अब भारत के 29 करोड़ 'लापता' वोटर्स को मिलेगा वोटिंग का अधिकार! - Dainik Bhaskar

Dainik Bhaskar Feb 26, 2020, 10:42 AM ISTदुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत, जहां 1.3 अरब लोगों की विशाल आबादी रहती है। इस तकनीकी प्रगति के युग में देश की जनसंख्या का एक बड़ा समूह उच्च शिक्षा, रोजगार की तलाश और शादी के बाद बेहतर भविष्य के लिए अपने शहरों को छोड़कर चले जाते हैं। भौगोलिक बाधाओं की वजह से दूसरे शहरों में विस्थापित हो चुके इन लोगों को संविधान द्वारा मिले अपने अधिकारों से भी समझौता करना पड़ता है, जिसमें एक प्रमुख अधिकार है मतदान का। दरअसल, जिस तरह से देश के अंदर किसी भी जगह पर जाकर रहना लोगों का मौलिक अधिकार है, ठीक वैसे ही वोट करना भी उनका दायित्व है, लेकिन अबतक दोनों में से किसी एक के साथ समझौता किया जा रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए The Times of India ने अपना सबसे बड़ा सामूहिक अभियान LOST VOTES लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य उन लोगों को मतदान का अधिकार दिलाना है, जो अपने उस पते से दूर चले गए हैं जहां उनका वोट रजिस्टर्ड है।इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए TOI पब्लिकेशन ने माइग्रेट हुए लाखों वोटर्स और संबंधित नागरिकों के बीच जाकर वोट डालने के महत्व और इसकी तात्कालिकता के बारे में जागरूकता पैदा की। इस अभियान के दौरान जो जानकारी प्राप्त हुई, वो चौंकाने वाली थी। इसके मुताबिक 290 मिलियन (29 करोड़) पात्र मतदाता अपने स्थायी पते से दूर होने की वजह से वोट देने में असमर्थ थे। TOI अपने LOST VOTES कैम्पेन के जरिए उन करोड़ो लोगों की आवाज बना और चुनाव आयोग से तत्काल इसका प्रभावी और स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया। लगभग एक साल तक चले इस कैम्पेन के बाद, चुनाव आयोग ने हाल ही में घोषणा की कि वे एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जो उन लोगों को वोटिंग का अधिकार देगा, जो अपने स्थायी पते पर नहीं रहते हैं।लॉस्ट वोटिंग कैम्पेन को लेकर The Times of India के डायरेक्टर संजीव भार्गव ने कहा कि हमने पिछले साल ही एक दमदार और सरल विचार के साथ LOST VOTES कैम्पेन को लॉन्च किया था, जिसका मकसद उन लोगों को वोटिंग का अधिकार दिलाना था, जो स्थायी पते पर नहीं रहने की वजह से मतदान करने में असमर्थ हैं। यह जानकर ताज्जुब हुआ कि ऐसे लोगों की संख्या लगभग तीस करोड़ के आसपास है। इस कैम्पेन के जरिए एक ऐसी तकनीकी समाधान की मांग की गई, जिसके द्वारा अपने स्थायी पते से दूर रह रहे लाखों-करोड़ों लोगों को वोट करने का मौलिक अधिकार मिल सके। एक लाख से अधिक लोगों ने इस कैम्पेन के समर्थन का संकल्प लिया। और एक साल से भी कम समय के बाद चुनाव आयुक्त ने इस यात्रा को शुरू करने की घोषणा की है। हमें अपने लोकतंत्र की मजबूती में सहायक होने पर गर्व है! TOI के लिए यह आश्चर्य की बात नहीं है, जब हम कहते हैं- 'बदलाव यहां से शुरू होता है'।

February 25, 2020 13:30 UTC


Delhi Violence: दिल्ली के हिंसक प्रदर्शनों में बड़ी साजिश,पीएफआई और भीम आर्मी के हाथ का संदेह

