जम्मू-कश्मीर / इस साल अब तक 100 आतंकी मारे गए, 50 युवा आतंकी संगठनों से जुड़े - News Summed Up

जम्मू-कश्मीर / इस साल अब तक 100 आतंकी मारे गए, 50 युवा आतंकी संगठनों से जुड़े


Dainik Bhaskar Jun 02, 2019, 07:36 PM ISTसुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में 78 स्थानीय और 23 विदेशी शामिलअफसरों ने बताया- हाल ही में घुसपैठ की संख्या में भी इजाफा हुआश्रीनगर. सुरक्षाबलों ने घाटी में इस साल अब तक 101 आतंकियों को मार गिराया। सेना के अफसरों के मुताबिक, मार्च से अब तक 50 युवा विभिन्न आतंकी संगठनों में शामिल हो चुके हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं का आतंकी संगठनों से जुड़ना चिंता का विषय है।अफसरों के मुताबिक, हमें सुरक्षा बनाए रखने के लिए और युवाओं को आतंकी बनने से रोकने के लिए बेहतर उपाय तलाशने होंगे। यहां तक की युवाओं को कट्टरता के रास्ते पर जाने से रोकने के लिए उनके परिवारों को भी शिक्षित करना होगा।'आतंकियों के खिलाफ पुरानी रणनीति पर विचार की जरूरत'उन्होंने बताया कि 31 मई 2019 तक 101 आतंकी मारे गए। इनमें 23 विदेशी और 78 स्थानीय आतंकी शामिल हैं। मारे गए आतंकियों में अल-कायदा के संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद का कथित प्रमुख जाकिर मूसा भी शामिल है। हालांकि, मूसा की मौत के बाद अंसार गजवत-उल-हिंद में शामिल होने वाले आतंकियों की संख्या में इजाफा हुआ है।आतंकी के खिलाफ ऑपरेशनों में शामिल और रणनीति बनाने वाले अफसरों का मानना है कि एंटी टेररिस्ट पॉलिसी में विचार करने की जरूरत है, जिससे कट्टरता से होने वाले नुकसान के बारे में युवाओं और उनके परिजनों को शिक्षित किया जा सके।शोपियां में सबसे ज्यादा आतंकी मारे गएअफसरों के मुताबिक, शोपियां में 25 आतंकी मारे गए, जिनमें 16 स्थानीय शामिल हैं। वहीं, पुलवामा में 15, अवंतीपोरा में 14 और कुलगाम में 12 आतंकी मारे गए। हालांकि, इन इलाकों से अभी भी बड़ी संख्या में युवा आतंकी सगंठनों में शामिल हो रहे हैं।अफसरों ने बताया कि घुसपैठ की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। कुछ आतंकी पुंछ और जम्मू के राजौरी से घुसपैठ करने में भी कामयाब हुए हैं। इससे सुरक्षाबलों के लिए घाटी में स्थिति और भी चुनौती पूर्ण हो गई है।बंदूक उठाने वाले युवाओं की संख्या 2014 से लगातार बढ़ रहीकश्मीर में बंदूक उठाने वाले युवाओं की संख्या में 2014 के बाद से लगातार इजाफा हो रहा है। संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक, 2014 में 53, 2015 में 66 और 2016 में 88 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए।आतंकियों के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग हो रहे इकट्ठाअफसरों का मानना है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से आतंकियों के खिलाफ होने वालीं मुठभेड़ विरोध प्रदर्शनों में बदल जाते हैं और स्थानीय नागरिक सुरक्षाबलों पर पथराव भी करते हैं। इसके अलावा आतंकियों के जनाजे पर भी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं।


Source: Dainik Bhaskar June 02, 2019 13:44 UTC



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