खामेनेई की मौत के बाद अयातुल्ला अलीरेजा अराफी बने ईरान के नये अंतरिम सुप्रीम लीडर, जानें कैसी है विचारधारा?

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

March 01, 2026 11:16 UTC


मोजतबा खामेनेई कौन हैं? अयातुल्ला के बेटे जो पिता की मौत के बाद संभाल सकते हैं सुप्रीम लीडर की कुर्सी

लेखक के बारे में विवेक सिंह विवेक सिंह, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका करीब 12 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) को कवर कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के घटनाक्रम में विशेष रुचि है। अमर उजाला देहरादून के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदा,एबीपी न्यूज से होते हुए नवभारत टाइम्स तक यह सफर जारी है। इस बीच न्यूज18 यूपी/उत्तराखंड के साथ टीवी की दुनिया और वीडियो न्यूज ऐप प्लेटफॉर्म के साथ भी काम किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 11:03 UTC


थम जाएगा भारत-चीन का इंजन, पाकिस्तान भी पड़ सकता है ठंडा, जान लीजिए वजह

लेखक के बारे में दिल प्रकाश दिल प्रकाश, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर है। वह 20 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने खेल, राजनीति, संसद, रक्षा और बिजनस जैसे कई विषयों पर रिपोर्टिंग की है। दिल प्रकाश पांच साल से भी अधिक समय से एनबीटी डिजिटल के साथ जुड़े हैं। इससे पहले वह यूनीवार्ता और बिजनस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने बीबीसी में भी आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के रूप में काम किया है। दिल प्रकाश ने नई दिल्ली के भारतीय विद्या भवन संस्थान से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

March 01, 2026 10:58 UTC


ईरान ने 137 मिसाइलें दागीं तो UAE आगबबूला, सऊदी के बाद जारी की चेतावनी, इजरायल संग युद्ध में होगा शामिल?

लेखक के बारे में अभिजात शेखर आजाद अभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं।अभिजात ने अपने करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के भू-राजनीतिक संकटों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं।प्रमुख उपलब्धियां और विशेषज्ञता:रक्षा और सैन्य विश्लेषण: राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।चुनाव कवरेज: कई भारतीय लोकसभा चुनावों और प्रमुख वैश्विक चुनावों की ग्राउंड और संपादकीय रिपोर्टिंग।पुरस्कार: पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दो बार प्रतिष्ठित ENBA अवार्ड से सम्मानित।इंटरव्यू: वैश्विक नीति निर्माताओं, पूर्व राजनयिकों और रक्षा विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद।अभिजात का लक्ष्य वैश्विक घटनाओं के पीछे छिपे 'असली कारणों' को उजागर करना है, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उसके दूरगामी प्रभावों को भी समझ सकें।... और पढ़ें

March 01, 2026 10:49 UTC


ईरान पर जब दागी जा रही थी मिसाइलें... क्‍या कर रहे थे ट्रंप, तस्‍वीरें आई सामने

ईरान पर जब मिसाइल दागी जा रही थीं, तो अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इन हमलों का टेलीकास्‍ट देख रहे थे. अमेरिका की तरफ से हमला होने के चंद मिनट बाद ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया. जंग की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि युद्ध कितना भयावह है. ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू...सिनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप ने अकेले ईरान के साथ एक और युद्ध शुरू किया है. हाउस फॉरेन अफेयर्स समिति के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने इसे ईरान की लगातार 47 सालों की आक्रामकता का जवाब बताया.

Source:NDTV

March 01, 2026 10:28 UTC


खामेनेई की हत्या से भड़की भीड़ ने कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट में की तोड़फोड़, पुलिस झड़प में 9 की मौत

इस झड़प में 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की ईरान में हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत हो गई है. पाकिस्तान के डॉन अखबार ने कराची के सिविल हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के हवाले से बताया कि US काउंसलेट के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. पाकिस्‍तान में खामेनेई की मौत पर हिंसक हुई भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का इस्‍तेमाल करना पड़ा. खामेनेई की मौत के बाद कई जगह विरोध प्रदर्शनतेहरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्‍तान समेत कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

Source:NDTV

March 01, 2026 10:24 UTC


आंखों देखी: ऑनलाइन न दिखूं तो समझना मामला गड़बड़ है! ईरान में आसमान से बरस रही आग