नई दिल्ली, आइएएनएस। दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हालिया हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) और भीम आर्मी का हाथ होने का संदेह है। पिछले दो दिनों से दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में हो रही आगजनी और फायरिंग की घटनाओं के साथ-साथ अलीगढ़ में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच लिंक भी मिला है। कुछ प्रमुख मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) के आधार पर उत्तर प्रदेश इंटेलीजेंस की रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ के आंबेडकर पार्क में विरोध प्रदर्शन करने वाले भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपने के बाद पीएफआइ के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों के एक समूह ने भी भीम आर्मी और पीएफआइ के नेताओं से मुलाकात की थी। तत्पश्चात भीम आर्मी के नेतृत्व में एक बड़ा समूह शहर के प्रमुख स्थान पर स्थित धार्मिक स्थल पर पहुंचा और पोस्टर हटाने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अलीगढ़ पुलिस के एक सर्किल ऑफीसर (सीओ) ने फोन पर बताया, 'अलग-अलग स्थानों पर एक साथ हिंसक घटनाओं की श्रृंखला शुरू हो गई। ऐसा लगता है कि यह (पथराव) पूर्व नियोजित है और इसका दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में हुई हिंसा से लिंक है। हम कुछ अहम फोन कॉल डाटा का सत्यापन कर रहे हैं।'पीएफआइ के खाते से प्रदर्शकारियों के खातों में ट्रांसफर हुई धनराशिप्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि पीएफआइ ने अपने खाते से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई लोगों के खातों में धनराशि ट्रांसफर की थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसे कुल 73 खातों की पहचान की गई है।ईडी रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े लेन-देन पीएफआइ के दिल्ली स्थित मुख्य खाते से किए गए हैं। पीएफआइ का राष्ट्रीय मुख्यालय दिल्ली के शाहीन बाग में स्थित है। ईडी ने पीएफआइ के नेताओं और भीम आर्मी पदाधिकारियों के बीच लिंक का भी पता लगाया है। पीएफआइ दिल्ली का अध्यक्ष मुहम्मद परवेज अहमद शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शनों में प्रमुख रूप से सक्रिय है। वह भीम आर्मी के कई वाट्सएप ग्रुपों से भी जुड़ा हुआ है।Posted By: Sanjeev Tiwariडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

February 25, 2020 13:18 UTC


स्नातक पार्ट वन व पार्ट टू की परीक्षा की तिथि घोषित

स्नातक पार्ट वन व पार्ट टू की परीक्षा की तिथि घोषितसंवाद सूत्र, मुंगेर : मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक पार्ट वन सत्र 2019-22एवं स्नातक पार्ट टू ऑनर्स व सब्सीडरी सत्र 2018-21 के परीक्षा की तिथि विश्वविद्यालय द्वारा जारी कर दी गई है। स्नातक पार्ट वन ऑनर्स विषयों की परीक्षा 24 मार्च से 18 अप्रैल तक होगी। सब्सीडरी विषयों की परीक्षा 21 अप्रैल से 16 मई तक होगी। पार्ट टू ऑनर्स विषयों की परीक्षा 25 मार्च से 15 अप्रैल व सब्सीडरी विषयों की परीक्षा 20 अप्रैल से 15 मई तक होगी। विश्वविद्यालय द्वारा दोनों सत्रों के ऑनर्स विषयों की परीक्षा को लेकर 12 एवं सब्सीडरी विषयों की परीक्षा के लिए 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही सभी केंद्रों के लिए केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई है। उक्त जानकारी मुंगेर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर बीआरएम कॉलेज, जमालपुर कॉलेज जमालपुर, जेआरएस कॉलेज, जमालपुर2. जेआरएस कॉलेज, जमालुपर आरडी एंड डीजे कॉलेज, इंटरनेशल कॉलेज घोसैठ, एचएस कॉलेज हवेली खड़गपुर3. बीआरएम कॉलेज, मुंगेर जेएमएस कॉलेज, मुंगेर, आरएस कॉलेज, तारापुर4. कोशी कॉलेज, खगड़िया महिला कॉलेज खगड़िया, केएमडी कॉलेज, परबत्ता, केडीएस कॉलेज, गोगरी, एमएस कॉलेज, अलौली,एसजीके कॉलेज, महेशखुंट5.

February 25, 2020 13:18 UTC


'पीएम मोदी बहुत मजबूत और सख्‍त शख्सियत हैं...': डोनाल्‍ड ट्रंप की कही 5 बड़ी बातें

डोनाल्ड ट्रंप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौराननई दिल्‍ली: दो दिनी भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सवाल-जवाबों से भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नागरिकता संशोधित कानून, कश्मीर और भारत-पाकिस्तान से जुड़े कई सवालों का सामना किया. कुछ पर ट्रंप ने बहुत ही बेबाकी से बात की, तो कुछ सवालों को वह बहुत ही चतुराई से टाल गए. और कुछ सवालों को उन्होंने भारत का अंदरूनी मामला करार दिया. चलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की पांच बड़ी बातों के बारे में जान लीजिए:

Source:NDTV

February 25, 2020 13:15 UTC


संजय खान की किताब 'अस्सलामुअलैकुम वतन' हुई लॉन्च, बोले- सरकार बंद करे 'अल्पसंख्यक' शब्द का इस्तेमाल...

बॉलीवुड एक्टर और फिल्ममेकर संजय खान (Sanjay Khan) ने सभी भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे एकदूसरे को धर्म के संकीर्ण चश्मे से नहीं देखें. उन्होंने कहा कि सरकार को 'अल्पसंख्यक' शब्द का इस्तेमाल बंद करना चाहिए. संजय खान ने 'अस्सलामुअलैकुम वतन (Assalamualaikum Watan)' नाम की अपनी नई किताब के विमोचन के अवसर पर सोमवार को यह कहा. संजय खान ने इस मौके पर कहा, 'भारतीय मुसलमान के तौर पर हमें गर्व की अनुभूति होनी चाहिए. इस मौके पर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि खान धर्मनिरपेक्ष भारत की विचारधारा को आगे लेकर गए हैं.

Source:NDTV

February 25, 2020 13:07 UTC


टैरो कार्ड्स / जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहने, दोहरी चुनौतियों का सामना करने का रह सकता है दिन

मेष राशि वालों के लिए सामान्य परिणाम देने वाला रह सकता है दिनवृष राशि वालों पर बिजनेस के मामलों में रह सकता है दबावमिथुन राशि वालों के लिए मिलाजुला रह सकता है बुधवारDainik Bhaskar Feb 25, 2020, 05:49 PM ISTजीवन मंत्र डेस्क. बुधवार, 26 फरवरी 2020 को टैरो राशिफल के मुताबिक 12 में से 9 राशियों के लिए दिन अच्छे परिणाम देने वाला रह सकता है। वहीं, 3 राशियों के लिए थोड़ा विपरीत परिस्थितियों वाला हो सकता है। मेष राशि वालों के लिए सामान्य परिणाम देने वाला रह सकता है दिन, वृष राशि वालों पर बिजनेस के मामलों में रह सकता है दबाव, मिथुन राशि वालों के लिए मिलाजुला रह सकता है बुधवार। आपके लिए कैसा रहेगा दिन जानिए टैरो कार्ड रीडर शीला एम. बजाज से।मेषआज आपके लिए समय थोड़ा सामान्य रह सकता है। संभव है आज आप कुछ बातों से खुद को थोड़ा विचलित महसूस करें। काम में मन कम ही लगेगा लेकिन ये समय आपके लिए जिम्मेदारियों की अनदेखी करने का नहीं है। किसी भी तरह अपने आपको थोड़ा सामान्य रखें और काम को प्राथमिकताओं से निपटाएं। किसी भी मामले में आपको दूसरों पर या परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहना है। अपने काम स्वयं पूरे करें।वृषआज का दिन आपके लिए दो तरह की चुनौतियों से भरा हो सकता है। बिजनेस के मामलों में आपको दूसरों से बेहतर साबित होने का दबाव रह सकता है। वहीं, कुछ अच्छी सूचनाएं आपके निजी जीवन में खुशी ला सकती है। आपके बिगड़े हुए काम बनेंगे। जो काम कुछ समय से करना चाह रहे थे, वह करने में सफलता मिलेगी। अपनी मेहनत में कोई कमी न होने दें। परिवार में यदि कोई विवाद उत्पन्न हो रहा है तो अपना मत अवश्य रखें, जो सच है उसका साथ दें।मिथुनआज का दिन आपके लिए कुछ मिले-जुले परिणाम देने वाला रह सकता है। कुछ मामलों में आपको मनमाफिक परिणाम मिलने के योग हैं, लेकिन कुछ मामले आपको निराश भी कर सकते हैं। अपने ऊपर दोनों तरह की परिस्थितियों का असर ज्यादा ना होने दें। अपनी आध्यात्मिक प्रगति के लिए कोई कदम उठाने के लिए अच्छा है। आज आप किसी धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं।कर्कआज का दिन आपके लिए वक्त के मुताबिक काम करने का है। अगर परिस्थितियां आपके टारगेट्स के आड़े आ रही हैं तो आपको खुद को थोड़ा रोकना चाहिए। समय के साथ ही आपको आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। अपने आसपास के माहौल के प्रति सतर्क रहें। कोई खास व्यक्ति या परिचित ही आपको धोखा दे सकता है या आपको भावनात्मक रूप से तोड़ सकता है। दूसरों पर भरोसा कम ही करें।