नेपाल / केरल के 8 पर्यटक होटल में बेहोश पाए गए, एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पताल लाए जाने पर मौत

नेपाल पुलिस ने कहा- कमरा गर्म रखने के लिए गैस हीटर चलाया था, दम घुटने से मौत की आशंकादो परिवार के सदस्यों की मौत, इनमें 4 बच्चे शामिल, शव काठमांडू से तिरुअनंतपुरम लाए जा रहेDainik Bhaskar Jan 21, 2020, 04:37 PM ISTकाठमांडू. 8 भारतीय पर्यटक मंगलवार को नेपाल के एक होटल में बेहोश पाए गए। पुलिस के मुताबिक, जब इन्हें एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि सभी पर्यटक तिरुअनंतपुरम (केरल) के निवासी हैं। इनके शव काठमांडू से तिरुअनंतपुरम लाए जा रहे हैं।मुरलीधरन ने बताया कि मृतकों में रंजीत और प्रवीण समेत उनकी पत्नियां और 4 बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों ने बताया कि दम घुटने की वजह से इनकी मौत हुई।एक ही कमरे में रुके थे आठों पर्यटक, खिड़की-दरवाजे बंद थेनेपाल पुलिस ने कहा कि 15 सदस्यीय दल केरल से नेपाल आया था। लौटते वक्त ये लोग मकवानपुर जिले के दमन स्थित एवरेस्ट पैनोरमा रिजॉर्ट में रुके थे। होटल मैनेजमेंट ने बताया कि सभी सोमवार रात 9:30 बजे रिजॉर्ट में आए। इन लोगों ने कमरे को गर्म रखने के लिए गैस हीटर ऑन किया था। इन लोगों ने 4 कमरे बुक किए थे। 8 लोग एक ही कमरे में ठहरे थे। बाकी अन्य कमरों में। जिस रूम में आठों पर्यटक ठहरे थे, उसके सभी दरवाजे और खिड़कियां बंद थीं। इन लोगों के साथियों ने सभी के अचेत होने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद इन्हें एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पताल लाया गया, जहां इन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इनकी मौत की वजह गैस लीक हो सकती है।कार्बन मोनोऑक्साइड से जान जाने का खतराखराब गैस हीटर के कारण कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड बनती है। बिना किसी रंग और गंध की यह गैस बेहद जहरीली होती है। इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर के लगभग सभी अंग प्रभावित होने लगते हैं। यही मौत का कारण बन जाती है।

January 21, 2020 09:25 UTC


सबरीमला मंदिर के कपाट मंडलम मकरविलक्कू तीर्थाटन के बाद बंद

दो महीने से अधिक समय तक चले मंडलम मकरविलक्कू तीर्थाटन के संपन्न होने के बाद यहां भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट मंगलवार को पारंपरिक विधि-विधान और पूजा के उपरांत बंद कर दिए गए. पश्चिमी घाट पर वनों के बीच स्थित इस पहाड़ी मंदिर में वैसे तो वार्षिक मकरविलक्कू 15 जनवरी को हुआ, लेकिन इसे श्रद्धालुओं की पूर्जा अर्चना के लिए सोमवार की शाम तक खोलकर रखा गया. त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि तीर्थाटन के आखिरी दिन शन्निधनम (मंदिर परिसर) में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे जिनमें पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालु भी थे. पिछले साल जब माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने के उच्चतम न्यायालय के 28 सितंबर, 2018 के फैसले को लागू करने की घोषणा की थी तब दक्षिणपंथी संगठनों और भाजपा ने यहां जबर्दस्त प्रदर्शन किया था. लेकिन इस साल, फैसले के विरुद्ध दायर समीक्षा याचिकाओं को शीर्ष अदालत ने एक बड़ी पीठ के पास भेजने का फैसला किया.

Source:NDTV

January 21, 2020 09:22 UTC


अनूठी पहल, फसल भी हुईंं सुरक्षित और मिल गया बेसहारों को सहारा Agra News

अनूठी पहल, फसल भी हुईंं सुरक्षित और मिल गया बेसहारों को सहारा Agra Newsआगरा, अभय गुप्ता। ये गोपाल की नगरी है, वह गोपाल जो गायों के पालनहार थे। आज उन्हीं गोपाल की गाय बेसहारा हैं। ठंड में कांपती गाय खेतों में खड़ी फसल बर्बाद कर रही हैं। प्रशासन से गुहार लगाकर हार चुके ग्रामीणों ने एक नजीर पेश कर दी। अब वह बेसहारा गोवंश को भगाते नहीं बल्कि उनकी देखरेख करते हैं। किसानों ने बेसहारा पशुओं को गोद ले लिया, उनकी परवरिश भी बच्चों की तरह कर रहे हैं।ये नजीर पेश की है मथुरा जिले के गांव जटपुरा के किसानों ने। दरअसल, इस इलाके में बेसहारा गोवंश से किसान परेशान थे। इस इलाके में बेसहारा पशुओं से पीड़ित किसानों ने 20 दिन तक धरना-प्रदर्शन किया। जिम्मेदार अफसरों के आश्वासन के बाद भी समस्या से निजात नहीं मिली। ऐसे में किसानों ने खुद ही इस समस्या से निपटने का फैसला लिया। नौहझील ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोलाहर के मजरा जटपुरा के किसानों ने पशुओं से निपटने के लिए बैठक की। 12 जनवरी को ग्राम प्रधान सुभाष सिंह की अगुआई में बैठक हुई। इसमें बेसहारा गोवंश को गोद लेने का किसानों ने संकल्प लिया। गांव की आबादी करीब एक हजार है। ग्रामीणों ने साथ मिलकर खोज की, तो 40 बेसहारा गोवंश घूमते मिले। उन्हें किसानों ने पकड़ लिया और आपसी सहमति के आधार पर एक किसान-एक पशु की तर्ज पर बंटवारा कर लिया। गोवंश को लाकर किसानों ने अपने-अपने घरों में बांध लिए। गोवंश का खुद ही भरण-पोषण करने लगे। किसानों ने 25 गाय, 10 बछड़े और पांच सांड़ को गोद लिया है। गांव के अंशु नौहवार, पवन कुमार, चंद्रभान, नीटू सिंह, विक्रम सिंह, दिनेश सिंह, पप्पी हते हैं कि इससे दो काम हो जाएंगे, भूखे घूम रहे गोवंश को चारा तो मिलेगा ही हमारी फसल भी सुरक्षित रहेगी। गांव के विनोद कुमार, गिरीश कुमार, हमबीर सिंह, जुगेंद्र सिंह, बिज्जो महाशय, मनसो कहते हैं कि ये एक अच्छी पहल है। अगर हर गांव में किसान खुद ही ये पहल करें तो बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात मिल जाएगी। उनका कहना है कि वह सरकार से भी किसी तरह की मदद नहीं लेंगे और फसल के बाद पशुओं को छोड़ देंगे। अगली फसल आने पर फिर बांध लेंगे।बेसहारा पशुओं को नहीं मिला सहारासरकार की तमाम सख्ती और सामाजिक सहयोग के बाद भी बेसहारा पशुओं को आसरा नहीं मिल पाया है। फसल के नुकसान से आहत किसान अब फिर पशुओं को स्कूलों में बंद कर रहे हैं। समस्या का हल तब तक नहीं मिल सकता जब तक इनके दाने-पानी की समुचित व्यवस्था न की जाए। अभी इनके लिए बनाए गए आश्रय स्थलों में प्रति गाय 30 रुपये ही आहार के लिए मिलते हैं, यह नाकाफी साबित हो रहे हैैं।ब्रज के जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 60 हजार से अधिक बेसहारा गोवंश हैं। इनमें से महज 970 को ही गोद लिया गया। ब्रज क्षेत्र में 188 गोशालाएं बनाई गईं, मगर इनमें भी बेसहारा को आसरा नहीं मिल पा रहा है। आश्रित पशुओं के लिए अकेले आगरा में ही एक करोड़ का बजट आया जिसमें 70 लाख खर्च किए जा चुके हैं। मैनपुरी में 84 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैैं। बेसहारा गोवंश से फसल के नुकसान के कारण दो किसान आत्महत्या भी कर चुके हैं।आगरा:जिले मेंं बेसहारा गोवंश 32 हजारसंरक्षित गोवंश 1255आश्रय स्थल 20सिपुर्दगी में लिए 388मथुरा:जिले में बेसहारा गोवंश 18612आश्रय स्थल 82संरक्षित 6147सिपुर्दगी में लिए गोवंश 167फीरोजाबाद:- जिले में बेसहारा गोवंश 7000- संरक्षित गोवंश 3960- जिले में आश्रय स्थल 43- सिपुर्दगी में लिए गोवंश 160मैनपुरी:जिले में बेसहारा गोवंश 4521संरक्षित गोवंश 2021जिले में आश्रय स्थल 14सिपुर्दगी में लिए गोवंश 298एटा:जिले में बेसहारा पशु 4488आश्रय स्थल 20संरक्षित पशु 2660सिपुर्दगी में लिए गए पशु 298कासगंज:जिले में आवारा गोवंश 6 हजारजिले में संरक्षित गोवंश 3070जिले में आश्रय स्थल 09सिपुर्दगी में लिए पशु 47Posted By: Tanu Guptaडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 09:22 UTC


Delhi Election 2020 : दिल्ली फतह के लिए भाजपा ने रचा 'चक्रव्यूह', 80 सांसदों को मिली जिम्मेदारी

Delhi Election 2020 : दिल्ली फतह के लिए भाजपा ने रचा 'चक्रव्यूह', 80 सांसदों को मिली जिम्मेदारीनई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। चुनावी रण में दमखम दिखाने के लिए भाजपा मजबूत चक्रव्यूह रचने में लगी हुई है। बूथ प्रबंधन से लेकर चुनाव प्रचार को अचूक बनाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली के नेताओं के साथ मिलकर रणनीति बनाने में व्यस्त है। अलग-अलग राज्यों के संगठनकर्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों को इस अभियान में लगाने के साथ ही सांसदों को भी चुनावी जिम्मेदारी दी जा रही है।दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव अभियान की कमान संभालने के लिए 80 सांसदों की टीम उतारी जा रही है। अमूमन एक सीट पर एक सांसद को तैनात किया जाएगा, लेकिन दो लाख से ज्यादा मतदाताओं वाली सीट की जिम्मेदारी दो सांसद मिलकर संभालेंगे। अगले एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। नगर निगम और लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पार्टी की नजर दिल्ली की सत्ता पर है।दूसरे राज्यों के नेता भी करेंगे चुनाव प्रचारइस समय आप यहां की सत्ता पर काबिज है, जिसके पास अरविंद केजरीवाल जैसा मजबूत चेहरा है। इसके साथ ही केजरीवाल सरकार की मुफ्त योजनाओं से पार पाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। इसे ध्यान में रखकर भाजपा अपने चुनाव प्रचार अभियान व बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रत्येक मतदाता तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश हो रही है। इसमें कहीं कोई खामी न रह जाए, इसके लिए स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ही केंद्रीय मंत्री, सांसद सहित दूसरे राज्यों के नेताओं को भी प्रचार अभियान में उतारा जा रहा है।प्रत्येक लोकसभा स्तर पर एक केंद्रीय मंत्री या पूर्व मंत्री के साथ ही किसी राज्य का संगठन महामंत्री की तैनाती की गई है। उनकी निगरानी में उस लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा की कमान किसी सांसद को दी जा रही है। वह स्थानीय नेताओं व लोकसभा स्तर पर तैनात केंद्रीय मंत्री के बीच सामंजस्य स्थापित करके सीट जीतने की रणनीति बनाकर उस पर अमल करेगा।पूर्वांचल और उत्तराखंड के लोगों के बीच जाएंगे सांसदभाजपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। उसके साथ ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांसदों की तैनाती कर दी जाएगी। सांसदों की तैनाती करते समय उस सीट के चुनावी समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। यदि किसी सीट पर पूर्वांचल या उत्तराखंड के लोग ज्यादा होंगे तो वहां उसी प्रदेश से संबंधित सांसद को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि वह लोगों के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर सके।Posted By: Mangal Yadavडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 09:18 UTC


तीनों सेना प्रमुखों ने देखी अजय देवगन की 'तानाजी', 'राज़ी' वाले हरिंदर सिक्का बोले- इतिहास रच दिया

तीनों सेना प्रमुखों ने देखी अजय देवगन की 'तानाजी', 'राज़ी' वाले हरिंदर सिक्का बोले- इतिहास रच दियानई दिल्ली, जेएनएन। अजय देवगन की फ़िल्म तानजी बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाबी का इतिहास लिख रही है। फ़िल्म 200 करोड़ के कलेक्शन की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। वहीं, तमाम लोगों से फ़िल्म को तारीफ़ भी मिल रही है। अजय देवगन ने हाल ही में दिल्ली में फ़िल्म की ख़ास स्क्रीनिंग रखी, जिसमें तीनों सेना प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान हरिंदर सिक्का भी मौजूद रहे, जिनकी किताब कॉलिंग सहमत पर मेघना गुलज़ार राज़ी से सफल फ़िल्म बना चुकी हैं।हरिंदर सिक्का ने फ़िल्म की स्क्रीनिंग की तस्वीर साझा की, जिसमें अजय देवगन, प्रोड्यूसर भूषण कुमार और कुमार मंगत सेना प्रमुखों के साथ नज़र आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ हरिंदर सिक्का ने लिखा- तानाजी ने इतिहास रच दिया है। मिलिट्री, नेवी और एयर फोर्स के प्रमुखों ने एक साथ अजय देवगन और काजोल की मुग्ध कर देने वाली फ़िल्म दिल्ली में देखी, जो एक राष्ट्रीय हीरो पर बनी है। इसे मिस मत करना दोस्तों, यह ज़बर्दस्त है। हरिंदर सिक्का ख़ुद नेवी में रह चुके हैं।अजय देवगन ने उनके ट्वीट को रीट्वीट करके लिखा- तीनों मुखियाओं के साथ वक़्त बिताकर सम्मानित महसूस कर रहा हैं। तानाजी को प्यार देने के लिए धन्यवाद।Honoured to spend an evening with the three Chiefs. Thank you all for the love given to Tanhaji. @sikka_harinder https://t.co/kHDCUr4uIM" rel="nofollow — Ajay Devgn (@ajaydevgn) January 20, 2020एक अन्य ट्वीट में सिक्का ने लिखा- दशकों से असली नायकों की कहानियां राजनीति के चलते अल्मारियों में बंद रहीं। मगर, जेएनयू के टुकड़े-टुकड़े गैंग की कहानियां दिखायी जाती रहीं। तानाजी ने उन ज़ंज़ीरों को तोड़ा है।आरामी, नेवी और एयरफोर्स के प्रमुखों ने मुगलों पर देशभक्तों की जीत को श्रद्धांजलि दी है।For decades,stories of REAL heroes were locked in safe vaults by polity. But stories of Tukde-Tukde gangs #JNU aired with impunity.#Tanhaji breaks shackles. Chiefs of Army, Navy,Air Force pay tribute to patriot’s victory over moguls.

January 21, 2020 09:11 UTC


U19 world cup 2020: भारतीय स्पिनर रवि ने झटके 4 गेंद पर 4 विकेट, लेकिन नहीं मानी गई 'हैट्रिक' !

U19 world cup 2020: भारतीय स्पिनर रवि ने झटके 4 गेंद पर 4 विकेट, लेकिन नहीं मानी गई 'हैट्रिक' ! नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप में बतौर डिफेंडिंग चैंपियन खेलने उतरी है। प्रियंम गर्ग की कप्तानी वाली टीम ने टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ किया और जापान के खिलाफ भी उसकी शानदार गेंदबाजी देखने को मिली। भारतीय स्पिनर रवि विशनोई इस टूर्नामेंट में चार गेंद पर चार विकेट हासिल किए लेकिन फिर भी इसे हैट्रिक में नहीं गिना जाएगा।भारत अंडर 19 विश्व कप के अपने दूसरे मुकाबले में जापान के खिलाफ पहले गेंदबाजी करते हुए दबाव बनाने में कामयाब रही। महज 19 रन के स्कोर पर रवि विशनोई की घातक गेंदबाज के दम पर जापान के 7 विकेट गिरा दिए। इस मैच में रवि ने विकटों की शुरुआत दो लगातार गेंद पर दो विकेट लेकर की लेकिन वो हैट्रिक से चूक गए।रवि विशनोई ने 4 गेंद पर लिए 4 विकेटभारतीय टीम के 19 साल के युवा स्पिनर ने विश्व कप के पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ भी लाजवाब गेंदबाजी की थी। उन्होंने 10 ओवर में 44 रन देकर दो विकेट चटकाए थे। यह दोनों विकेट उन्होंने पारी के आखिरी में लिए थे। जापान के खिलाफ रवि ने पहली दो गेंद पर दो विकेट झटके। इस तरह से रवि के नाम टूर्नामेंट में चार लगातार गेंद चार विकेट लेने का कीर्तिमान दर्ज हुआ।4 लगातार गेंद पर विकेट क्यों नहीं मानी जाएगी हैट्रिकरवि ने श्रीलंका और जापान के खिलाफ मुकाबले को मिलाकर चार लगातार गेंद पर चार विकेट हासिल लिए लेकिन यह अलग अलग टीमों के खिलाफ अलग अलग मैच में है। नियम के मुताबिक अगर रवि ने एक ही मैच में अलग अलग स्पेल में भी तीन विकेट लिए होते तो हैट्रिक माना जाता लेकिन ऐसा नहीं होने की वजह से इसे हैट्रिक नहीं माना जाएगा।Posted By: Viplove Kumarडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 09:11 UTC


INR Rate, Gold Price forecast: जानिए आने वाले दिनों में कैसी रहने वाली है भारतीय रुपये और सोने की चाल

INR Rate, Gold Price forecast: जानिए आने वाले दिनों में कैसी रहने वाली है भारतीय रुपये और सोने की चालनई दिल्ली, पवन जायसवाल। जब भी बाजार के उतार-चढ़ाव की बात होती है, तो सोना और रुपया बहुत महत्वपूर्ण फैक्टर होते हैं। वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों का इन दोनों पर सीधा असर पड़ता है। आज हम आपको बताएंगे कि आने वाले दिनों में सोने और भारतीय रुपये की चाल कैसी रहने वाली है। अगर हम बात सोने और रुपये के बीच संबंध की करें, तो ये दोनों एक दूसरे के विरोधाभासी हैं। अर्थात जब रुपया मजबूत होता है, तो सोने में गिरावट देखने को मिलती है, और जब रुपया कमजोर होता है, तो सोने में तेजी देखी जाती है।आने वाले समय में महंगा होगा सोनाआने वाले समय में सोने की कीमतों को काफी सपोर्ट मिलने के आसार हैं। इसके लिए वैश्विक और घरेलू दोनों कारण जिम्मेदार होंगे। केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर और रिसर्च हेड अजय केडिया के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने का भाव वायदा बाजार में 40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम, और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1,590 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। कीमतों में इस बढ़ोत्तरी के पीछे निम्न वजहें होंगी।1. गौरतलब है कि हाल ही में आरबीआई ने 5 महीने बाद सोने की खरीदारी की है। इससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।4. चीन में 25 जनवरी से नया साल शुरू होने वाला है। इस दौरान चीन में सोने की अच्छी मांग रहेगी, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।5. भू-राजनीतिक तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में आने वाले समय में तेजी बने रहने के आसार हैं, जिससे रुपया कमजोर होगा और इसका सीधा असर सोने की कीमतों में बढ़ोत्तरी के रूप में दिखायी देगा।रुपये में देखने को मिलेगी गिरावटइस नए साल में रुपये में गिरावट का दौर देखा जा सकता है। अजय केडिया के अनुसार, रुपये के आने वाले दिनों में एक डॉलर के मुकाबले 72 रुपये तक जाने के आसार हैं। यूएस-इरान के बीच हालिया तनाव की शुरुआत में भी रुपये में काफी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बाद में रुपये में मजबूती आई। केडिया के अनुसार, रुपये में आई यह मजबूती कम सयम के लिए थी और आगे गिरावट देखने को मिलेगी। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या-क्या कारण होंगे।1. भारतीय रुपये का सीधा और बड़ा संबंध क्रूड ऑयल की कीमतों से है। केडिया के अनुसार, भू-राजनीतिक उथल-पुथल के चलते क्रूड ऑयल का फ्यूचर प्राइस करीब एक महीने तक 65 डॉलर से ऊपर रहने के आसार हैं। इससे रुपये पर दबाव पड़ेगा और इसमें गिरावट आएगी।3.

January 21, 2020 09:11 UTC


Alert! वर्षों तक जिंदा रह सकता है Corona Virus, खांसने और छींकने वालों से बनाकर रखें दूरी

वर्षों तक जिंदा रह सकता है Corona Virus, खांसने और छींकने वालों से बनाकर रखें दूरीनई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। कोरोना वायरस चीन से निकलकर एशिया के दूसरे देशों में पांव पसार रहा है। अब तक इस वायरस के तीन मामले जापान और थाइलैंड और एक मामला दक्षिण कोरिया में सामने आ चुका है। आस्‍ट्रेलिया में भी चीन से लौटे एक शख्‍स की गहन जांच की जा रही है। पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर कई देशों ने चीन की यात्रा करने वाले लोगों को अलर्ट जारी किया है। भारत ने भी इसी तरह का अलर्ट जारी कर रखा है। अकेले चीन में ही इसके अब तक करीब 220 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि तीन लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो चुकी है।वुहान में सामने आया पहला मामलाआपको बता दें कि इसका सबसे पहला मामला चीन के वुहान शहर में सामने आया था। वर्ष 2002 और 2003 में इसकी वजह से चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हुई थी। वर्तमान में इस वायरस से जो तीन मौत हुई हैं वो भी वुहान शहर में ही हुई हैं। चीन में अब तक इसके जो मामले सामने आए हैं उनमें अकेले 198 मामले वुहान में ही सामने आए हैं।जानकारियों को लेकर असमंजसगौरतलब है कि इस वायरस को लेकर अभी तक कई सारी जानकारियां सामने नहीं आ सकी हैं। इनमें से एक और सबसे अहम जानकारी इस वायरस के फैलने को लेकर है। अभी तक इसको लेकर जो दो बातें सामने आई हैं उनमें इसका स्रोत सीफूड मार्केट और पशुओं को माना जा रहा है। डब्‍ल्‍यूएचओ ने आशंका व्‍यक्‍त की है कि इसका स्रोत पशु हो सकते हैं। वहीं इस वायरस को लेकर एक बेहद खास जानकारी जो सामने आई है वो ये भी है कि यह किसी भी संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।भारत सरकार की एडवाइजरी में जारी बातेंभारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इसके अलावा मंत्रालय ने लोगों को कुछ एहतियात बरतने की भी सलाह दी है। ये सलाह चीन की यात्रा करने वालों के अलावा अन्‍य लोगों के लिए भी है।अपने साथ ताजा खाना रखें और बाहर खाना खाने से बचें।हाथ मिलाने से बचें, यदि जरूरी ही हो तो हाथों को बाद में साबुन से अच्‍छे से धो लें।छींक या खांसी आने की सूरत में मुंह को कवर कर लें।किसी भी ऐसे व्‍‍‍‍‍‍यक्ति के संपर्क में आने से बचें जिसकी तबियत ठीक न हो। इसमें भी खांसी और छींकने वाले रोगी खास हैं।जानवरों के नजदीक जानें से बचें। इसके अलावा रॉ मीट का सेवन करने से भी बचें।किसी भी तरह से जानवरों के लिए बनाए गए फार्म, पशुओं के बाजार और बूचड़खाने में जाने से बचें।घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्‍क का प्रयोग करें।चीन जाने वाले अपने स्‍वास्‍थ पर करीब से नजर जरूर रखें, खांसी होने या लगातार छींक आने पर डॉक्‍टर की सलाह भी जरूर लें। यदि आप अस्‍वस्‍थ्‍य हैं तो यात्रा न करें।चीन जाने वाले किसी भी भारतीय को यदि यात्रा के दौरान विमान में अपनी तबियत खराब महसूस हो तो इसकी जानकारी तुरंत विमान में मौजूद परिचालिका को दें। परिचालिका से मास्‍क भी जरूर लें। ऐसे यात्री एयरपोर्ट हैल्‍थ ऑथोरिटी और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से संपर्क करें।अपने स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी देते समय डॉक्‍टर को अपनी ट्रेवल हिस्‍ट्री भी जरूर बताएं।इधर भी दें ध्‍यानयूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक Severe acute respiratory syndrome या SARS निमोनिया का खतरनाक रूप है। इस तरह के मामले में सांस लेने में तकलीफ की शिकायत भी होती है। कई बार इसमें मौत तक हो जाती है। खांसी-जुकाम का होना इसके रोगी की पहचान है। वर्ष 2003 में इस वायरस ने चीन में पांव पसारने शुरू किए थे और यह इसी दौरान ये खतरनाक स्‍तर तक जा पहुंचा था। खांसने और छीकने की वजह से यह वायरस खुली हवा में फैल जाता है ऐसे में व्‍यक्ति के आसपास का वातावरण भी दूषित हो जाता है, जिसकी वजह से वहां मौजूद अन्‍य लोग भी इसकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं। इसमें सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका वायरस कुछ माह से लेकर वर्षों तक भी जिंदा रह सकता है। इतना ही नहीं तापमान के अधिक गिरने पर भी यह वायरस जिंदा रह सकता है। इसके हवा में तेजी से फैलने की जानकारी भी कुछ जगहों पर सामने आई है। मल में इसका वायरस तलाशा जा चुका है और उस माहौल में यह करीब चार दिनों तक जिंदा रह सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो यह वायरस से ग्रसित रोगी के ठीक होने के बाद भी यह वायरस दोबारा हमला कर सकता है। इसके मुताबिक इस वायरस के संपर्क में आने के दो से दस दिनों के बाद व्‍यक्ति पर इसका असर दिखाई देने लगता है।यह भी पढ़ें:-'परिवार के साथ डर से कांपते उस दिन कितनी दूर तक बर्फ के बीच पैदल चले पता नहीं'दुनिया के कई शाही परिवार के सदस्‍यों ने भी ठुकराया Royal Family Member का दर्जामिडिल ईस्‍ट में तनाव का भारत की तेल आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर, खत्‍म होगी निर्भरताPosted By: Kamal Vermaडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 21, 2020 09:11 UTC


