आज भी धीरज के सेन्टर पहुंचते ही प्रधानमंत्री के फोटो आपको देखने को मिलेगा. धीरज का कहना है कि पालिसी बदल गई हैं. इसीलिए जो फ्रैंचाइज़ सेन्टर हैं उनकी कमाई भी कम हो गई है. धीरज का कहना है सब कुछ एक फ्रैंचाइज़ करता है लेकिन बीच मे टीपी को लाने की क्या जरूरत है. रोज़गार देने आए थे खुद बेरोज़गार हो गए सौरभऐसी एक कहानी सौरभ की है.
Source: NDTV May 01, 2019 22:23 UTC