सिंहआज का दिन आपके लिए बहुत खास रहने वाला है। आपके लिए दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ और बेहतरीन परिणाम देने वाला रहेगा। आज आप अपनी जिम्मेदारियों के साथ ही अपने बारे में भी सोचेंगे। संभव है, आज आप खुद के भविष्य और करियर को लेकर थोड़ा तनावपूर्ण महसूस कर सकते हैं। यदि कोई बात आपको उचित न लगे तो उसे मानने की आवश्यकता नहीं है।कन्याआज आपसे निर्णय लेने में कुछ गलती होने की आशंका है। संभव है आज आप खुद से ज्यादा दूसरों की बातों के प्रभाव में रहेंगे। किसी मामले में आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आप खुद के विवेक से ही निर्णय लें। अगर किसी मामले में आपको दुविधा लग रही है तो आप आज के लिए उन मामलों का टाल दें। फैसलों को टाल देने से भी आपके लिए नुकसान की आशंका कम रहेगी।तुलाआज आपको अपने आसपास के लोगों से थोड़ा सतर्क रहना पड़ सकता है। कोई जानबूझकर आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। आज खुद को काम में व्यस्त रखें। कोशिश करें कि आज कोई महत्वपूर्ण फैसला ना लेना पड़े। आपमें से कुछ लोगों को गलत संगत के कारण भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। गुस्से या आवेश में आकर आप खुद का नुकसान भी कर सकते हैं।वृश्चिकआज का दिन आपके लिए एक नई तरह की चुनौती भरा हो सकता है। आपके लिए समय सकारात्मक ऊर्जा वाला है, केवल उसे आपको सही दिशा और सही कामों में लगाने की आवश्यकता है। आज कामों को टालना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। किसी मामले में आपके लिए स्थिति सकारात्मक हो सकती है, लेकिन आपको फिर भी सावधानी से अपने कामों को परिणाम तक ले जाना होगा।धनुआज अपनी गलतियों को स्वीकार करें, उन्हें नकारने की बजाय उनसे सीख लें तो भविष्य में कई और गलतियों से सीख सकते हैं। भविष्य के लिए आज कोई योजना न बनाएं नहीं तो बाद में उसमे बहुत फेरबदल करने पड़ सकते हैं। आज पुरानी गलतियों के कारण परेशानी उठानी पड़ सकती है। किसी की बात अपने दिल पर न लें न ही उसके कारण अपने अहं को बढ़ने दें नहीं तो यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है।मकरआज का दिन आपके लिए कुछ निराशाजनक हो सकता है। आज दूसरे शहरों या विदेश से मिलने वाली खबरें संभवतः आपके अनुकूल नहीं रहेंगी। आपको अपनी स्थिति को पुख्ता करने और सुरक्षित करने की आवश्यकता महसूस होगी। खाने-पीने की चीजों की पर्याप्त जांच करें, कोई भी चीज का सेवन इस विचार के बाद ही करें कि क्या आपके लिए अच्छा है, क्या आपको नुकसान पहुंचा सकता है।कुंभआज का दिन आपके लिए मौज-मस्ती से भरा और नई ऊर्जा वाला रह सकता है। करीबी दोस्तों के साथ छोटी यात्रा के लिए जाने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है। आपको कुछ बातों में सावधानी रखनी पड़ सकती है। किसी भी मामले में अपने आप को पूरी तरह इन्वाल्व करने के पहले ठीक से विचार करें। बेवजह बातें आपकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं।मीनआज का दिन आपके लिए प्रोफेशनल मामलों में कुछ महत्वपूर्ण रहने वाला है। निजी जीवन में आपके लिए थोड़ा तनाव और थकान का समय रह सकता है। घरेलू हलचल से भरा रहेगा। इस समय आपके परिवार में कुछ आयोजन की सुगबुगाहट है। विदेश से रहने वाले मेहमानों के आने की आपकी पूरी संभावना होगी और लगातार पार्टी का मूड आपके घर के माहौल को खुशनुमा बनाए रखेगा।

February 25, 2020 12:56 UTC


'विश्वास न्यूज' का 'सच के साथी- हेल्‍थ फैक्ट चेक' कैंपेन, लखनऊ में कोरोना वायरस को लेकर फैलाई गई जागरूकता

