दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बॉलीवुड एक्टर का ट्वीट, बोले- BJP पहले ही चुनाव हार चुकी है...

खास बातें दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बॉलीवुड एक्टर ने किया ट्वीट एक्टर ने कहा कि बीजेपी पहले ही चुनाव हार चुकी है... कमाल आर खान का ट्वीट सोशल मीडिया पर हुआ वायरलदिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. इस बार दिल्ली में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की AAP और बीजेपी (BJP) में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हाल ही में बॉलीवुड एक्टर कमाल आर खान (Kamaal R Khan) ने ट्वीट किया है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं. कमाल आर खान ने अपने ट्वीट के जरिए दिल्ली विधानसभा चुनाव पर अपनी राय पेश की है, साथ ही उन्होंने बताया कि इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी पहले ही हार चुकी है. इसका मतलब यह है कि बीजेपी पहले ही दिल्ली विधानसभा चुनाव हार चुकी है.

Source:NDTV

January 22, 2020 05:48 UTC


रोहित शर्मा समेत मुंबई के 5 खिलाड़ियों को मिली टीम इंडिया में जगह, जानिए कौन-कौन है शामिल

रोहित शर्मा समेत मुंबई के 5 खिलाड़ियों को मिली टीम इंडिया में जगह, जानिए कौन-कौन है शामिलनई दिल्ली, जेएनएन। India vs New Zealand ODI Series: मंगलवार की रात को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है। भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है, जिसमें से 5 खिलाड़ी मुंबई के रहने वाले हैं। इनमें एक नाम रोहित शर्मा का भी शामिल है जो टीम इंडिया के शॉर्ट फॉर्मेट के उपकप्तान है।न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 जनवरी से 11 जनवरी तक होने वाली वनडे सीरीज के लिए मुंबई के जिन 5 Mumboys को टीम में शामिल किया गया है, उनमें उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, दूसरे ओपनर पृथ्वी शॉ, मिडिल ऑर्डर बैट्समैन श्रेयस अय्यर, ऑलराउंडर शिवम दुबे और मीडियम पेस गेंदबाज शार्दुल ठाकुर का नाम शामिल है। यही वो 5 खिलाड़ी हैं जो मुंबई के लिए खेलते हैं। हालांकि, IPL में सभी अलग-अलग टीम से खेलते हैं।MCA के लिए गर्व का विषयमुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के लिए ये गर्व की बात होगी कि जहां देश की टीम में कुल 15-16 खिलाड़ी चुने जाते हैं उनमें से 5 खिलाड़ी मुंबई की टीम के लिए खेलते रहे हैं। ऐसे में किसी भी क्रिकेट एसोसिएशन के लिए ये गर्व की बात होगी। मुंबई के अलावा दिल्ली की टीम के 3 खिलाड़ी इस स्क्वाड में शामिल हैं, जिनमें कप्तान विराच कोहली, विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत और नवदीप सैनी का नाम शामिल है।भारत की वनडे टीम इस प्रकार हैविराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उपकप्तान), पृथ्वी शॉ, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, रिषभ पंत (विकेटकीपर), केदार जाधव, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी और शार्दुल ठाकुर।बता दें कि भारत की टी20 और वनडे सीरीज से शिखर धवन बाहर हो गए हैं। टी20 सीरीज के लिए संजू सैमसन को उनकी जगह टीम में शामिल किया गया है, जबकि 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को टीम में जगह मिली है।Posted By: Vikash Gaurडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 05:40 UTC


यहां ज्ञान के प्रकाश से जगमग हो रहे हैं झोपडि़यों के सूरज, कई बच्‍चों की राह में हुआ उजाला

