नागरिकता कानून पर सुलगती दिल्ली: अब तक 13 लोगों की मौत, आधे से अधिक घायलों को लगी है गोली

इस दौरान एक पुलिसकर्मी समेत 13 लोगों की मौत हो गई है वहीं, सवा सौ से ज्यादा लोग घायल हैं. प्रभावित विद्यार्थियों को परीक्षा की अगली तारीख की सूचना जल्द ही दे दी जाएगी. दिल्ली में पिछले दो दिनों के दौरान संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हुई हिंसा में 13 लोगों की मौत हो गई है. केजरीवाल ने की यह अपीलहिंसा में घायल हुए लोगों से मुलाकात करने जीटीबी अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने लोगों से 'इस पागलपन' को रोकने की अपील की. उन्होंने कहा, 'मैंने घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उन लोगों से भी मिला जो गोलियों से घायल हुए हैं.

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February 25, 2020 12:00 UTC


होली से पहले लाखों PF सब्सक्राइबर्स को फायदा, लेबर मिनिस्ट्री ने लागू किया पेंशन से जुड़ा यह नियम

होली से पहले लाखों PF सब्सक्राइबर्स को फायदा, लेबर मिनिस्ट्री ने लागू किया पेंशन से जुड़ा यह नियमनई दिल्ली, पीटीआइ। लेबर मिनिस्ट्री ने कर्मचारी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन कम्युटेशन को बहाल करने के EPFO के फैसले को लागू कर दिया है। इस कदम से 6.3 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। पेंशन कम्युटेशन स्कीम के तहत EPFO Subscriber आंशिक रूप से पेंशन फंड की निकासी पहले ही कर लेते हैं। उसके बाद उन्हें 15 साल तक घटी हुई पेंशन राशि मिलती थी। हालांकि, मंत्रालय के इस हालिया निर्णय के बाद इस तरह के पेशनर्स को 15 साल पूरा होने के बाद पूरा पेंशन मिलेगा।जनवरी में जारी हुई थी अधिसूचनाइससे पहले 20 जनवरी को मंत्रालय ने ऐसे पेंशनर्स का पेंशन बहाल करने की अधिसूचना जारी की थी, जिन्होंने 25 सिंतबर, 2008 तक या उससे पहले पेंशन कम्युटेशन का विकल्प चुना था। इस संदर्भ में EPFO द्वारा संचालित इम्पलॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इस फैसले से 6.3 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा, जिन्होंने 25 सितंबर 2008 या उससे पहले रिटायरमेंट के समय ही अपने पेंशन फंड से एकमुश्त राशि निकाल ली थी।EPFO ने पेंशन कम्युटेशन से जुड़े प्रावधान वापस ले लिए थे। अब इस सुविधा को ऐसे पेंशनर्स के लिए लागू कर दिया गया है, जिन्होंने 25 सितंबर, 2008 से पहले इस विकल्प को चुना था।कम्युटेशन स्कीम के तहत 15 साल के मासिक पेंशन का एक तिहाई हिस्सा एकमुश्त रूप में रिटायरमेंट के समय दिया जाता है। 15 साल पूरा होने के बाद पेंशनर्स को पूरी पेंशन मिलती है। अगस्त 2019 में इपीएफओ की निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था Central Board of Trustees ने 6.3 लाख पेंशनर्स के लिए कम्युटेशन स्कीम को बहाल करने का फैसला किया था।EPFO से जुड़ी एक समिति ने पेंशन कम्युटेशन से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए EPS-95 (Employees' Pension Scheme 1995) में संशोधन की सिफारिश की थी।Posted By: Ankit Kumarडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

February 25, 2020 11:48 UTC


उप्र / 20 साल की नौकरी से पहले वीआरएस लिया तो पूरी पेंशन नहीं मिलेगी; योगी सरकार ने बदले नियम