नई दिल्ली, जेएनएन। पिछले कुछ समय से कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा चल रही है। चीन में हालात काफी बदतर हैं। कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते चीन के कुछ शहरों में लगातार कर्फ्यू जैसा माहौल है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पड़ोसी देश होने की वजह से भारत में भी इसको लेकर लोगों के बीच चिंता है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं फर्जी/गलत सूचनाओं के कारण डर बढ़ रहा है।सोशल मीडिया समेत अन्‍य माध्‍यमों के जरिए फैल रही अफवाहों के चलते लोग सच्चाई से दूर हैं। ऐसे में अब इन अफवाहों से लड़ने के लिए 'विश्वास न्यूज' ने कैंपेन शुरू किया है। 'सच के साथी- हेल्‍थ फैक्ट चेक' नाम के इस कैंपेन के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि सही तथ्य क्या है और गलत क्या है। 'विश्वास न्यूज' ने फेसबुक के साथ मिलकर स्वास्थ्य से जुड़ी अफवाह-भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ इस कैपेंन की शुरुआत की है।एक के बाद एक शहर में लोगों को हेल्‍थ से जुड़ी फर्जी/गलत सूचनाओं की पहचान करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। सोमवार को 'विश्वास न्यूज' का कैंपेन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचा। यहां दो अलग-अलग सत्रों में वर्कशॉप का आयोजन कराया गया और लोगों को जागरूक किया गया। पहले सत्र में युवाओं ने भाग लिया, तो दूसरे सत्र में महिलाएं और वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रेंनिग ली। लोगों में इस वर्कशॉप को लेकर उत्साह भी देखा गया।कार्यक्रम के दौरान 'जागरण न्‍यू मीडिया' और 'विश्‍वास न्‍यूज' के सीनियर एडिटर प्रत्‍यूष रंजन के साथ वरिष्‍ठ सहयोगी उर्वशी कपूर ने भी प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का विस्‍तार से जवाब दिया। लोगों को कोरोना वायरस को लेकर फैल रही अफवाहों से बचने की सलाह दी। साथ ही साथ बताया कि अपने सोशल सर्किल के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें। वहीं, इससे पहले विश्वास न्यूज के इस कैंपेन के तहत दिल्ली, भोपाल और चंडीगढ़ में वर्कशॉप का आयोजन हो चुका है। लखनऊ के बाद अब पटना और वाराणसी की बारी है।Posted By: Rajat Singhडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

February 25, 2020 12:56 UTC


इमरान सरकार ने ट्रम्प को बुलाने के लिए अमेरिकी फर्म से लॉबिंग करवाई थी, व्हाइट हाउस ने कहा- जाने की कोई वजह नहीं - Dainik Bhaskar