यहां ज्ञान के प्रकाश से जगमग हो रहे हैं झोपडि़यों के सूरज, कई बच्‍चों की राह में हुआ उजालाबुलंदाशहर/सीतापुर [नवनीत शर्मा/गोविंद मिश्र]। उत्‍तर प्रदेश के सीतापुर और बुलंदशहर में 10 वर्षों से संचालित विद्याज्ञान स्कूल के कई बच्चे बड़ी कामयाबी पा चुके हैं। उप्र के विभिन्न जिलों के वंचित परिवारों के चयनित बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं।इनमें से कई ने इतिहास रचा है। विदेश की कई बड़ी यूनिवर्सिटी में शतप्रतिशत छात्रवृत्ति पर दाखिला पाकर ये बच्चे भविष्य की लीडर बनन में जुटे हैं। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर सीतापुर जिला मुख्यालय से करीब 28 किमी की दूरी पर विद्याज्ञान बोर्डिंग स्कूल मौजूद है। मकसद, उन गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवारना, जो पढ़ना तो चाहते हैं, मगर अभावों की बेड़ियों के चलते आगे नहीं बढ़ पाते। वर्ष 2017 में इस विद्यालय में पढ़ने वाले चार बच्चों को विदेशी यूनिवर्सिटी में शतप्रतिशत छात्रवृत्ति पर दाखिला मिला। यह सिलसिला जारी है।विदेशी विवि में दाखिला पाने वाले इन बच्चों में से कुछ के पिता छोटे किसान थे तो कुछ मजदूरी कर परिवार का पेट पालते थे। वर्ष 2017 बैच के शाहजहांपुर के दर्शन कुमार व रायबरेली के रुद्र को वर्जीनिया यूनिवर्सिटी, पीलीभीत के हिमांशु व मेरठ के निश्चल पेनेसिलवेनिया यूनिवर्सिटी में शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप पर प्रवेश हुआ था। इसके अलावा मैनपुरी के सुमित का पेनसिलवेनिया, झांसी के अमरीश का पर्डयू यूनिवर्सिटी और झांसी की वैशाली को मैसाचुएट्स यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला था।विद्याज्ञान स्कूल में पढ़ने वाली बाराबंकी जिले के बहरामपुर गांव की रहने वाली छात्रा प्रिया अवस्थी को हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर मिला था। ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता में शामिल होकर प्रिया को यह अवसर प्राप्त हुआ था। प्रिया के पिता राजेश अवस्थी वाहन चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं।एक लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों के बच्चों को ही प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश मिलता है। यहां कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक पढ़ने का मौका दिया जाता है। सभी जिलों में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। चयनित विद्यार्थियों को बोर्डिंग स्कूल में रहने-खाने-पढ़ाई की सारी सुविधाएं निश्शुल्क मिलती हैं।सीमाओं को तोड़ रही प्रतिभा की झंकारशिव नादर फाउंडेशन का उप्र में दूसरा विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी स्कूल बुलंदशहर में स्थापित है। संस्थान की अपनी कई खासियत हैं, लेकिन प्रवेश का आधार सिर्फ योग्यता है। यहां से निकले 10 बच्चे अमेरिका में स्वर्णिम भविष्य का ताना-बाना बुन रहे हैं। कई युवक मल्टीनेशनल और नामचीन कंपनियों में बड़े पदों पर कार्यरत हैं। अनेक बच्चे भारत के तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में दाखिला पा रहे हैं।वंचित वर्ग के प्रतिभावान बच्चों की प्रतिभा को आयाम देने के लिए 2009 में शिव नादर फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश में यह अभियान शुरू किया था। जिसके बाद इन स्कूलों की स्थापना की गई। बुलंदशहर में 2009 में यह स्कूल शुरू हुआ। इसमें ऐसे बच्चों को मौका दिया जाता है, जिनमें प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की ललक तो है, लेकिन विषम हालात रास्ता रोके खड़े हैं। कक्षा पांच का रिजल्ट और प्रवेश परीक्षा से इसका निर्धारण होता है।प्रवेश परीक्षा से दाखिलायह स्कूल भी कक्षा छह से 12वीं तक है। कक्षा छह में दाखिला प्रवेश परीक्षा के जरिए होता है। हर साल हजारों बच्चे प्रवेश परीक्षा देते हैं। करीब चार हजार बच्चे दूसरे चरण तक पहुंचते हैं। स्कूल की क्षमता 600 बच्चों की है। प्रवेश से पहले बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति (सालाना आय एक लाख से कम) और मेडिकल जांच होती है। पूर्ण आवासीय पद्धति पर आधारित विद्यालय में बच्चे की शिक्षा के साथ आवास, भोजन, स्मार्ट क्लास, खेलकूद आदि की सुविधाएं भी निश्शुल्क हैं। विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई की सुविधा है।अमेरिका तक पहुंची प्रतिभाएंसंस्थान में पढ़ाई पूरी कर चुके 10 बच्चे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका की विभिन्न यूनिवर्सिटी में प्रवेश पा चुके हैं। मेडिकल और आइआइटी में भी सौ से अधिक बच्चों का दाखिला हुआ है।क्‍या कहते हैं प्रधानाचार्यविद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी के प्रधानाचार्य विश्वजीत बनर्जी का कहना है कि वर्ष 2009 में इस स्कूल की स्थापनाहुई थी। 2016 में इंटर पास करके पहला बैच निकला। दस बच्चे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिकी विवि में स्कॉलरशिप पा चुके हैं। सौ से अधिक आइआइटी में। कई मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब कर रहे हैं।Posted By: Kamal Vermaडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 05:37 UTC