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को फण्डामेण्टल रूल्स 1942 के नियम 56 (ई) में संशोधन प्रस्ताव को किया पासइस बदलाव का असर सबसे ज्यादा सरकारी डॉक्टरों पर होगा, विधानसभा और विधानपरिषद से भी पास होगा प्रस्तावDainik Bhaskar Feb 25, 2020, 05:27 PM ISTलखनऊ. योगी सरकार ने मंगलवार को राज्य कर्मचारियों से जुड़े उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल्स में एक बड़ा बदलाव किया है। ये नियम स्वैच्छक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले कर्मियों पर लागू होगा। लोकभवन में हुई कैबिनेट मंत्रियों की बैठक में यूपी फण्डामेण्टल रूल्स 1942 के नियम 56 (ई) में संशोधन का प्रस्ताव पास कर दिया है। सदन से पास होने के बाद ये कानून बन जाएगा। इसके तहत 20 साल की सर्विस पूरी करने से पहले जो भी कर्मचारी वीआरएस लेगा, उसे पूरी पेंशन नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में तकरीबन 15 लाख कर्मचारी हैं।अब नहीं मिलेगा 5 साल का ग्रेस पीरियडअब राज्य सरकार से 5 साल का ग्रेस पीरियड नहीं मिलेगा। अभी तक के नियम के मुताबिक वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार 5 साल का ग्रेस पीरियड देती थी। यानी यदि कोई कर्मचारी 20 साल के बजाय 15 साल में ही वीआरएस ले लेता था, तब भी उसे पूरी पेंशन मिलती थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। इस ग्रेस पीरियड को योगी सरकार ने खत्म कर दिया है। अब यदि पूरी पेंशन का लाभ लेना है तो 20 साल की सर्विस पूरी करनी ही होगी।सरकारी डॉक्टरों पर ज्यादा पड़ेगा असरइस नियम का सबसे ज्यादा असर सरकारी डॉक्टरों पर देखने को मिलेगा। बड़ी संख्या में सरकारी डॉक्टर वीआरएस ले लेते थे लेकिन, अब उन्हें ऐसा करने के लिए और लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। जब यूपी सरकार ने छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था, तब ये नियम आया था कि 20 साल की सर्विस पर ही पूरी पेंशन मिलेगी। उससे पहले पूरी पेंशन लेने के लिए 33 साल की सर्विस जरूरी होती थी।केंद्र में पहले से लागू है यह नियमयूपी सरकार ने फण्डामेण्टल रूल में संशोधन किया है, यह नियम केन्द्र सरकार ने बहुत पहले ही लागू कर दिया था। अब राज्य सरकार ने भी इसे अपना लिया है। हालांकि, अभी संशोधन का प्रस्ताव सिर्फ कैबिनेट से पास किया गया है। इसे विधानसभा और विधानपरिषद से भी पास कराया जाना जरूरी है, तभी एक्ट में संशोधन हो पाएगा।क्या कहता है नियम? उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल्स के मूल नियम-56 सरकार को जनहित में ऐसे सरकारी कर्मचारी को रिटायर करने का अधिकार देते हैं, जिसकी ईमानदारी संदेहपूर्ण हो और वह काम में निष्प्रभावी पाया गया हो। इसमें सरकार को यह भी अधिकार है कि वह किसी भी अफसर या कर्मी के काम का कुछ अंतराल पर रिव्‍यू कर सकती है और उन्‍हें प्रीमैच्‍योर रिटारमेंट दे सकती है। यूपी में सरकार ने अब तक 600 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें 200 अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया।

February 25, 2020 11:43 UTC


AAP ने ट्वीट कर दिया एंबुलेंस का नंबर तो बॉलीवुड एक्टर बोले- निराशाजनक ट्वीट...

खास बातें आप के ट्वीट पर बॉलीवुड एक्टर ने दिया रिएक्शन ट्वीट को बताया निराशाजनक आप ने दिया था एंबुलेंस का नंबरनॉर्थ ईस्ट दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भड़की हिंसा में एक पुलिसकर्मी समेत 7 लोगों की मौत हो गई. इस हाई लेवल मीटिंग में दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) भी शामिल हुए. अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक ट्वीट किया है जिस पर बॉलीवुड एक्टर विपिन शर्मा (Vipin Sharma) ने रिट्वीट करते हए कमेंट किया है. 'तारे जमीं पर' और 'सिम्बा' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके विपिन शर्मा ने आम आदमी पार्टी के इस ट्वीट को निराशाजनक बताया है. सनी लियोन की मेकअप के दौरान निकल गई चमड़ी, Video देख आप भी हो जाएंगे हैरानआम आदमी पार्टी (AAP) के इस ट्वीट पर रिएक्ट करते हिुए बॉलीवुड एक्टर विपिन शर्मा ने ट्वीट किया है, 'क्या निराशाजनक ट्वीट है आम आदमी पार्टी.'

