इमरान सरकार ने ट्रम्प को बुलाने के लिए अमेरिकी फर्म से लॉबिंग करवाई थी, व्हाइट हाउस ने कहा- जाने की कोई वजह नहीं - Dainik Bhaskar

पाकिस्तान की आर्मी और इमरान खान ने खुद व्हाइट हाउस को मनाने की कोशिश की थीवे चाहते थे कि ट्रम्प भारत दौरे के बाद कुछ घंटे के लिए ही सही, इस्लामाबाद जरूर आएंलॉबिंग के लिए अमेरिकी फर्म होलांद एंड नाइट के साथ पाक के राजदूत ने दस्तखत किए थेइस्लामाबाद से कास्वर कलासरा Feb 25, 2020, 06:53 PM IST Feb 25, 2020, 06:53 PM ISTराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे और भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती नजदीकियों से पाकिस्तान बेचैन है। इमरान सरकार इस वजह से भी छटपटा रही है, क्योंकि ट्रम्प पाकिस्तान जाए बिना अमेरिका लौट जाएंगे। यहीं नहीं, ट्रम्प को इस्लामाबाद बुलाने के लिए इमरान सरकार ने लॉबिंग तक करवाई, फिर भी कामयाबी नहीं मिली। पाकिस्तान के राजनयिक गलियारों में चर्चा है कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिका के साथ रिश्तों को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। मोदी की प्रभावशाली विदेश नीति की वजह से ही ट्रम्प का भारत दौरा संभव हो सका और वह पाकिस्तान नहीं गए। अहमदाबाद में जिस तरह से ट्रम्प का भव्य स्वागत हुआ, वह भारत-अमेरिका के रिश्तों को बताने के लिए काफी है। ट्रम्प द्वारा भारत के साथ अरबों रुपए की रक्षा डील के ऐलान से भी पाकिस्तान में है।पाकिस्तानी आर्मी और प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद ह्वाइट हाउस को इस बात के लिए मनाने की हर संभव कोशिश की कि राष्ट्रपति ट्रम्प भारत दौरे के दौरान इस्लामाबाद भी आएं, भले ही कुछ घंटे के लिए ही सही। हालांकि यह संभव नहीं हो सका। नाम नहीं बताने के शर्त पर पाकिस्तान सरकार के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पीएम इमरान ने ट्रम्प के इस्लामाबाद बुलाने के लिए ह्वाइट हाउस के साथ कई बार लॉबिंग कराने के प्रयास भी किए। लेकिन उनके अनुरोध को ठुकरा दिया गया। इमरान खान के एक नजदीकी सूत्र ने दैनिक भास्कर को बताया कि ‘ह्वाइट हाउस ने सुरक्षा कारणों और दौरे के लिए कोई उचित वजह नहीं होने का तर्क देकर ट्रम्प के पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया। अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को नजरअंदाज करने से इमरान काफी चिंतित भी हैं।'इमरान प्रधानमंत्री बनने के बाद से ट्रम्प को पाकिस्तान बुलाने के लिए लॉबिंग करवा रहे थेसरकारी सूत्रो के मुताबिक इमरान खान प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही इस कोशिश में लगे हुए थे कि राष्ट्रपति ट्रम्प पाकिस्तान आएं। जब ट्रम्प के भारत आने की आधिकारिक घोषणा हो गई, तब भी ये कोशिश जारी रही। इमरान सरकार ने ट्रम्प के दौरे के लिए लॉबिंग करने को पिछले साल एक टॉप अमेरिकी फर्म को हायर किया था। इस फर्म का नाम होलांद एंड नाइट है। फर्म के साथ पाकिस्तानी राजदूत मोहम्मद खान ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मौजूदगी में हस्ताक्षर भी किया था। हालांकि इसकी डिटेल सरकार की ओर से जारी नहीं की गई। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ऑफिस से जब अमेरिका-भारत के बीच हुए रक्षा करार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।विपक्षी पार्टियों ने कहा- इमरान की विदेश नीति फेल हो गई हैपाकिस्तान में नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली मुख्य विपक्षी पार्टी पीएमएल-एन और आसिफ जरदारी की पार्टी पीपीपी ने कहा है कि इमरान खान की विदेश नीति फेल हो गई है। वह राष्ट्रपति ट्रम्प को पाकिस्तान यात्रा के लिए सहमत तक नहीं कर सके। पीएमएल-एल की प्रवक्ता और पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री मरयम औरंगजेब ने बताया कि इमरान सरकार ट्रम्प को पाकिस्तान बुला तक नहीं सकी, जबकि वह भारत के साथ अरबों रुपए के रक्षा करार कर डाले।राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक साथ घर में घिरे इमरानइमरान सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के कई मुद्दों पर एक साथ घिर गई है। देश की अर्थव्यवस्था के खराब होते हालात, बढ़ती बेरोजगारी दर, रोजमर्रा के सामान की बढ़ते दाम और पेट्रोल-गैस की बढ़ती कीमत से सरकार पहले से ही बेचैन है। इसके अलावा विदेशी मामलों में फाइनेंशियल एक्शन टास्कर फोर्स (एफएटीएफ), कश्मीर मुद्दे और मुस्लिम देशों का समर्थन जुटाने में भी सरकार नाकामयाब रही है। विपक्षी दल इन मुद्दों पर इमरान सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रही हैं।5 अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान आए हैं, सभी सैन्य शासन में1947 के बाद से अब तक अमेरिका के 5 राष्ट्रपति पाकिस्तान आए हैं। जबकि इस दौरान पाकिस्तानी हेड ऑफ स्टेट 43 बार अमेरिका गए हैं। खास बात ये कि सभी अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान तब पहुंचे, जब यहां सैन्य शासन था। इसका मतलब, वॉशिंगटन डीसी के पाकिस्तान के साथ अच्छे तालुकात तभी रहे हैं, जब यहां सैन्य शासन रहा है। आइजनहावर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे, जो 1959 में पाकिस्तान के दौरे पर आए थे। तब सैन्य शासक आयुब खान थे। आखिरी बार 2006 में राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश पाकिस्तान गए थे। तब जनरल परवेज मुशर्रफ सैन्य शासक थे। ट्रम्प से पहले अमेरकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दो बार भारत आए, लेकिन वह पाकिस्तान नहीं गए।

