टेरर फंडिंग: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में NIA कोर्ट की कार्रवाई - News Summed Up

टेरर फंडिंग: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में NIA कोर्ट की कार्रवाई


Hindi NewsNationalNIA Court Issued Warrant Against Lashkar e Taiba (LeT) Chief And 26 11 Mumbai Attack Mastermind Hafiz SaeedAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपटेरर फंडिंग: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में NIA कोर्ट की कार्रवाईनई दिल्ली 19 घंटे पहलेकॉपी लिंकहाफिज सईद 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी। (फाइल फोटो)दिल्ली में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा चीफ और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED के आरोपों पर हाफिज समेत 3 अन्य के खिलाफ यह फैसला किया है।हाफिज फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है। वह मुंबई में हुए आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी। इस केस में हाफिज के करीबी 3 लोगों के खिलाफ भी वारंट जारी किया गया है।जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग केस में हाफिज के साथीजहूर अहमद शाह, कश्मीरी बिजनेसमैनअल्ताफ अहमद शाह उर्फ फंटूस, अलगाववादीनवल किशोर कपूर, UAE के बिजनेसमैनपाकिस्तान में भी हाफिज सईद के गुर्गों पर शिकंजा पाकिस्तान की एक एंटी टेररिज्म कोर्ट ने पिछले महीने ही आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को अवैध फंडिंग मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। सईद के साथ दो और आरोपियों प्रो. जफर इकबाल और याह्या मुजाहिद को दो मामलों में 5-5 साल और दूसरे मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन पर 1,10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। सभी की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई थी।चैरिटी के बहाने आतंक फैला रहा हाफिजहाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। 11 सितंबर, 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने इस संगठन को विदेशी आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया था। 2002 में पाकिस्तान सरकार ने भी लश्कर पर पाबंदी लगा दी थी। उसके बाद हाफिज सईद ने नया संगठन जमात-उद-दावा बनाया था। अब वह इसी संगठन को चैरिटी बताकर आतंक के लिए पैसा इकट्ठा करता है। इस पैसे का इस्तेमाल आतंक फैलाने के लिए किया जाता है।


Source: Dainik Bhaskar February 06, 2021 16:17 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */