economy: इकॉनमी में कुछ सुस्ती, लेकिन आगे बढ़ेगी रफ्तार - some lethargic in the economy, but the pace will increase - News Summed Up

economy: इकॉनमी में कुछ सुस्ती, लेकिन आगे बढ़ेगी रफ्तार - some lethargic in the economy, but the pace will increase


फाइनैंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि 2018-19 में देश की इकॉनमी की रफ्तार कुछ धीमी होती दिखी है, लेकिन आने वाले वर्षों में इकनॉमिक ग्रोथ तेज होने का अनुमान है। मिनिस्ट्री ने मार्च के लिए अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया, 'इस मंदी के पीछे प्राइवेट कंजम्पशन की ग्रोथ घटना, फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट में मामूली वृद्धि और एक्सपोर्ट की रफ्तार धीमी रहना जैसे प्रमुख कारण हैं।'देश के स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने 28 फरवरी को जारी अपने अनुमान में फाइनैंशल ईयर 2019 में जीडीपी ग्रोथ 7 पर्सेंट रहने की बात कही थी। इस अनुमान से चौथे क्वॉर्टर में ग्रोथ लगभग 6.5 पर्सेंट हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सप्लाई को लेकर चुनौती एग्रीकल्चर सेक्टर की ग्रोथ में कमी रोकने और इंडस्ट्री की ग्रोथ बरकरार रखने की है।रिपोर्ट में बताया गया है कि मॉनिटरी पॉलिसी के जरिए ग्रोथ को रफ्तार देने की कोशिश की गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले महीने हुए पॉलिसी रिव्यू में रेपो रेट को 0.25 पर्सेंट घटाया था। इससे पहले फरवरी में भी रेपो रेट में इतनी ही कमी की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 'मॉनिटरी पॉलिसी में छूट देने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रेपो रेट में हाल की कटौती का असर बैंकों के लेंडिंग रेट पर अभी तक नहीं पड़ा है। इस वजह से इन्वेस्टमेंट में तेजी नहीं आई है।' कंज्यूमर और होलसेल प्राइस इंडेक्स से मापी जाने वाली इन्फ्लेशन 2018-19 में कम हुई है। हालांकि, हाल के महीनों में इसमें मामूली तेजी आई है।पिछले फाइनैंशल ईयर के चौथे क्वॉर्टर में प्रभावी एक्सचेंज रेट चढ़ा है और इससे शॉर्ट-टर्म में देश से होने वाले एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी के रास्ते में रुकावट आ सकती है। ट्रेड बैलेंस में सुधार से चौथे क्वॉर्टर में फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़ा है। करंट एकाउंट डेफिसिट भी तीसरे क्वॉर्टर में जीडीपी के 2.6 पर्सेंट से नीचे आने की संभावना है।


Source: Navbharat Times May 03, 2019 02:37 UTC



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