यूपी / सरयू में पीपा पुल से टकराकर नाव पलटी; 12 तैरकर बाहर निकले और 19 लापता, एक शव बरामद

गोंडा के बेगमगंज थाना इलाके में कैथी घाट की घटना, गोताखोर लापता 19 लोगों की तलाश कर रहे हैंप्राथमिक विद्यालय के शिक्षक संदीप गुप्ता की डूबने से मौत, डीएम ने कहा- नाविक की हालत ठीक नहींDainik Bhaskar Jan 21, 2020, 04:25 PM ISTगोंडा. सरयू नदी में पीपे के पुल से टकराकर मंगलवार को नाव पलट गई। नाव में 32 लोग सवार थे, जिसमें से 12 लोग तैरकर किनारे पहुंच गए जबकि 19 अभी भी लापता हैं। पुलिस गोताखोरों की मदद से बचावकार्य में जुटी है। शिक्षक का शव मिला है। एसओ ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि हादसा बेगमगंज के कैथी घाट पर हुआ।ग्रामीणों के अनुसार, अयोध्या से गोंडा के एली परसौली गांव के लिए मंगलवार दोपहर नाव रवाना हुई थी। पीपे के पुल से टकराने के बाद नाव पलट गई। इसमें प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली डीह के शिक्षक संदीप गुप्ता की डूबने से मौत हो गई। संदीप गुप्ता अयोध्या जिले के रुदौली के रहने वाले थे।डीएम ने कहा- नाविक के होश में आने पर ठीक जानकारी मिलेगीगोंडा के डीएम नितिन बंसल ने बताया कि नाव हादसे में अधिकतर लोग तैरकर बाहर निकल आए हैं। दो महिलाएं और दो बच्चे भी नाव में सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। एक शिक्षक की मौत हुई, उसका शव मिला है। ऐली परसौली गांव के तीन लोग नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश जारी है। राहत बचाव के लिए एसडीआरएफ, पीएसी को लगाया गया है। नाविक की हालत ठीक नहीं है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसके होश में आने पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।

January 21, 2020 09:07 UTC


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