Dainik Bhaskar May 02, 2019, 02:47 AM ISTरायपुर. प्री इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) और प्री फार्मेसी टेस्ट (पीपीएचटी) की 2 मई को होने वाली परीक्षा कुछ घंटे पहले निरस्त कर दी गई है। व्यापमं ने प्रवेशपत्र नहीं निकलने की वजह से परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 8 अिधकारियों को नोटिस जारी किया गया है। चर्चा है कि जानबूझकर सर्वर खराब करने की आशंका को ध्यान में रखकर अफसरों को नोटिस दिए गए हैं। सरकार इस पर उच्चस्तरीय जांच भी बिठा सकती है। अफसरों ने बताया कि चिप्स के सर्वर में तकनीकी खराबी आने की वजह से छात्र प्रवेशपत्र डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे। इसलिए परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।व्यापमं के अफसरों ने बताया कि दोनों परीक्षाओं के लिए कुछ दिन पहले ऑनलाइन प्रवेश पत्र जारी किया गया था। 30 अप्रैल की रात को सिस्टम में तकनीकी खराबी आई। इसलिए कई परीक्षार्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं कर पाए थे। राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए पीईटी तथा फार्मेसी संस्थानों के लिए पीपीएचटी आयोजित की जाती है। अफसरों ने बताया कि व्यापमं की बाकी परीक्षाएं यथावत रहेंगी।मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राज्य शासन ने व्यापमं अध्यक्ष उमा देवी, सलाहकार प्रदीप चौबे, चिप्स के सीईओ देव सेनापति, एडिशनल सीईओ परियल समेत 8 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इस बार पीईटी के लिए व्यापमं को करीब 20 हजार आवेदन मिले हैं। पीपीएचटी के लिए 18 हजार छात्रों ने आवेदन किया है। राज्य के शिक्षण संंस्थानों में दाखिले के लिए व्यापमं की यह पहली प्रवेश परीक्षा थी, जिसे रद्द किया गया।मुख्यमंत्री ने खेद जताया : एग्जाम स्थगित होने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर माफी मांगी है। बघेल ने कहा है कि इससे बच्चों को होने वाली परेशानी का एहसास मुझे है। इसके लिए जवाब तलब किया गया है। सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसा न हो।
Source: Dainik Bhaskar May 01, 2019 21:11 UTC