बीजेपी नेता जब पीएम मोदी के पास जाते हैं तो डरती हैं बीवियां: मायावतीXबीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। मायावती ने दो टूक कहा है कि पीएम मोदी की नैया अब डूब रही है और आरएसएस ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। बता दें कि इससे पहले सोमवार को भी मायावती ने पीएम पर पर्सनल अटैक करते हुए कहा था बीजेपी नेताओं की पत्नियां अपने पतियों के मोदी के करीब जाने से डरती हैं। उधर, मंदिर दर्शन और रोड शो को लेकर भी मायावती ने कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं पर हमला बोला और चुनाव आयोग से इस पर पाबंदी लगाने और इसका खर्च उम्मीदवारों के हिस्से में जोड़ने की सिफारिश भी की।मायावती ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर पीएम मोदी और आरएसएस पर एक बार फिर निशाना साधा। मायावती ने कहा, 'इस चुनाव में पीएम मोदी की नैया डूब रही है। मुझे लगता है कि अब आरएसएस ने भी मोदी का साथ छोड़ दिया है। यही वजह है कि आरएसएस वाले मैदान में मेहनत करते नहीं दिख रहे हैं।'सोमवार को पीएम पर निशाना साधते हुए माया ने कहा था, 'पीएम मोदी बहन और पत्नियों की इज्जत करना क्या जानेंगे जब वह अपनी पत्नी को राजनीतिक लाभ के लिए छोड़ चुके हैं। यहां तक कि बीजेपी नेताओं की पत्नियां अपने पतियों के मोदी के करीब जाने से डरती हैं।' उधर, माया के पीएम पर इस पर्सनल अटैक पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने माया के परिवारवाद पर निशाना साधा था। बीजेपी ने कहा कि आखिर मोदी से इतनी घृणा क्यों? क्या इसलिए कि उन्होंने परिवार से ज्यादा देश को परिवार माना?पीएम मोदी ने मायावती पर राजस्थान के अलवर में हुए गैंगरेप मामले में चुप्पी तोड़ने को लेकर हमला बोला था। मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर पलटवार करते हुए कहा था, 'नरेंद्र मोदी पहले अलवर दलित महिला उत्पीड़न घटना को लेकर चुप थे लेकिन मेरे बोलने के तुंरत बाद से इसकी आड़ में अपनी घिनौनी घृणित राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं ताकि चुनाव में उनकी पार्टी को फायदा पहुंचे। यह बेहद शर्मनाक है।'योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना मायावती ने कहा, आचार संहिता के उल्लंघन के कारण बैन लगने के बावजूद अगर लोग मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं और मीडिया में इसे दिखाया जाता है तो यह गलत है। चुनाव आयोग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह बंद होना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि 'अली-बजरंग बली' बयान पर चुनाव आयोग के बैन के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे।रोड शो और मंदिर दर्शन को फैशन बताते हुए मायावती ने कहा, चुनावों के दौरान मंदिर दर्शन और रोड शो फैशन बन गया है। इसमें काफी पैसा खर्च होता है। चुनाव आयोग को इस खर्च को भी प्रत्याशी के खाते में जोड़ना चाहिए।
Source: Navbharat Times May 14, 2019 05:19 UTC