पाकिस्तान की आर्मी और इमरान खान ने खुद व्हाइट हाउस को मनाने की कोशिश की थीवे चाहते थे कि ट्रम्प भारत दौरे के बाद कुछ घंटे के लिए ही सही, इस्लामाबाद जरूर आएंलॉबिंग के लिए अमेरिकी फर्म होलांद एंड नाइट के साथ पाक के राजदूत ने दस्तखत किए थेइस्लामाबाद से कास्वर कलासरा Feb 25, 2020, 06:53 PM IST Feb 25, 2020, 06:53 PM ISTराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे और भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान बेचैन है। इमरान सरकार इस वजह से भी छटपटा रही है, क्योंकि ट्रम्प पाकिस्तान जाए बिना अमेरिका लौट जाएंगे। यहीं नहीं, ट्रम्प को इस्लामाबाद बुलाने के लिए इमरान सरकार ने लॉबिंग तक करवाई, फिर भी कामयाबी नहीं मिली। पाकिस्तान के राजनयिक गलियारों में चर्चा है कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका के साथ रिश्तों को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। मोदी की प्रभावशाली विदेश नीति की वजह से ही ट्रम्प का भारत दौरा संभव हो सका और वह पाकिस्तान नहीं गए। अहमदाबाद में जिस तरह से ट्रम्प का भव्य स्वागत हुआ, वह भारत-अमेरिका के रिश्तों को बताने के लिए काफी है। ट्रम्प द्वारा भारत के साथ अरबों रुपए की रक्षा डील के ऐलान से भी पाकिस्तान में है।पाकिस्तानी आर्मी और प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद ह्वाइट हाउस को इस बात के लिए मनाने की हर संभव कोशिश की कि राष्ट्रपति ट्रम्प भारत दौरे के दौरान इस्लामाबाद भी आएं, भले ही कुछ घंटे के लिए ही सही। हालांकि यह संभव नहीं हो सका। नाम नहीं बताने के शर्त पर पाकिस्तान सरकार के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पीएम इमरान ने ट्रम्प के इस्लामाबाद बुलाने के लिए ह्वाइट हाउस के साथ कई बार लॉबिंग कराने के प्रयास भी किए। लेकिन उनके अनुरोध को ठुकरा दिया गया। इमरान खान के एक नजदीकी सूत्र ने दैनिक भास्कर को बताया कि ‘ह्वाइट हाउस ने सुरक्षा कारणों और दौरे के लिए कोई उचित वजह नहीं होने का तर्क देकर ट्रम्प के पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया। अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को नजरअंदाज करने से इमरान काफी चिंतित भी हैं।'इमरान प्रधानमंत्री बनने के बाद से ट्रम्प को पाकिस्तान बुलाने के लिए लॉबिंग करवा रहे थेसरकारी सूत्रो के मुताबिक इमरान खान प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही इस कोशिश में लगे हुए थे कि राष्ट्रपति ट्रम्प पाकिस्तान आएं। जब ट्रम्प के भारत आने की आधिकारिक घोषणा हो गई, तब भी ये कोशिश जारी रही। इमरान सरकार ने ट्रम्प के दौरे के लिए लॉबिंग करने को पिछले साल एक टॉप अमेरिकी फर्म को हायर किया था। इस फर्म का नाम होलांद एंड नाइट है। फर्म के साथ पाकिस्तानी राजदूत मोहम्मद खान ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मौजूदगी में हस्ताक्षर भी किया था। हालांकि इसकी डिटेल सरकार की ओर से जारी नहीं की गई। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ऑफिस से जब अमेरिका-भारत के बीच हुए रक्षा करार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।विपक्षी पार्टियों ने कहा- इमरान की विदेश नीति फेल हो गई हैपाकिस्तान में नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी पार्टी पीएमएल-एन और आसिफ जरदारी की पार्टी पीपीपी ने कहा है कि इमरान खान की विदेश नीति फेल हो गई है। वह राष्ट्रपति ट्रम्प को पाकिस्तान यात्रा के लिए सहमत तक नहीं कर सके। पीएमएल-एल की प्रवक्ता और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री मरयम औरंगजेब ने बताया कि इमरान सरकार ट्रम्प को पाकिस्तान बुला तक नहीं सकी, जबकि वह भारत के साथ अरबों रुपए के रक्षा करार कर डाले।राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक साथ घर में घिरे इमरानइमरान सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के कई मुद्दों पर एक साथ घिर गई है। देश की अर्थव्यवस्था के खराब होते हालात, बढ़ती बेरोजगारी दर, रोजमर्रा के सामान की बढ़ते दाम और पेट्रोल-गैस की बढ़ती कीमत से सरकार पहले से ही बेचैन है। इसके अलावा विदेशी मामलों में फाइनेंशियल एक्शन टास्कर फोर्स (एफएटीएफ), कश्मीर मुद्दे और मुस्लिम देशों का समर्थन जुटाने में भी सरकार नाकामयाब रही है। विपक्षी दल इन मुद्दों पर इमरान सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रही हैं।5 अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान आए हैं, सभी सैन्य शासन में1947 के बाद से अब तक अमेरिका के 5 राष्ट्रपति पाकिस्तान आए हैं। जबकि इस दौरान पाकिस्तानी हेड ऑफ स्टेट 43 बार अमेरिका गए हैं। खास बात ये कि सभी अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान तब पहुंचे, जब यहां सैन्य शासन था। इसका मतलब, वॉशिंगटन डीसी के पाकिस्तान के साथ अच्छे तालुकात तभी रहे हैं, जब यहां सैन्य शासन रहा है। आइजनहावर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे, जो 1959 में पाकिस्तान के दौरे पर आए थे। तब सैन्य शासक आयुब खान थे। आखिरी बार 2006 में राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश पाकिस्तान गए थे। तब जनरल परवेज मुशर्रफ सैन्य शासक थे। ट्रम्प से पहले अमेरकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दो बार भारत आए, लेकिन वह पाकिस्तान नहीं गए।

February 25, 2020 12:42 UTC


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