एससी/एसटी कानून के प्रावधानों को हलका करने के अपने आदेश पर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है. पुनर्विचार याचिका पर फैसला देने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट SC/ST अत्याचार निवारण ( संशोधन ) कानून 2018 का परीक्षण करेगा. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 20 मार्च के आदेश को किया जाए लागू. संशोधित कानून में ये भी कहा गया है कि इस कानून के तहत अपराध करने वाले आरोपी को अग्रिम जमानत के प्रावधान (सीआरपीसी धारा 438) का लाभ नहीं मिलेगा. संशोधित कानून में साफ कहा गया है कि इस कानून के उल्लंघन पर कानून में दी गई प्रक्रिया का ही पालन होगा और अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी.
Source: NDTV May 01, 2019 22:30 UTC