इंडो-पैसिफिक पिछले कुछ सालों में सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। पूरी दुनिया जानती है कि अगले 15-20 सालों में विश्व की तमाम बड़ी शक्तियों के बीच सहयोग, प्रतिद्वंदिता या संघर्ष, जो अलग अलग ऑप्शन बनते हैं, उसे देखा जाएगा। इंडो-पैसिफिक में होने वाले इस पॉवर गेम के तीन शक्तिशाली देश हैं अमेरिका, चीन और भारत। हो सकता है कि आने वाले 10-20 सालों में चीन, अमेरिका को शक्ति के मामले में पीछे छोड़ दे। इसीलिए भारत को बहुत निगरानी के साथ इसपर नजर रखनी होगी। पर्शियन गल्फ से लेकर मलक्का स्ट्रेट तक इसमें काफी अहम हो जाता है। खासकर अभी देखिए, एक दिलचस्प घटना घट रही है, जब BRICS देशों का एक नौसैनिक अभ्यास चल रहा है और भारतीय नौसेना उसमें हिस्सा नहीं ले रही है। खास बात ये है कि ये नौसैनिक अभ्यास चीन के नेतृत्व में हो रहा है। इस अभ्यास में बड़ी नौसैनिक शक्तियों में चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ईरान है। तो इसका मतलब ये निकलता है कि धीरे धीरे हिंद महासागर में एक नया समीकरण बन रहा है, जिसमें चीन लीडर है और भारत इसमें नहीं है।सी उदय भास्कर, डायरेक्टर, सोसायटी फॉर पॉलिसी स्टडीज़
Source: Navbharat Times January 16, 2026 14:25 UTC