February 25, 2020 12:42 UTC


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात फिर दोहराई, कहा- 'मैं अगर कुछ कर पाऊं तो...'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात एक बार फिर दोहराई है. दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर अगर मैं कुछ कर सकता हूं तो मैं करूंगा, लेकिन अगर दोनों देश चाहेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात फिर दोहराई, कहा- 'मैं अगर कुछ कर पाऊं तो...'यह पूछे जाने पर कि क्या रूस अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने मुझे कभी नहीं बताया. ट्रंप ने कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद पर काबू पाने को लेकर कहा कि मुझे नहीं लगता कि जितना मैंने किया उससे ज्यादा किसी ने किया है.

Source:NDTV

February 25, 2020 12:33 UTC


इनोवेशन / दृष्टिबाधित लोगों का गाइड बनेगा स्मार्ट सूटकेस, रास्ते में आने वाले कैफे-रेस्टोरेंट और बाधाओं के बारे में बोलकर बताएगा

Dainik Bhaskar Feb 25, 2020, 06:44 PM ISTएआई टेक्नोलॉजी पर बेस्ड स्मार्ट सूटकेस यूजर की वर्तमान लोकेशन और मैप डेटा को स्कैन करेगा ताकि डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए सही रास्ता ढूंढा जा सके। यह बोलकर और सूटकेस के हैंडल में वाइब्रेशन देकर यूजर को गाइड करेगा। इसमें ऑडियो सिस्टम भी है, जिसकी बदौलत ये रास्ते में आने वाले कैफे और दुकानों के बारे में यूजर को बोलकर बताता है।नेक्स्ट वेब की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सूटकेस वीडियो कैमरा और डिस्टेंस सेंसर के जरिए डेटा एनालाइज कर रास्ते में आने वाली बाधाओं के बारे दृष्टिबाधित व्यक्ति को अलर्ट करता है। नेक्स्ट वेब ने अपनी ग्लोबल हेल्थ स्टडी रिपोर्ट में यह जानकारी दी कि 2050 में दृष्टिबाधित लोगों की संख्या 11.5 करोड़ तक पहुंच सकती है।जापान के एक अखबार को इंटरव्यू देते हुए असाकावा ने बताया कि उन्हें यह आइडिया तब आया जब वे एक बिजनेस ट्रिप के दौरान सूटकेस खींच रही थी। उन्होंने बताया कि दृष्टिबाधित व्यक्ति के लिए शहर में स्वतंत्र और सुरक्षित सफर करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन मैने इस नामुमकिन काम को मुमकिन बना दिया है।

