मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पीएम मोदी ने UAE के राष्ट्रपति से की बात, मिसाइल हमलों पर जताई चिंता

लेखक के बारे में अभिषेक पाण्डेय अभिषेक पाण्डेय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। उन्हें करंट अफेयर्स,राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर काम करने का तीन वर्ष से अधिक का अनुभव है। साथ ही इन्होंने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024 को काफी करीब से कवर किया है। वर्तमान में NBT (DIgital)में राष्ट्रीय खबरें,राजनीति और दिल्ली से जुड़ी खबरों पर कार्य कर रहे हैं। अभिषेक TIL समूह में जुड़ने से पहले दैनिक जागरण में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल की है। साथ ही गूगल द्वारा फेक न्यूज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया है।... और पढ़ें

March 01, 2026 19:28 UTC


MLA Kothi Farmhouse: Harish Meena Slams Officials Houses

कांग्रेस सांसद बोले-शिवचरण माथुर आज सरपंच भी नहीं बन पाते:कांग्रेस सांसद नेता हरीश मीणा ने कहा-आज की राजनीति में हालात ऐसे हो गए हैं कि शिवचरण माथुर जैसे नेता सरपंच तक नहीं बन पाते। मीणा ने कहा कि आज विधायक और सांसद बनते ही कोठियां और फार्म हाउस खड़े हो जाते हैं।. आज पंचायत स्तर तक जातीय समीकरणों के आधार पर राजनीति होती है। सरपंच बनने के लिए जाति पूछी जाती है, आपकी जाति के वोटों के बारे में पूछा जाता है। आप ही बताइए, आखिर कौन-सी पंचायत से आज शिवचरण माथुर सरपंच बन पाते। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहले अलग था और उसी तरह के नेता भी हुआ करते थे।सांसद हरिश मीणा ने रविवार को जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश मीणा ने कहा-पहले नीतियां स्पष्ट होती थीं, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर अधिकारियों तक को यह स्पष्ट नहीं होता कि करना क्या है। जनता किससे मार्गदर्शन मांगे, समझ ही नहीं आता है।कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा- जमाना बदल गया है, लेकिन सारा दोष केवल नेताओं पर मढ़ना उचित नहीं है। मकान और बंगले सिर्फ विधायकों-सांसदों के ही नहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के भी कम नहीं हैं। इस पर भी बात होनी चाहिए।सांसद हरीश मीणा ने मौजूदा राजनीति को लेकर अपनी व्यथा जाहिर की।आज की तरह नहीं होते थे पहले के जमाने के सीएमसांसद हरीश मीणा ने प्रदेश की बदलती राजनीतिक संस्कृति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले के जमाने के मुख्यमंत्री आज की तरह नहीं होते थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की सादगी और स्पष्टता को याद करते हुए कहा कि आज की राजनीति में वे सरपंच तक नहीं बन पाते।मीणा ने कहा कि आजकल सुनने में आता है कि थाने का SHO सीधे मुख्यमंत्री से बात करता है। मैं खुद SP रहा हूं, लेकिन मेरी मुख्यमंत्री तो दूर, डीजी तक से सीधे बात नहीं होती थी। वो अलग जमाना था।रविवार को जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत कई नेता शामिल हुए।आज के समय सरपंच बनने के लिए भी पूछी जाती है जातिसांसद मीणा ने कहा कि आज पंचायत स्तर तक जातीय समीकरणों के आधार पर राजनीति होती है। सरपंच बनने के लिए जाति पूछी जाती है, आपकी जाति के वोटों के बारे में पूछा जाता है। आप ही बताइए, आखिर कौन-सी पंचायत से आज शिवचरण माथुर सरपंच बन पाते। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहले अलग था और उसी तरह के नेता भी हुआ करते थे।उन्होंने बताया कि शिवचरण माथुर श्याम नगर स्थित साधारण मकान में रहते थे और वहीं से इस दुनिया से विदा हुए। आज मुख्यमंत्री के आने की सूचना 5 दिन पहले मिल जाती है। लाव-लश्कर और तामझाम अलग ही होता है। आज कोई MLA भी बन जाए, तो कोठियां और फार्म हाउस खड़े हो जाते हैं।कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने राजनीति के बदलते अनुभव को साझा किया।MP-MLA ही नहीं अधिकारियों के बंगले भी कम नहींकांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने सांसद मीणा के विचार पर सहमति जताते हुए कहा- जमाना बदल गया है, लेकिन सारा दोष केवल नेताओं पर मढ़ना उचित नहीं है। मकान और बंगले सिर्फ विधायकों-सांसदों के ही नहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के भी कम नहीं हैं। इस पर भी बात होनी चाहिए।पायलट ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाने का उद्देश्य केवल सत्ता सुख नहीं होना चाहिए।सरकार बनाने का उद्देश्य केवल सत्ता सुख नहींपायलट ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाने का उद्देश्य केवल सत्ता सुख नहीं होना चाहिए। मुखिया को कम से कम 70% समय प्रशासन, क्रियान्वयन और विकास कार्यों में देना चाहिए। बाकी 30% में राजनीति सबको करनी चाहिए। लेकिन आज मुखिया 80-90% समय राजनीति में ही चला जाता है। अपनी गोटी कैसे और कहां फिट करनी है, इसी में ऊर्जा लगती है।उन्होंने कहा कि बीते कुछ वक्त में पॉलिसी मेकिंग का काम कुछ चुनिंदा अधिकारियों पर आउटसोर्स कर दिया गया है। वही दिशा तय करने लगते हैं। आज देश में बहुत कम ऐसे नेता बचे हैं, जो अपनी सोच और एजेंडे के साथ आगे बढ़कर लक्ष्य हासिल करते हैं।जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में वक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर के जीवन से जुड़े दिलचस्प किस्सों को भी साझा किया।जयपुर से जुड़ी अपनी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।

March 01, 2026 19:24 UTC


Tags
Finance      African Press Release      Lifestyle       Hiring       Health-care       Online test prep Corona       Crypto      Vpn      Taimienphi.vn      App Review      Company Review      Game Review      Travel      Technology     
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */