सुरक्षा जोखिमों से निपटने को एजेंसी की सेवाएं लेगा सेबीनयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने समूचे सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे में सुरक्षा खामियों की पहचान और ऐसे जोखिमों से निपटने के उपाय सुझाने को एक एजेंसी की सेवाएं लेने की योजना बनाई है। पिछले कुछ साल से नियामक बाजार में आए प्रौद्योगिकी बदलाव से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने को प्रौद्योगिकी पर बड़ा दांव लगा रहा है। सेबी ने एजेंसी की नियुक्ति को इच्छुक पक्षों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किया है। सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे में नेटवर्किंग प्रणाली, सुरक्षा उपकरण, सर्वर और डाटाबेस आता है। सेबी ने कहा कि चुनी गईडिसक्लेमर : यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने समूचे सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे में सुरक्षा खामियों की पहचान और ऐसे जोखिमों से निपटने के उपाय सुझाने को एक एजेंसी की सेवाएं लेने की योजना बनाई है। पिछले कुछ साल से नियामक बाजार में आए प्रौद्योगिकी बदलाव से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने को प्रौद्योगिकी पर बड़ा दांव लगा रहा है। सेबी ने एजेंसी की नियुक्ति को इच्छुक पक्षों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किया है। सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे में नेटवर्किंग प्रणाली, सुरक्षा उपकरण, सर्वर और डाटाबेस आता है। सेबी ने कहा कि चुनी गई एजेंसी का काम नियामक के सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे पर खतरे और संवेदनशीलता का आकलन करना और उससे बचाव के उपाय करना होगा। नियामक ने कहा कि बोली लगाने वाले आवेदक के भारत में पंजीकृत कार्यालय होना चाहिए। साथ ही यहां उसके परिचालन के कम से कम तीन साल पूरे होने चाहिए। इसके अलावा आवेदन करने वाली कंपनी आईटी सुरक्षा उत्पाद बेचने के कारोबार से जुड़ी नहीं होनी चाहिए।
Source: Navbharat Times September 29, 2019 10:07 UTC