लेखक के बारे में सुनील पाण्डेय सुनील पाण्डेय, नवभारत टाइम्स बिहार-झारखंड के सीनियर जर्निलिस्ट हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों विधाओं का अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और ग्राउंड रिपोर्टिंग में 20 साल का तजुर्बा हैं। प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका माया और लोकायत से इन्होंने करियर की शुरुआत की। ईटीवी न्यूज़, महुआ न्यूज़ और ज़ी बिहार-झारखंड में लंबे समय तक कुशलता से अपनी जिम्मेदारी निभाई। न्यूज 18 बिहार-झारखंड में असिस्टेंट न्यूज एडिटर रहते हुए चैनल को नई दिशा दी। ग्राउंड और रिसर्च स्टोरी की रिपोर्टिंग/एडिटिंग में माहिर माने जाते हैं। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खासी पकड़ रखते हैं। कई अवॉर्ड से सम्मानित सुनील पाण्डेय को डिजिटल माध्यम में दिलचस्पी और सीखने की प्रबल इच्छा इन्हें नवभारत ​टाइम्स तक खींच लाई। मीडिया के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत चाहत रखते हैं। जनवरी 2021 से NBT में कार्यरत हैं। इन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान पटना विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 10:17 UTC


US-Israel Iran War Live Updates: इस्‍लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के पास चली गोलियां, ईरान समर्थकों की भीड़ जमा, हाई अलर्ट पर मिडिल ईस्ट

US Iran War: PoK में खामेनेई की मौत पर भड़के लोग, UN ऑफिस में लगाई गई आगअमेरिकी और इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद दुनिया भर में मुसलमानों का गुस्सा फूट पड़ा है। पाकिस्तान में हिंसक स्थिति हो गई है, जहां अमेरिका से जुड़ी संपत्तियों के साथ ही उसके प्रभाव वाल संस्थाओं को भी भीड़ निशाना बना रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगिट बाल्टिस्टान में संयुक्त राष्ट्र के आफिस समेत कई बिल्डिंगों को निशाना बनाया गया है। गिलगिट बाल्टिस्टान के स्कर्दू में संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस, आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम (AKRSP) ऑफिस, आर्मी पब्लिक स्कूल समेत कई इमारतों को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी है

March 01, 2026 10:03 UTC


Rahul Rawail on Saif Ali Khans Bekhudi Removal

Hindi NewsEntertainmentBollywoodRahul Rawail On Saif Ali Khans Bekhudi Removal | Directors Statementडायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह: राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी1 दिन पहलेकॉपी लिंकसाल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था।हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था।फिल्म 'परंपरा' में विनोद खन्ना और आमिर खान के साथ सैफ नजर आए थे।सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया थालेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है।राहुल रवैल ने फिल्म ‘बेताब’ में सनी देओल और अमृता सिंह को लॉन्च किया था।राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है।उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे।राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी।सैफ की जगह ‘बेखुदी’ में कमल सदाना को काजोल के साथ कास्ट किया गया था।राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने कामकाम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है।राहुल रवैल की आखिरी रिलीज फिल्म ‘बुड्ढा मर गया’ 2007 में रिलीज हुई थी।राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं।वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।.

March 01, 2026 09:46 UTC


'दुबई जाने वालों के लिए सबक, मोदी हैं तो हम सुरक्षित', इजरायल-ईरान जंग के बीच बीजेपी सांसद ने ये क्या कह दिया

लेखक के बारे में अक्षय श्रीवास्तव अक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। उन्हें 12 साल से ज्यादा की पत्रकारिता का अनुभव है। मार्च 2025 से वह NBT डिजिटल के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। एनबीटी न्यूज टीम में वह देश की खबरों पर नजर रखते हैं। वह राजनीति, अपराध, भारत की विदेश नीति और दिल्ली-एनसीआर से संबंधित मुद्दों को कवर करते हैं। वह ग्राउंड रिपोर्ट और एक्सक्लूसिव स्टोरीज की विशेषज्ञता रखते हैं। एनबीटी में स्पेशल न्यूज पैकेज 'मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ' की भी जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्होंने तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024)को कवर किया है । 2023 में दिल्ली की सड़कों पर कान का मैल निकालने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले कनमैलियों की धोखेबाजी को वो उजागर कर चुके हैं। भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

March 01, 2026 09:02 UTC


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