February 25, 2020 12:33 UTC


एसी-एसटी के साथ अत्याचार पर कठोर दंड का प्रावधान : संजय कुमार

जासं, सरायकेला : स्थानीय टाऊन हॉल में मंगलवार को प्रभारी उपायुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पर जिला स्तरीय एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संजय कुमार ने कहा कि एसी-एसटी अत्याचार अधिनियम की जानकारी रखने तथा अधिक लोगों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने इस अधिनियम के कानून का नाजायज इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। बताया कि इनके साथ कोई अत्याचार ना हो। इसके विरूद्ध कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। वहीं जिला कल्याण पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन ने कहा कि किसी कानून का विधिवत पालन ही संविधान को महान बनाता है। अनुसूचित जाति/जनजाति थाना प्रभारी अरविन्द कुमार उपाध्याय ने लोगों थाने में किसी मामले पर की जाने वाली कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। उन्होंने किसी भी तरह के अत्याचार या शोषण होने पर थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच इससे संबंधित पुस्तिका वितरित की गई। जागरूकता कार्यशाला में आईटीडीए निदेशक अरूण वाल्टर सांगा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रियंका सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी धनवीर लकड़ा, जिला कोषागार पदाधिकारी प्रमोद कुमार झा अधिवक्ता भागवत मांझी व जिला परिषद सदस्या चामी मुर्मू आदि समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।Posted By: Jagranडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

February 25, 2020 12:33 UTC


दिल्ली में नागरिकता कानून को लेकर जारी हिंसा के बीच बोले डोनाल्ड ट्रंप- 'उम्मीद करता हूं भारत सही निर्णय लेगा'

खास बातें दिल्ली में नागरिकता कानून को लेकर जारी हिंसा के बीच बोले ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- उम्मीद करता हूं भारत सही निर्णय लेगा डोनाल्ड ट्रंप बोल- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार्मिक स्वतंत्रता के पक्षधरअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय दौरे पर भारत में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली हिंसा के बारे में मैंने सुना है, लेकिन पीएम मोदी से इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने मुझे कभी नहीं बताया. दिल्ली में नागरिकता कानून को लेकर जारी हिंसा के बीच बोले डोनाल्ड ट्रंप- 'उम्मीद करता हूं भारत सही निर्णय लेगा'उन्होंने कहा कि शाहदरा के डीसीपी को भी सिर में चोट आई है. मैं लोगों से अपील करता हूं विशेषकर उत्तर पूर्वी दिल्‍ली के लोगों से कि वो कानून को अपने हाथ में न लें.

Source:NDTV

February 25, 2020 12:30 UTC


मिस्र / पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक का 91 साल की उम्र में निधन, 9 साल पहले सेना ने पद से हटाया था

2011 में प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले में होस्नी मुबारक दोषी ठहराए गए थे6 साल जेल में बिताने के बाद उन्हें 2017 में जमानत मिल गई थीDainik Bhaskar Feb 25, 2020, 09:23 PM ISTकाहिरा. मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक का मंगलवार को 91 साल की उम्र में निधन हो गया। सरकारी टेलीविजन ने बताया कि पिछले दिनों उनकी पेट की सर्जरी हुई थी। वे 30 साल तक सत्ता में रहे थे। 9 साल पहले 2011 में सेना ने उन्हें राष्ट्रपति के पद से हटा दिया था। उसी दौरान उन्हें मिस्र में प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। वे 6 साल तक जेल में रहे। कोर्ट से ज्यादातर मामलों में बरी किए जाने के बाद उन्हें 2017 में जमानत मिल गई थी।होस्नी मुबारक 1981 में अनवर सदत की हत्या के बाद सत्ता में आए थे। मुबारक को उप राष्ट्रपति से राष्ट्रपति बनाया गया था। उनके तीन दशक के कार्यकाल के दौरान मिस्र में कई पाबंदियां थी। पुलिस लोगों के प्रति सख्त थी। एक स्थान पर पांच से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते थे।मुबारक के कार्यकाल में 239 प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई थीमुबारक की सरकार का मिस्र के लोगों ने विरोध किया था। उनकी सरकार के खिलाफ 2011 में 18 दिनों तक लगातार प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान 239 प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई थी। लगातार विरोध के बाद सेना ने उन्हें पद से बेदखल कर दिया। इसके बाद तत्कालीन उप-राष्ट्रपति ओमर सुलेमान ने मुबारक के पद छोड़ने की औपचारिक घोषणा की थी। यह जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने पूरे मिस्र में जश्न मनाया।

February 25, 2020 12:30 UTC


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