Praveen Togadia on Ram Mandir: अयोध्या की शास्त्रीय सीमा के भीतर बनी मस्जिद, तो नाराज होगा हिंदू समाज: प्रवीण तोगड़िया - mosque in ayodhya must be made outside the traditional boundries

प्रवीण तोगड़ियाहाइलाइट्स अयोध्या में हिंदूवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने पत्रकारों के बीच दिया बयानकहा- अयोध्या की शास्त्रीय सीमा के भीतर ना कराया जाए मस्जिद का निर्माणअयोध्या में मस्जिद बनी तो हिंदू समाज के लोग होंगे नाराज: प्रवीण तोगड़ियासुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूखंड देने का दिया है निर्देशअंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अगर अयोध्या में मस्जिद बनानी है तो इसे शास्त्रीय सीमा के बाहर बनाया जाए, क्योंकि अयोध्या आध्यात्मिक नगरी है। प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या की शास्त्रीय सीमा में मस्जिद का निर्माण नहीं कराना चाहिए और यह सही भी नहीं होगा। पूरे देश मे भी अगर बाबर के नाम से कहीं भी मस्जिद बनी तो हिंदू समाज नाराज हो जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि यह उसी तरह सही है, जैसे कि मक्का में मंदिर का निर्माण नहीं हो सकता।तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए, हालांकि वह इसके ट्रस्ट में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण एक धार्मिक कार्य है, इसलिए ट्रस्ट में हमारे पूज्य संत, अखाड़े, वैष्णव संत और धार्मिक प्रवृत्तियों के लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। मंदिर के ट्रस्ट में राजनीतिक व्यक्तियों को शामिल करने से बचना चाहिए, जिससे कि यह राजनैतिक अखाड़ा नहीं बने।तोगड़िया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जिस तरह सोमनाथ मंदिर के सामने हमीर सिंह गोहिल की समाधि और सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा लगी है, उसी तरह राम मंदिर के सामने भी आंदोलन के योद्धा महंत रामचंद्र दास, महंत अवैद्यनाथ और अशोक सिंघल की मूर्ति लगनी चाहिए। इससे लोग इन सभी के जीवन और मंदिर निर्माण आंदोलन की बातों को जान सकेंगे।

January 22, 2020 03:56 UTC


दुनिया की टॉप-100 सक्सेसफुल महिलाओं में प्रियंका चोपड़ा का नाम, एक्ट्रेस ने ऐसे कहा थैंक्स

दुनिया की टॉप-100 सक्सेसफुल महिलाओं में प्रियंका चोपड़ा का नाम, एक्ट्रेस ने ऐसे कहा थैंक्सनई दिल्ली, जेएनएन। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी सफलता का परचम लहराया है और इसी वजह उन्हें बड़े मंचों पर सम्मान भी मिला है। हाल ही में प्रियंका चोपड़ा का नाम दुनिया की सबसे सक्सेसफुल और इंस्प्रेशनल 100 महिलाओं में शामिल किया गया है। दरअसल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म क्रिएट एंड कल्टीवेट ने अपनी एक लिस्ट जारी की है, जिसमें प्रिंयका चोपड़ा का नाम एंटरटेनमेंट कैटेगरी की टॉप 100 सक्सेसफुल महिलाओं में शामिल किया गया है।वेबसाइट ने फैशन, फू़ड, एंटरटेनमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप, हेल्थ, कंटेंट क्रिएशन, ब्यूटी, म्यूजिक के क्षेत्र की महिलाओं को लिस्ट में शामिल किया गया है। इसमें एंटरटेनमेंट कैटेगरी में प्रियंका चोपड़ा का नाम शामिल किया गया है, जो भारत के लिए भी गर्व की बात है। इस लिस्ट में नाम आने के बाद प्रियंका चोपड़ा ने भी शुक्रिया अदा किया है।प्रिंयका चोपड़ा ने ट्वीट करते हुए लिखा है- क्रिएट एंड कल्टीवेट का शुक्रिया... जिसने मेरा नाम इस साल की एंटरटेनमेंट कैटेगरी में क्रिएट कल्टीवेट 100 लिस्ट में शामिल किया है।' साथ ही प्रियंका चोपड़ा ने एक लिंक साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव के बारे में लिखा है। बता दें कि हाल ही में फोर्ब्स ने भी प्रियंका चोपड़ा को टॉप-100 सेलेब्स लिस्ट में शामिल किया था।Thank you @createcultivate for featuring me in this year’s #CreateCultivate100 list in the entertainment category. Click the link below to read the full feature as I talk about my experiences and everything I have in store!https://t.co/b2EwLs0g02" rel="nofollow pic.twitter.com/kKLbXLInhD — PRIYANKA (@priyankachopra) January 21, 2020बता दें कि हाल ही में प्रियंका चोपड़ा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की दावोस में होने वाली वार्षिक बैठक में भी नजर आई थीं। दावोस में ही दीपिका पादुकोण को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रतिष्ठित अवॉर्ड क्रिस्टल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।Posted By: Mohit Pareekडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 03:54 UTC


इलेक्ट्रॉनिक कृषि बाजार पर है विश्वास का संकट, बड़े किसानों तक रह जाती है सारी सहायता: कृषि मंत्री

इलेक्ट्रॉनिक कृषि बाजार पर है विश्वास का संकट, बड़े किसानों तक रह जाती है सारी सहायता: कृषि मंत्रीनई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कृषि उपज को बाजार मुहैया कराने के लिए शुरू किया गया इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) विश्वास के संकट से जूझ रहा है। इस पर चिंता जताते हुए केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के छोटे किसानों में इसके प्रति भरोसा पैदा करने की जरूरत है। किसानों के हित में शुरू किया गया ऑनलाइन कृषि बाजार आम किसानों का प्लेटफॉर्म नहीं बन पा रहा है।कृषि मंत्री तोमर मंगलवार को ई-नाम में एग्री लॉजिस्टिक्स को मजबूत बनाने पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘कृषि क्षेत्र की दोषपूर्ण नीतियों के चलते देश में छोटे व बड़े किसानों के बीच की खाई बहुत बढ़ गई है। एक ओर संसाधन संपन्न किसान हैं, जो हर तरह का लाभ उठाने में सक्षम हैं। दूसरी ओर सरकारी अमला भी अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए उन्हीं की मदद करता है।सारी सहायता उन्हें ही परोस दी जाती है।’कृषि मंत्री ने इस तरह की सोच को बदलने और कृषि क्षेत्र में पैदा हुए वर्गवाद को समाप्त की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘छोटे किसानों तक पहुंच होने पर ही कृषि क्षेत्र की विकास दर बढ़ेगी, जिससे आर्थिक विकास के लक्ष्य को हम जल्दी छू लेंगे।’2022 तक प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दिशा में काम हो रहा है। छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिए जाने की जरूरत है। तोमर ने कहा, ‘कृषि क्षेत्र की मजबूती व ग्रामीण अर्थव्यवस्था हिंदुस्तान की ताकत है।हम इसी के भरोसे दुनिया में अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र के दोनों भागों किसान और भूमिहीन मजदूर के उत्थान के लिए काम करना होगा। खेती पर निर्भर इन खेतिहर मजदूरों की दशा पर भी विचार करने की जरूरत है।’Posted By: Pawan Jayaswalडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 03:45 UTC


भारत कठिन दौर से गुजर रहा है, नीचे बनी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर: अर्थशास्त्री अजय शाह

खास बातें अर्थशास्त्री अजय शाह ने कहा कि भारत कठिन दौर से गुजर रहा है ऐसे समय में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर नीचे ही बनी रहेगी कहा- इसका कोई त्वरित समाधान नहीं हैभारत कठिन दौर से गुजर रहा है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर अभी नीचे बनी रहेगी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (NIPFP) के प्राफेसर अजय शाह ने यह कहा है. उन्होंने कहा कि इसका कोई त्वरित समाधान नहीं है. हां, अगर समाज के लोग तथा राजनीतिक वर्ग एक-दूसरे के साथ मिल-बैठकर शांति के साथ चर्चा करें तभी इसका समाधान होगा. शाह ने कहा, ‘हम इस समय कठिन दौर से गुजर रहे हैं और इसका कोई त्वरित समाधान नहीं है.

Source:NDTV

January 22, 2020 03:44 UTC


'गुलामी' से निकलना चाहते हैं तो भाजपा के लिए वोट करें : गिरिराज

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव और भारत पर मुगलों के आक्रमण के बीच तुलना करते हुए लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर भाजपा के लिए वोट करने को कहा. उन्होंने कहा कि यदि लोग ‘‘दासता'' से बचना चाहते हैं तो उन्हें भाजपा को वोट देना चाहिए. ‘‘टुकड़े टुकड़े गैंग'' को मुंहतोड़ जवाब देने तथा राष्ट्र के लिए लोगों से मतदान करने की अपील करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि आठ फरवरी को होने वाला दिल्ली विधानसभा चुनाव केवल एक नयी विधानसभा चुनने के लिए नहीं है बल्कि देश की दिशा बदलने का चुनाव है. यदि आप इस गुलामी से बचना चाहते हैं तो आप सब जातिवाद से ऊपर उठें और दिल्ली को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नजर से देखें .'' Delhi Election 2020: BJP ने तजिंदर बग्गा को हरिनगर सीट से उतारा, बग्गा ने किया ट्वीट 'How's The Josh'गौरतलब है कि दिल्ली में 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होंगे और 11 फरवरी को चुनाव के परिणाम आने वाले हैं.

Source:NDTV

January 22, 2020 03:33 UTC


Tata New Cars: Tata Motors To Launch Nexon, Tiago, Tigor Facelift And New Altroz Today

टाटा अल्ट्रॉज दो इंजन ऑप्शन में आएगीभारत की दिग्गज कार निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स भारत में आज चार नई कारें लॉन्च करने जा रही है। कंपनी 22 जनवरी को टाटा नेक्सॉन, टाटा टियागो और टाटा टिगोर के फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च करेगी, साथ ही एक दम नई प्रीमियम हैचबैक टाटा अल्ट्रॉज को भी आज ही लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि Tata Altroz को कंपनी ने 3 दिसंबर को पेश किया था और हाल ही में इस कार को ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में मिले 5 स्टार मिले थे। इन सभी गाड़ियों की बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।टाटा अल्ट्रॉज दो इंजन ऑप्शन- 86 bhp पावर वाला 1.2 लीटर पेट्रोल और 90 bhp पावर वाला 1.5 लीटर डीजल इंजन में आएगी। दोनों इंजन बीएस6 कम्प्लायंट होंगे और कार 5-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ आएगी। टाटा अल्ट्रॉज का सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी Baleno और ह्यूंदै Elite i20 से रहेगा। इस कार की कीमत 5.50 लाख रुपये से 8.50 लाख रुपये तक हो सकती है।अल्ट्रॉज के बाद जिस कार पर सबसे ज्यादा नजरें टिकी होंगी वह टाटा 2020 Tata Nexon फेसलिफ्ट है। इस कार का डिजाइन काफी हद तक टाटा नेक्सन EV जैसा रहेगा। यह सबकॉम्पैक्ट एसयूवी 1.2-लीटर पेट्रोल और 1.5 लीटर डीजल इंजन के साथ आएगी। कार के डिजाइन में बदलाव करने के साथ ही कुछ नए फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं। नई टाटा नेक्सॉन की कीमत 7 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक हो सकती है।वहीं, 2020 Tata Tigor और Tata Tiago गाड़ियां बीएस6 वाले 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर डीजल के साथ आएंगी। इन गाड़ियों में 6-स्पीड मैनुअल और AMT का ऑप्शन मिल सकता है। इसके अलावा बाद में कंपनी सीएनजी का विकल्प भी ला सकती है। टाटा टियागो फेसलिफ्ट की कीमत 5 लाख से 7 लाख रुपये और टाटा टिगोर फेसलिफ्ट की कीमत 6 लाख रुपये से 8 लाख रुपये तक हो सकती है।

January 22, 2020 03:33 UTC


PF contribution: Few Categories May Get Permission To Reduce Provident Fund Contribution

