अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर भावुक हुए शाह रुख़ ख़ान, दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुंबई। भारतीय राजनीति के चमकते सितारे रहे अटल बिहारी वाजपेयी के निधन का शोक पूरा देश मना रहा है। बॉलीवुड भी इस शोक में शरीक है। फ़िल्मी सितारे अटल जी के साथ गुज़ारे हुए पलों को याद कर भावुक हो रहे हैं। शाह रुख़ ख़ान और सुभाष घई से अटल जी का दिलचस्प रिश्ता रहा है, जिसे याद करते हुए दोनों सेलेब्रिटीज़ ने अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।शाह रुख़ ख़ान ने एक नोट लिखकर सियासत के इस स्टेट्समैन को याद किया है। इस नोट में शाह रुख़ कहते हैं- ''जब मैं बड़ा हो रहा था तो मेरे पिता मुझे दिल्ली में वाजपेयी जी के भाषण सुनवाने के लिए ले जाते थे। कई साल बाद मुझे उनसे मिलने का मौक़ा मिला और उनके साथ कविताओं, फ़िल्म, राजनीति और घुटनों की बीमारी पर बात करते हुए लंबा वक़्त बिताया। उनकी एक कविता के लिए पर्दे पर अभिनय करने का सौभाग्य भी मुझे मिला था। उनको घर पर प्यार से बापजी बुलाया जाता था। आज देश ने एक पितृ-तुल्य शख्सियत और महान नेता खो दिया है। निजी तौर पर मैंने अपने बचपन का एक हिस्सा, बड़े होने की यादें, मुस्कुराना और कविताएं खो दी हैं। शुरुआती सालों में ख़ुद पर उनका प्रभाव पड़ने को मैं ख़ुशकिस्मती मानता हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। परिवार और दोस्तों को मेरी दिली संवेदनाएं। मुस्कुराती हुई आपकी छवि हमेशा याद आएगी बापजी।''For The Poet Prime Minister of our country, love you Baapji...https://t.co/IKTYouMdiy pic.twitter.com/kLO4JAHvNu — Shah Rukh Khan (@iamsrk) August 16, 2018वहीं, सुभाष घई ने भी अटल जी के साथ पुराने दिनों को याद करते हुए ट्वीट के ज़रिए श्रद्धांजलि दी है। सुभाष घई ने अटल जी की तस्वीर शेयर करते हुए बताया है कि उन्होंने 'परदेस' फ़िल्म के संगीत रिलीज़ समारोह में शिरकत की थी। इस फ़िल्म में शाह रुख़ ख़ान ने ही मुख्य भूमिका निभायी थी, जबकि महिमा चौधरी ने इस फ़िल्म से डेब्यू किया। घई ने अटल बिहारी वाजपेयी को ऐसा नेता बताया है, जिन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री को इंडस्ट्री का दर्ज़ा दिया था।एक अन्य ट्वीट में सुभाष घई लिखते हैं- ''क्या शख्स थे। एक विचारक। एक कवि। एक राजनेता। एक देशभक्त। राष्ट्र निर्माण के उनके नज़रिए को दूसरे नेता फॉलो करते हैं। परदेस की रिलीज़ के समय कहे गये उनके शब्द सभी को याद हैं। वो अटल नहीं हैं। वो अमर हैं।''What a man. A Statesman a leader a patriot We hope all our leaders follow his clarity how to build a nation. We all have his warm words on release of our film #Pardes till date. He is not Atal. He is immortal 👤🇮🇳 pic.twitter.com/CDpJ08TImx — Subhash Ghai (@SubhashGhai1) August 16, 2018By Manoj Vashisth

August 16, 2018 17:37 UTC


एम्‍स में वाजपेयी को देखकर छलक आईं आडवाणी की आंखें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हालचाल लेने गुरुवार को पक्ष- विपक्ष के कई नेता एम्स पहुंचे थे। इस दौरान अटल से लालकृष्ण आडवाणी की मुलाकात एम्स में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। एम्स के आइसीयू में बेबस अटल को देखकर वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उनकी आंखें छलक आई। आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी भी अपने आंसू न रोक सकीं।भारतीय राजनीति में अटल आडवाणी की जोड़ी खासी चर्चा में रही है। अटल भाजपा के पहले अध्यक्ष थे तो भाजपा की स्थापना में लालकृष्ण आडवाणी की भी अहम भूमिका रही है। तब से भारतीय राजनीति में इन दोनों नामों को एक साथ लिया जाता है। अटल की हालत नाजुक होने की सूचना पाकर लालकृष्ण आडवाणी एम्स पहुंचे थे, उनके साथ उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी भी मौजूद थीं। उनका चेहरा उदास था। एम्स पहुंचने पर जब वह गाड़ी से उतरे तो उनके चेहरे पर गंभीर भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था। गाड़ी से उतरने के बाद वह कार्डियक सेंटर की ओर आगे बढ़े, जहां पर अटल भर्ती थे।आडवाणी ने उनकी कई कविताएं ट्वीट की। साथ ही यह कहकर अपनी भावनाएं व्यक्त की कि 'सो गया वो परवाना। जो था वतन का दीवाना। रहने को सदा, दहर में आता नहीं कोई। तुम जैसे गए, ऐसे भी जाता नहीं कोई।'By Arun Kumar Singh

August 16, 2018 17:15 UTC


दिल्ली मेट्रो व स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले पहले यात्री थे अटल बिहारी

नई दिल्ली (जेएनएन)। विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराकर राजधानी की लाइफलाइन बनी दिल्ली मेट्रो के पहले यात्री कोई और नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ही थे। उन्होंने शाहदरा से तीस हजारी तक दिल्ली मेट्रो के पहले कॉरिडोर का 24 दिसंबर 2002 को उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने कश्मीरी गेट से सीलमपुर तक मेट्रो में बैठकर सफर भी किया था। खास बात यह है कि अटल ने मेट्रो स्टेशन के कस्टमर केयर से मेट्रो स्मार्ट कार्ड खरीदकर किराया भुगतान किया था। वह मेट्रो का स्मार्ट कार्ड भी इस्तेमाल करने वाले पहले यात्री थे।दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने उस यादगार क्षण को सहेज कर रखा है। डीएमआरसी के अनुसार, शाहदरा-तीस हजारी कॉरिडोर की लंबाई 8.5 किलोमीटर थी, जो अब रिठाला-दिलशाद गार्डन मेट्रो लाइन का हिस्सा है। वर्तमान समय में यह मेट्रो लाइन 25 किलोमीटर से अधिक लंबी है।शाहदरा-तीसहजारी कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद दिल्ली मेट्रो की रफ्तार कम नहीं पड़ी और लगातार उसका विस्तार होता चला गया। अब दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 8.5 किलोमीटर से बढ़कर 296 किलोमीटर तक पहुंच गया है। डीएमआरसी का कहना है कि शाहदरा-तीस हजारी कॉरिडोर यात्रियों के लिए 25 दिसंबर 2002 को खुला था। इसके एक दिन अटल जी ने इस कॉरिडोर पर मेट्रो में सफर किया था। इस सफर में उनके साथ तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, मदन लाल खुराना व डीएमआरसी के पूर्व प्रबंधन निदेशक (एमडी) ई श्रीधरन भी मौजूद थे।By Amit Singh

August 16, 2018 17:15 UTC


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