाकी किसी भी टीम के पास 100 तो छोड़ दीजिए, 90 अंक भी नहीं हैं। इंग्लैंड की टीम 86 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका के पास 80-80 अंक हैं।गौरतलब है कि आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंतर्गत भारतीय टीम ने अपने सभी मुकाबले जीते हैं। भारत ने सबसे पहले वेस्टइंडीज को दो टेस्ट मैचों की सीरीज में उसी की सरजमीं पर 2-0 से मात दी थी। इसके बाद भारत ने साउथ अफ्रीका को अपनी घरेलू सीरीज में 3-0 से हराया था, जबकि बांग्लादेश को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से सूपड़ा साफ कर अपने देश भेजा था। इस सीरीज का एक मैच डे-नाइट टेस्ट भी खेला गया था, जो कोलकाता में हुआ था।Posted By: Vikash Gaurडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 07:40 UTC


मांसपेशियों में कमजोरी का हो अनुभव तो 'लोकोमोटिव सिंड्रोम' का हो सकते हैं शिकार

मांसपेशियों में कमजोरी का हो अनुभव तो 'लोकोमोटिव सिंड्रोम' का हो सकते हैं शिकारनई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। मनुष्य के शरीर में चलने-फिरने की गति में होने वाली समस्या को लोकोमोटिव सिंड्रोम कहा जाता है। मनुष्य शरीर को चलने-फिरने के लिए शरीर के अनेक अंगों के बीच उचित तालमेल बनाना पड़ता है, जिनमें प्रमुख रूप से पैरों, कूल्हों एवं रीढ़ की हड्डियां और घुटने आदि शामिल हैं। शरीर के मूवमेंट को नियंत्रित करने के लिए सशक्त मांसपेशियों एवं नसों की आवश्यकता होती है। उपरोक्त अंगों के तालमेल से ही मानव शरीर दोनों पैरों पर सामान्य रूप से चल पाता है। जानें क्‍या कहते है वाराणसी के मशहूर आर्थो सर्जन डॉ.स्वरूप पटेल।सिंड्रोम के लक्षणशरीर में बदलावमानव शरीर में उम्र बढ़ने के साथ कुछ बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिन्हें डीजेनेरेटिव चेंज कहते हैं। जैसे ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोअर्थराइटिस, रीढ़ की हड्डी में लंबर कैनाल स्टेनोसिस या कूल्हे की मांसपेशियों का संकुचित होना या उन पर दबाव पड़ना आदि। ये एक प्रकार के मानसिक विकार होते है जो उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क में हुए बदलाव के कारण होते हैं। ये डीजेनेरेटिव बदलाव मानव शरीर में लगभग 40 वर्ष की उम्र के साथ शुरू हो जाते हैं।क्यों आवश्यक है जानकारीवर्तमान समय में देश में 40 वर्ष से कम उम्र की जनसंख्या चरम पर है और भविष्य में यह युवा जनसंख्या मध्यम आयु सीमा में आ जाएगी और इस स्थिति में डीजेनेरेटिव प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। यदि हम इस समस्या को तत्काल प्रभाव से नहीं समझते तो इसके दुष्प्रभावों के लिए हमें तैयार होना पड़ेगा। उदाहरण के लिए जापान जैसे विकसित देश में जहां की अधिकांश जनसंख्या मध्यम आयु एवं वृद्धावस्था की ओर अग्रसर है, उन्हें अनेक प्रकार की आर्थिक एवं सामजिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। एक शोध के अनुसार पता चला है कि जो व्यक्ति न चलने-फिरने के कारण एक सीमित दायरे में रह जाते हैं, उनका मानसिक संतुलन कमजोर हो जाता है। इसलिए शरीर को स्वस्थ व चलता-फिरता रखें।समय से पहचानें लक्षणवाराणसी के आर्थो सर्जन डॉ.स्वरूप पटेल ने बताया कि लोकोमोटिव सिंड्रोम या चलने-फिरने में असमर्थता यह एक दिन में होने वाली बीमारी नहीं है। इसके लिए हमें पर्याप्त समय मिलता है। समय से इसके लक्षणों की पहचान कर उचित परामर्श लेकर विशेषज्ञ डॉक्टर से समुचित इलाज कराना चाहिए। नियमित योग, मेडिटेशन, एक्सरसाइज, संतुलित आहार हमारी मांस पेशियों को तंदुरुस्त रखते हैं और हम लोकोमोटिव सिंड्रोम को लंबे समय तक टाल सकते हैं।यह भी पढ़ें:-इम्‍यूनिटी बढ़ाने और डायबिटीज घटाने के लिए लें 'टहलने का टॉनिक', कम से कम चलें इतने कदमकंप्यूटर के सामने ज्यादा देर बैठकर काम करना हो सकता है घातक, ये होते हैं लक्षणलिवर, गैस और गुर्दे की मजबूती के लिए कारगर है 'कागासन', पढ़े एक्सपर्ट की रायPosted By: Sanjay Pokhriyalडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 07:34 UTC


LIC की Jeevan Anand सहित 23 पॉलिसियां 31 Jan को हो जाएंगी बंद, जानिए आपको होगा नफा या नुकसान

LIC की Jeevan Anand सहित 23 पॉलिसियां 31 Jan को हो जाएंगी बंद, जानिए आपको होगा नफा या नुकसाननई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। LIC यानी भारतीय जीवन बीमा निगम के लगभग दो दर्जन प्‍लान 31 जनवरी के बाद मिलने बंद हो जाएंगे। दरअसल, नवंबर के अंत में भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जीवन बीमा कंपनियों को उन लाइफ इंश्‍योरेंस और राइडर्स को बाजार से वापस लेने के लिए दो महीने का समय दिया था जो नए प्रोडक्‍ट गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं थे। पहले ऐसे प्रोडक्‍ट्स को वापस लेने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2019 थी लेकिन बीमा नियामक ने जीवन कंपनियों को दो महीने का समय विस्‍तार दिया था।LIC के जो लाइफ इंश्‍योरेंस प्रोडक्‍ट्स और राइडर्स बीमा नियामक के नए दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं हैं उनकी संख्‍या 23 है। इनमें LIC न्‍यू जीवन आनंद, जीवन उमंग, जीवन लक्ष्‍य जैसे कुछ पॉपुलर इंश्‍योरेंस प्‍लान भी शामिल हैं। ये सभी प्रोडक्‍ट नए दिशानिर्देशों के अनुरूप लॉन्‍च किए जाएंगे। मौजूदा जीवन बीमा पॉलिसियों में बदलाव या उनके लिए दोबारा अनुमति लेने की आखिरी तारीख 29 फरवरी 2020 है।भारतीय जीवन बीमा निगम के प्रबंध निदेशक विपिन आनंद ने कहा कि बंद होने वाले प्रोडक्‍ट्स नए रूप में फरवरी से उपलब्‍ध होंगे।IRDAI के अनुसार, पॉलिसी के लाभों को समझाने, आवधिक स्‍टेटमेंट, यूनिट लिंक्‍ड प्रोडक्‍ट्स के लिए एजेंटों का प्रशिक्षण भी 1 फरवरी 2020 से प्रभावी हो जाएगा। बीमा नियामक ने सभी जीवन बीमा कंपनियों को सलाह दी थी कि वे जल्‍द से जल्‍द नए प्रोडक्‍ट की अनुमति ले लें और आखिरी तारीख का इंतजार न करें।LIC के ये प्‍लान 1 फरवरी से नहीं मिलेंगेLIC सिंगल प्रीमियम एंडोमेंट प्‍लान एलआईसी न्‍यू एंडोमेंट प्‍लान एलआईसी न्‍यू मनी बैक-20 साल एलआईसी न्‍यू जीवन आनंद एलआईसी अनमोल जीवन-II एलआईसी लिमिटेड प्रीमियम एंडोमेंट प्‍लान एलआईसी न्‍यू चिल्‍ड्रंस मनी बैक प्‍लान एलआईसी जीवन लक्ष्‍य एलआईसी जीवन तरुण एलआईसी जीवन लाभ प्‍लान एलआईसी न्‍यू जीवन मंगल प्‍लान एलआईसी भाग्‍यलक्ष्‍मी प्‍लान एलआईसी आधार स्‍तंभ एलआईसी आधार शिला एलआईसी जीवन उमंग एलआईसी जीवन शिरोमणि एलआईसी बीमा श्री एलआईसी माइक्रो बचत एलआईसी न्‍यू एंडोमेंट प्‍लस (यूलिप) एलआईसी प्रीमियम वेवर राइडर (राइडर) एलआईसी न्‍यू ग्रुप सुपरएन्‍युएशन कैश एक्‍युमुलेशन प्‍लान (ग्रुप प्‍लान) एलआईसी न्‍यू ग्रुप ग्रेच्‍युटी कैश एक्‍युमुलेशन प्‍लान (ग्रुप प्‍लान) एलआईसी न्‍यू ग्रुप लीव इनकैशमेंट प्‍लान (ग्रुप प्‍लान)दरअसल बीमा नियामक IRDAI की कोशिश है कि जीवन बीमा पॉलिसियां ग्राहकों के लिए ज्‍यादा फायदेमंद हों। साथ ही एजेंट ग्राहकों को गलत तरीके से लुभाकर जो पॉलिसियां बेचते हैं उन पर लगाम लगाई जा सके। इसीलिए, बीमा नियामक ने जीवन बीमा के लिए नए गाइलाइंड जारी किए। जो भी जीवन बीमा प्रोडक्‍ट नए दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं हैं, वे 1 फरवरी 2020 से बाजार में नजर नहीं आएंगे।Posted By: Manish Mishraडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 07:30 UTC


delhi republic day parade 2020 timing: गणतंत्र दिवस 2020: परेड देखने कब और कैसे पहुंचें - republic day parade in delhi know about timing and how to reach

26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही भारत लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इसी के उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर परेड का भी आयोजन किया जाता है। लाल किले और इंडिया गेट को सजाया जाता है। राजपथ पर परेड के अलावा विभिन्न राज्यों की झांकियां भी निकलती हैं। अगर आप भी राजधानी दिल्ली में हैं, तो गणतंत्र दिवस और देशभक्ति का नायाब संगम देखने के लिए जरूर जाना चाहिए। लेकिन कई बार लोगों को परेड की टाइमिंग और परेड स्थल तक पहुंचने को लेकर काफी कंफ्यूजन होता है। यहां हम आपको इस बारे में सारी जानकारी दे रहे हैं।राजपथ पर होने वाले इस परेड का रूट पांच किलोमीटर से ज्यादा लंबा है। इस परेड की शुरुआत राष्ट्रपति भवन के पास रायसीना हिल से होती है और राजपथ से होते हुए यह इंडिया गेट पर खत्म होती है। प्रत्येक साल 26 जनवरी को सुबह 9 बजे ध्वजारोहण के बाद गणतंत्र दिवस परेड सुबह 9.30 बजे शुरू होती है। यह कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक चलता है। मेन कार्यक्रम से कुछ दिन पहले एक फुल ड्रेस रिहर्सल भी आयोजित किया जाता है।गणतंत्र दिवस परेड स्थल तक पहुंने का सबसे आसान जरिया मेट्रो है। 26 जनवरी को होने वाली परेड और 29 जनवरी को होने वाली बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम के कारण इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक-चौबंद होती है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो की सेवाएं आंशिक रूप से बाधित होती हैं। इससे मेट्रो की लाइन 2 (हुडा सिटी सेंटर - समयपुर बादली), लाइन 3 (नोएडा सिटी सेंटर - द्वारका सेक्टर 21), लाइन 4 (यमुना बैंक - वैशाली) और लाइन 6 (कश्मीरी गेट-एस्कॉर्ट्स मुजेसर) प्रभावित होते हैं। कई मेट्रो ट्रेनों के समय में बदलाव किए जाते हैं और कुछ स्टेशनों को बंद किया जाता है।इसके अलावा, सभी मेट्रो पार्किंग लॉट भी 25 जनवरी को सुबह 6 बजे से 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे तक बंद रहते हैं। ताजा जानकारी और अपडेट के लिए आप दिल्ली मेट्रो रेल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली प्रेस विज्ञप्तियों को देख सकते हैं। आप डीटीसी बस या अपनी गाड़ी से भी परेड स्थल तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको दिल्ली पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक अडवाइजरी को ध्यान से पढ़ना होगा, ताकि बाद में आपको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

January 21, 2020 07:30 UTC


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