हाइलाइट्स PF में कम कंट्रिब्यूशन का नियम सबके लिए लागू नहीं होगालेबर मिनिस्ट्री 2-3% कम PF कंट्रिब्यूशन की इजाजत के दायरे में आने वाले वर्कर्स की कैटिगरी तय करने के प्रस्तावित मानकों पर विचार कर रही हैअभी सभी कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा अनिवार्य रूप से PF में देना होता हैएंप्लॉयर भी इतना ही योगदान करता है और इस अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा एंप्लॉयी पेंशन स्कीम में जाता हैकौन-सी जरूरत के लिए PF से निकाल सकते हैं कितना पैसा? प्रॉविडेंट फंड(PF) को लेकर हाल में सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। अगर कोई अपने PF फंड में से पैसा निकालना चाहता है तो उसे ऑनलाइन ही क्लेम करना होगा। आइए जानें आप किस जरूरत के लिए आप कितना पैसा निकाल सकते हैं और PF से पैसे निकालने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका।अपने पीएफ अकाउंट से आप कितनी रकम निकाल सकते हैं यह आपके अकाउंट की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर आप अपनी संतान, भाई/बहन या अपनी शादी के लिए पीएफ से रकम निकालना चाहते हैं तो आपकी तरफ से PF अकाउंट में किए गए योगदान का 50% हिस्सा निकाल सकते हैं।पत्नी या संतान की उच्च शिक्षा के लिए आप PF अकाउंट में अपने योगदान का 50% रकम ब्याज के साथ निकाल सकते हैं। हालांकि दोनों मामलों में यह जरूरी है कि आपको जॉब करते हुए कम से कम 7 साल पूरे हो गए हों।अगर आप घर या जमीन खरीदना चाहते हैं और आपको जॉब करते हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं तो आप कुछ शर्तों के साथ PF अकाउंट से रकम निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्लॉट खरीदने के लिए आप मासिक वेतन से 24 गुना तक और घर खरीदने/बनाने के लिए मासिक वेतन का 36 गुना तक पीएफ निकाल सकते हैं। इस मामले में आप अपने और नियोक्ता दोनों के योगदान और ब्याज की रकम में से क्लेम कर सकते हैं।अगर आप स्वयं, पत्नी, बच्चों या फिर माता-पिता के इलाज के लिए पैसे चाहते हैं तो आप अपनी सैलरी का 6 गुना या पीएफ की पूरी रकम, जो भी कम हो, निकाल सकते हैं। किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में भी आप पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं। इसके लिए आपको एक महीने या अधिक समय तक अस्पताल में दाखिल रहने का सबूत, लीव सर्टिफिकेट और ईएसआई की सुविधा नहीं दी जाने की घोषणा के बारे में नियोक्ता या ईएसआई द्वारा जारी सर्टिफिकेट की जरूरत होगी।पिछले साल EPFO ने अपने कर्मचारियों के एक महीने से अधिक समय तक बिना जॉब के रहने पर पीएफ का 75 फीसदी हिस्सा निकालने की अनुमति दी थी। PF में जमा बाकी 25 फीसदी हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है।- सबसे पहले EPFO की वेबसाइट unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर जाएं।- यहां आप अपना UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगइन करें।- इसके बाद Manage पर क्लिक करें और अपना KYC चेक कर लें।- फिर Online Services पर जाकर CLAIM (FORM-31, 19&10C) पर क्लिक करें।- यहां पर EPF के पूरे पैसे निकालने, लोन और अडवांस के लिए कुछ पैसा निकालने के ऑप्शन मिलेंगे। आप जिस कारण से पैसे निकालना चाहते हैं उस ऑप्शन को सिलेक्ट करें।ऑप्शन सिलेक्ट करने के बाद जरूरत और नियम के अनुसार आप अपने क्लेम फॉर्म को ऑनलाइन भरें। फॉर्म भरने के 10 दिनों के अंदर आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में PF की राशि जमा हो जाएगी।वर्किंग वुमन, विकलांग प्रफेशनल या 25-35 साल के कामकाजी पुरुषों को प्रॉविडेंट फंड में कंट्रीब्यूशन 2-3 प्रतिशत घटाने की इजाजत मिल सकती है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि PF में कम कंट्रिब्यूशन का नियम सबके लिए लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'यह यूनिवर्सल नहीं होगा। कुछ ही श्रेणियों के लिए इसकी इजाजत दी जाएगी।' उन्होंने बताया कि वर्कर्स की इन श्रेणियों का निर्धारण कुछ मानकों के आधार पर किया जाएगा।जिन मानकों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एक यह भी है कि कामकाजी महिलाओं और विकलांग पेशेवर लोगों को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। लेबर मिनिस्ट्री 2-3 प्रतिशत कम पीएफ कंट्रिब्यूशन की इजाजत के दायरे में आने वाले वर्कर्स की कैटिगरी तय करने के प्रस्तावित मानकों पर विचार कर रही है। इस संबंध में जल्द निर्णय किया जा सकता है।अधिकारी ने कहा, 'सरकार को अहसास है कि रिटायरमेंट के समय सोशल सिक्यॉरिटी की जरूरत होती है। हालांकि युवा कर्मचारियों को शादी, मकान खरीदने और करियर के शुरुआती वर्षों में दूसरी जरूरतों के लिए हाथ में ज्यादा पैसे की आवश्यकता भी होती है। इसी को देखते हुए इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।'अभी सभी कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के तहत देना होता है और इतनी ही रकम उनके एंप्लॉयर की ओर से आती है। एंप्लॉयर के अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा एंप्लॉयी पेंशन स्कीम में जाता है। कोड ऑन सोशल सिक्यॉरिटी 2019 के तहत लेबर मिनिस्ट्री ने एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऐंड मिसलेनियस प्रॉविजंस ऐक्ट में नरमी का प्रस्ताव दिया है जिससे कंट्रीब्यूशन की अलग-अलग दरों की इजाजत मिल जाएगी।एंप्लॉयर की ओर से आने वाले अंशदान में बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। संसद मे रखा गया यह बिल अब श्रम मामलों की स्थायी समिति के सामने है। कोड को संसद से मंजूरी मिलने के बाद श्रेणी तय करने वाले नियमों को मंत्रालय नोटिफाई करेगा। इसके पीछे सोच यह है कि कुछ कैटिगरी के एक खास उम्र वाले वर्कर्स को पीएफ में अंशदान घटाने की इजाजत दी जाए ताकि उनकी टेक होम सैलरी बढ़े।EPS कंट्रीब्यूशन की गणना 15000 रुपये की बेसिक पे या ऐक्चुअल बेसिक पे, जो भी कम हो के आधार पर की जाती है। अगर बेसिक सैलरी 15000 रुपये से ज्यादा हो तो EPS कंट्रिब्यूशन 15000 रुपये के 8.33 प्रतिशत के बराबर होगा, जो कि 1250 रुपये महीना होता है।