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February 25, 2020 11:37 UTC


ऑस्ट्रेलिया / उड़ने से रोकने के लिए मालिक ने तोते के पर कतरे, डॉक्टर ने ट्रांसप्लांटर कर नए लगाए; उड़ने के काबिल बनाया

ब्रिस्बेन में 31 साल की वेटनरी डॉक्टर कैथरीन अपुली ने कुछ ही घंटों में 12 हफ्ते के तोते को नए पंख लगाएक्लीनिक को दान में मिले पंख, ग्लू और टूथपिक्स की मदद से तोते ने एक घंटा उड़ान भरी, सुरक्षित लैंडिंग भी कीDainik Bhaskar Feb 25, 2020, 05:10 PM ISTब्रिस्बेन. ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में 31 साल की एक वेटनरी डॉक्टर ने एक छोटे से तोते के पंखों को ट्रांसप्लांट किया है। इससे तोता फिर से उड़ने के काबिल बन सका। 12 हफ्ते के हरे रंग और चित्तिदार तोते को उड़ने से रोकने के लिए उसके मालिकों ने उसके पर कतर दिए थे। लेकिन तोता बार-बार उड़ने की कोशिश करता था। इससे वह ऊंचाई से गिर कर घायल हो गया।अस्पताल पहुंचे तोते का डॉक्टर कैथरीन अपुली ने इलाज किया और उसका नाम वेई-वेई रखा है। पंखों के ट्रांसप्लांट में कुछ ही घंटों का समय लगा। इसके लिए दान में मिले तोते के पंख, ग्लू और टूथपिक्स का इस्तेमाल कर नए पंखों को तैयार किया गया।ग्लू बेस्ड तकनीक से तोता कुछ ही घंटे अस्पताल में रहा और ठीक हो गया।पहले पंखों को लगाने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जाती थी, वह पक्षियों के लिए काफी तकलीफ देह होती है, लेकिन ग्लू बेस्ड तकनीक से तोता कुछ ही घंटे अस्पताल में रहा। ट्रासप्लांट के बाद तोता एक घंटे तक आसमान में उड़ा और फिर सुरक्षित जमीन पर आकर बैठ सका।तितली के पंखों को जोड़ने का वीडियाे पिछले साल सितंबर में वायरल हुआ था।पिछले साल तितली के पंख ट्रांसप्लांट हुए थेयह पहली बार नहीं जब किसी पक्षी की पंख ट्रांसप्लांट हुए हैं। इससे पहले केटी वनबेलिकम नाम की एक महिला ने एक तितली के पंखों को ट्रांसप्लांट कर उड़ने के काबिल बनाया था। तितली के पंखों को जोड़ने और उसे फिर उसका उड़ते हुए वीडियो पिछले साल सितंबर में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

February 25, 2020 11:37 UTC


हरियाणा / यमुनानगर में प्रिंसिपल हत्या मामले में कोर्ट ने आरोपी छात्र को दोषी ठहराया, स्कूल में घुसकर की थी हत्या

20 जनवरी 2018 की घटना, 12वीं कक्षा में पढ़ता था आरोपी; पिता की रिवाल्वर से दिया था वारदात को अंजामछात्र को प्रिंसिपल आवारागर्दी करने पर डांटती थी, इसी बात से नाराज होकर उसने प्रिंसिपल की हत्या की थीDainik Bhaskar Feb 25, 2020, 06:45 PM ISTयमुनानगर. यहां स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितू छाबड़ा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया है। एडीजे पायल बंसल की कोर्ट ने इस मामले में छात्र शिवांश को दोषी करार दिया है। वहीं, आर्म्स एक्ट में शिवांश के पिता रणजीत उर्फ संजय को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। इस मामले में दोषी छात्र शिवांश को कोर्ट 28 फरवरी को सजा सुनाएगा।स्कूल में घुसकर मारी थी गोलियांयमुनानगर की थापर कॉलोनी में स्थित स्कूल में 20 जनवरी 2018 को प्रिंसिपल अपने रूम में थीं। इसी दौरान वहां पर हमीदा निवासी शिवांश आया। वह 12वीं क्लास का छात्र था। उसने प्रिंसिपल पर कई गोलियां चलाई। इसमें प्रिंसिपल की मौत हो गई थी। शिवांश ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने उसके पिता को भी आर्म्स एक्ट में आरोपी बनाया है। तब सामने आया था कि छात्र को प्रिंसिपल आवारागर्दी करने पर डांटती थी। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए उसने प्रिंसिपल को स्कूल में घुसकर हत्या कर दी थी।16 गवाह हुए इस केस में, एक बयानों से मुकराइस केस मे कुल 16 लोगों की गवाही हुई। इसमें स्कूल चौकीदार, टीचर समेत अन्य स्टॉफ और भागते समय छात्र को पकड़ने वाले व्यक्ति की गवाही हुई। इस मामले में भागते समय छात्र को पकड़ने वाला कोर्ट में बयानों से मुकर गया था। लेकिन जब पीडित पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में उसे छात्र के पकड़ने की फोटो और वीडियो दिखाई तो उसने कहा था कि फोटो में वही है। इसके अलावा इस केस में कोई गवाह नहीं मुकरा।

February 25, 2020 11:36 UTC


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