भगवान जगन्नाथ को विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है, जो श्रीकृष्ण को समर्पित है।3. ब्रह्म और स्कंद पुराण में मान्यता है कि पुरी में भगवान विष्णु पुरुषोत्तम नीलमाधव के रूप में अवतरित हुए और सबर जनजाति के देवता बने।4. मान्यता है कि लक्ष्मीपति विष्णु ने यहां तरह-तरह की लीलाएं भी की थीं।6. माना जाता है कि रथ खींचने वाले को 100 यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है।6. रथ यात्रा में सबसे आगे बलराम, उसके पीछे माता सुभद्रा और सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ का रथ होता है।9.
Source: Dainik Jagran July 04, 2019 08:03 UTC