January 22, 2020 03:32 UTC


Delhi Assembly Election 2020: बिहार के सीएम नीतीश व LJP नेता रामविलास पासवान भी करेंगे चुनाव प्रचार

Delhi Assembly Election 2020: बिहार के सीएम नीतीश व LJP नेता रामविलास पासवान भी करेंगे चुनाव प्रचारनई दिल्ली, जेएनएन। Delhi Assembly Election 2020 : दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के अब भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत दिल्ली में लड़ रही अन्य पार्टियों ने चुनाव प्रचार की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।दिल्ली में भाजपा पहली बार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ गठबंधन करके विधानसभा चुनाव लड़ रही है। भाजपा 67 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जदयू दो व लोजपा को एक सीट मिली है। भाजपा के बड़े नेताओं के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान व लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान सहित अन्य नेता गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव में प्रचार करेंगे।दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में तीनों पार्टियों की संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि तीनों पार्टियों के कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लोगों को आप सरकार की विफलताओं के बारे में भी बताएंगे।जदयू के राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार सरकार में मंत्री संजय झा ने कहा कि गठबंधन से पूर्वांचल के लोगों में उत्साह है। नीतीश कुमार सहित पार्टी के अन्य बड़े नेता दिल्ली में प्रचार करेंगे।दिल्ली चुनाव से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिकPosted By: JP Yadavडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

January 22, 2020 03:22 UTC


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