डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध का आज तीसरा दिन है। दोनों ही तरफ से हमले तेज हो गए हैं और लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। दोनों ही देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और आम इलाकों पर हमले हो रहे हैं।ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के रेड क्रिसेंट ने अब तक मरने वालों की संख्या कम से कम 550 बताई है। इस हमले में ईरान के 131 शहर चपेट में हैं। PM मोदी ने की बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से फोन बात की। उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और PM मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद से भी बात की। PM ने इन दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की और दोनों देशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की।बहरीन पोर्ट पर US टैंकर पर हमला US झंडे वाले प्रोडक्ट्स टैंकर स्टेना इम्पेरेटिव को बहरीन के पोर्ट पर निशाना बनाया गया। अल अरबिया के हवाले से दो मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्स का कहना है कि इससे जहाज में आग लग गई, जिसे अब बुझा दिया गया है।हिज्बुल्लाह की मिलिट्री एक्टिविटीज पर बैन प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने सोमवार को घोषणा की कि लेबनान सरकार ने हिज्बुल्लाह की मिलिट्री और सिक्योरिटी एक्टिविटीज पर तुरंत बैन लगा दिया गया है और ग्रुप से अपने हथियार सरकार को सौंपने को कहा है।युद्ध की ताजा स्थिति ईरान के सुप्रीम नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका और इजरायल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और नौसेना के जहाज शामिल थे। गोलीबारी और मिसाइल हमलों के कारण ईरान में मरने वालों की संख्या 555 से ऊपर पहुंच गई है, जबकि हजारों घायल हैं और कई शहरों में भारी तबाही हुई है। ईरान ने जवाब में इजरायल और कुछ खाड़ी देशों पर मिसाइलों-ड्रोन के साथ पलटवार जारी रखा है।ट्रंप की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान हमला जारी रखता है तो हम ऐसा पलटवार करेंगे, जो आजतक कभी किसी ने नहीं किया होगा। साथ ही ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी नेतृत्व बातचीत चाहता है, तो वह सहमत हैं।क्षेत्रीय तनाव लेबनान स्थित हिज्बुल्लाह ने भी मिसाइलें दागी गई हैं, जिससे युद्ध एक और मोड़ पर पहुंच गया है। खाड़ी के देशों में भी नागरिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है।वैश्विक बाजारों पर असर ईरान-रजरायल युद्ध से तेल की कीमतों में उछाल आई है। क्रूड तेल स्पॉट की कीमतें 10-13 % तक बढ़ीं, जिससे $80-$82 प्रति बैरल के पार पहुंचने की आशंका बढ़ी है। सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर भाग रहे हैं। इससे वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल और जोखिम की भावना बढ़ी है।
Source: Dainik Jagran March 02, 2026 15:01 UTC