EPFO पर अब खुद से भर सकते हैं नौकरी छोड़ने की तारीख, इसलिए होता है जरूरी

EPFO पर अब खुद से भर सकते हैं नौकरी छोड़ने की तारीख, इसलिए होता है जरूरीनई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) अपने सब्सक्राइबर्स और पेंशनधारकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगातार नए-नए कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने नौकरी छोड़ने की तारीख खुद से भरने की सुविधा सब्सक्राइबर्स को दे दी है। इसका मतलब है कि नौकरी बदलने के बाद आप खुद से 'Date of Exit' भर सकेंगे। PF Transfer और PF Claim दोनों चीजों के लिए नौकरी छोड़ने की तारीख डालना अपरिहार्य होता है। इस सुविधा के लिए अब तक पीएफ सब्सक्राइबर अपनी पुराने नियोक्ता पर निर्भर रहते थे। ईपीएफओ ने इस चीज की जानकारी ट्विटर पर दी।EPFO की वेबसाइट पर 'Date of Exit' भरने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्सःEPFO Unified Member Portal पर जाएं और अपने UAN और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।इसके बाद 'Manage' सेक्शन पर जाएं।इसमें ड्रॉप डाउन लिस्ट में आपको 'Mark Exit' दिखेगा। इस पर क्लिक करें।Now Employee's can also update their Date of exit.#EPFO pic.twitter.com/IIZYC0Onja — EPFO (@socialepfo) January 21, 2020 इसके बाद आपको फिर से ड्रॉप डाउन लिस्ट से पीएफ अकाउंट नंबर को सेलेक्ट करना होगा।इसके बाद नौकरी छोड़ने की तारीख और कारण भरिए। इसके बाद रिक्वेस्ट ओटीपी पर क्लिक कीजिए।अब आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को इंटर कीजिए एवं 'Update' पर क्लिक कीजिए।इसके बाद आपको एक मैसेज मिलेगा कि Date of Exit अपडेट हो गया है।इसके बाद आप चाहें तो सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में जाकर इस बात की पड़ताल खुद से कर सकते हैं। हालांकि, आप अपने पिछले नियोक्ता की ओर से किए गए आखिरी अंशदान यानी Contribution के दो माह बाद ही नौकरी छोड़ने की तारीख अंकित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि कई EPF Subscribers ने शिकायत की थी कि उनकी पुराने नियोक्ता EPFO पोर्टल पर डेट ऑफ एक्जिट भरने में उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं। सर्विस की लगातार गणना के संदर्भ में भी Date of Exit भरना जरूरी है।Posted By: Ankit Kumarडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 05:32 UTC


Delhi Election 2020: 'गुरु' और 'शत्रु' के साथ नजर आएंगे कई दिग्गज, कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट

Delhi Election 2020: 'गुरु' और 'शत्रु' के साथ नजर आएंगे कई दिग्गज, कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्टनई दिल्ली, एएनआइ। Delhi Assembly Election 2020 : दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 को लेकर नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने कमर कस ली है। इस बाबत कांग्रेस ने बुधवार को स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, शशि थरूर, नवजोत सिंह सिद्धू, शत्रुघ्न सिन्हा को इस सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा, स्टार प्रचारकों की सूची में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को रखा गया है।बता दें कि दिल्ली में हो रहे चुनाव प्रचार में पंजाब के नेता और पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू लंबे समय बाद नजर आएंगे। उनके भाषणों को जनता में खूब पसंद किया जाता है। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा को भी दर्शक सुनते हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने दिल्ली में चुनाव प्रचार के लिए नवजोत सिंह सिद्धू और शत्रुघ्न सिन्हा को शामिल किया है।जानिए- स्टार प्रचारकों के नामसोनिया गांधी (अंतरिम अध्यक्ष, कांग्रेस)राहुल गांधी (पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष)मनमोहन सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता)प्रियंका गांधी वाड्रा (वरिष्ठ नेता, कांग्रेस)गुलाम नबी आजाद (पूर्व केंद्रीय मंत्री)पीसी चाको (दिल्ली कांग्रेस प्रभारी)सुभाष चोपड़ा (दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष)कैप्टन अमरिंदर सिंह (मुख्य मंत्री, पंजाब)अशोक गहलोत (मुख्यमंत्री, राजस्थान)कमलनाथ (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)भूपेश बघेल (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)वी. नारायण सामी ( मुख्यमंत्री, पुडुचेरी)अजय माकन (पूर्व केंद्रीय मंत्री)जेपी अग्रवाल (पूर्व सांसद, दिल्ली)मीरा कुमार (पूर्व सांसद और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष)कपिल सिब्बल (पूर्व केंद्रीय मंत्री)राज बब्बर (पूर्व सांसद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, यूपी)शशि थरूर (कांग्रेस सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री)हरीश रावत (पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व मुख्यमंत्री, हरियाणा)गौरतलब है कि दिल्ली में अगले महीने 8 फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस प्रमुख दल हैं, जिनके प्रत्याशी मुख्य रूप से एक-दूसरे को चुनौती देंगे।दिल्ली चुनाव से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिकदिल्ली-एनसीआर से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिकPosted By: JP Yadavडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 05:15 UTC


CAA Hearing in Supreme Court: कानून पर फिलहाल रोक नहीं, केंद्र को जवाब के लिए 4 हफ्ते का समय

CAA Hearing in Supreme Court: कानून पर फिलहाल रोक नहीं, केंद्र को जवाब के लिए 4 हफ्ते का समयनई दिल्‍ली, माला दीक्षित। CAA Hearing in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को केंद्र सरकार को राहत देते हुए कानून पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए चार सप्‍ताह का समय दिया है और कहा कि पांच हफ्ते बाद अगली सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की संवैधानिक वैधता परखने की मांग करने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ के पास भेजने का फैसला किया है। इसके अलावा केंद्र से असम और त्रिपुरा पर अलग-अलग सूची की मांग की है। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से नई याचिकाओं को दर्ज कराने पर रोक की मांग की। उनका कहना है कि मामले में अब तक 140 से अधिक याचिकाएं दर्ज की गई हैं।अलग हैं असम और त्रिपुरा के हालातसीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने असम में कानून के लागू करने के मामले पर एकपक्षीय आदेश की मांग की। उन्‍होंने कहा कि असम के हालात अलग हैं, अंतिम सुनवाई से अब तक करीब 40,000 लोगों ने राज्‍य में प्रवेश किया है। कोर्ट ने कहा कि असम और त्रिपुरा के मामलों के लिए अलग कैटेगरी बनाई जाएगी और अन्‍य राज्यों के मामले को अलग देखना होगा। चीफ जस्‍टिस ने कहा, जोन के आधार पर असम और त्रिपुरा का मामला अलग होगा और अन्‍य राज्यों का मामला अलग होगा।5 जजों की बेंच ही दे सकती है अंतरिम राहतचीफ जस्‍टिस ने कहा कि तीन जजों की बेंच मामले में अंतरिम राहत नहीं दे सकती 5 जजों की बेंच ही अंतरिम राहत दे सकती है। उन्‍होंने कहा कि किसी भी हाईकोर्ट में इस कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा, ‘मामले में 5 हफ्ते बाद सुनवाई की जाएगी। संविधान पीठ बनने के बाद हम तय करेंगे कि अगली सुनवाई कब होगी।’हम एकपक्षीय रोक नहीं लगा रहे : CJIसीजेआई ने कहा कि इस कानून पर हम एकपक्षीय रोक नहीं लगा रहे। उन्‍होंने कहा कि सभी याचिकाओं को देख कर फैसला किया है कि कानून पर फिलहाल रोक नहीं लगाई जाए। वहीं कपिल सिब्‍बल ने कानून को दो माह तक लागू न करने व सुनवाई की अगली तारीख फरवरी में सुनिश्‍चित करने की मांग की। अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा, ‘हमें सिर्फ 60 याचिकाओं की कॉपी मिली है। केंद्र सरकार को याचिकाओं की कॉपी दी जाए।‘कोर्ट में भीड़ पर चिंतित हुए अटॉर्नी जनरलअटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट में जमा हुई भीड़ पर चिंता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने इस बारे में कहा, ‘माहौल को शांत होना चाहिए विशेषकर सुप्रीम कोर्ट में। उन्‍होंने चीफ जस्‍टिस बोबडे से कहा कि कोर्ट को कुछ निर्देश जारी करने होंगे कि कौन कोर्ट में आ सकता है कौन नहीं। इसके लिए कुछ नियम निर्धारित करने होंगे। उन्‍होंने यह भी कहा कि अमेरिका व पाकिस्‍तान में सुप्रीम कोर्ट में आने वाले विजिटर्स के लिए नियम हैं।’कानून के विरोध में 141 याचिकाएंबता दें कि मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्‍टिस एसए बोबडे (Chief Justice SA Bobde), जस्टिस एस अब्दुल नजीर और संजीव खन्ना की बेंच ने केंद्र को विभिन्न याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था। मामले में करीब 144 याचिकाओं की सुनवाई होनी है। इनमेेंं सेे 141 याचिकाएं कानून के विरोध में हैं।इन्‍होंने दी है चुनौती-इस कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में मुस्‍लिम लीग (Indian Union Muslim League), कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh), राजद नेता मनोज झा (Manoj Jha), तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra), AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi), जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-i-Hind), ऑल असम स्‍टूडेंट्स यूनियन (AASU), पीस पार्टी (Peace Party), SFI, और CPI भी शामिल हैं।मुस्लिम लीग की याचिकामुस्लिम लीग की याचिका में कहा गया है कि CAA समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। इस कानून से अवैध प्रवासियों के एक वर्ग को नागरिकता उपलब्‍ध कराई जाती है, वहीं धर्म के नाम पर कुछ को नागरिकता से वंचित किया गया है। याचिका में कानून पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कानून भारतीय संविधान के खिलाफ है। इस कानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया।इससे पहले 9 जनवरी को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने इस कानून को लेकर देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर चिंता जताई थी और कहा था कि हिंसा रुकने पर ही वे सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 18 दिसंबर को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया था। हालांकि सुपीम कोर्ट ने उस दिन अधिनियम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।यह भी पढ़ें: बांग्लाादेशी घुसपैठियों को भारत में रहने की नहीं मिलेगी अनुमति: दिलीप घोषCAA Protest : मंसूर अली पार्क में सीएए के विरोध में पहुंचे साधु और संत, किया बुद्धि-शुद्धि यज्ञPosted By: Monika Minalडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 05:08 UTC


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