लेखक के बारे में अनिल कुमार अनिल कुमार नवभारत टाइम्स डिजिटल में होम पेज टीम का हिस्सा हैं। अखबार के साथ ही डिजिटल मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। जनवरी, 2021 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। होम पेज पर भारत और दिल्ली सेक्शन के लिए पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरें और विश्लेषण लिखते हैं। हरियाणा में दैनिक भास्कर और चंडीगढ़ में दैनिक जागरण के लिए स्पोर्ट्स और एजुकेशन रिपोर्टिंग कर चुके हैं। राजस्थान पत्रिका, जयपुर और अमर उजाला, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें

February 20, 2026 20:11 UTC

कोविड की वजह से शादी में देरीसगाई के बाद राहुल और ईशानी सगाई के बाद ही शादी करने की तैयारी में थे। लेकिन कोविड की वजह से उन्हें इंतजार करना पड़ा और 2022 में शादी हुई।

February 20, 2026 20:06 UTC

Extreme heat is rapidly emerging as one of the world’s most lethal climate risks, with the evidence pointing to around 500,000 deaths annually. As cooling demand is projected to triple by 2050, the global development challenge is no longer just about expanding air conditioning, but about rethinking how buildings and cities stay cool. Excerpts:How is UNEP currently prioritising India and where do you see the biggest implementation gaps on the ground? We engage primarily at the national level, but increasingly also at state and city levels because climate impacts are felt locally. Awareness around extreme heat and cooling solutions is only now emerging globally, including in India.

February 20, 2026 20:05 UTC

लेखक के बारे में मनीष अग्रवाल मनीष अग्रवाल, नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 25 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता में हैं। वर्तमान में वह केंद्रीय गृह मंत्रालय, रेलवे, एविएशन मिनिस्ट्री के अलावा केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, पैरामिलिट्री फोर्स, सीबीआई, एनआईए और भारतीय चुनाव आयोग कवर कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने लंबे समय तक क्राइम, तिहाड़ जेल, कस्टम और बीजेपी बीट कवर की हैं। मनीष पिछले 22 सालों से NBT के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले वह अमर उजाला, फरीदाबाद में काम कर चुके हैं। उन्होंने रेलवे, एविएशन, सड़क, क्राइम और तिहाड़ जेल समेत कई बीट की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। उन्होंने क्राइम, तिहाड़ जेल, कस्टम और रेलवे पर कई विशेष सीरीज चलाने में भी अपनी विशेषज्ञता दिखाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश मेरठ की सीसीएस यूनिवर्सिटी से बीए और एलएलबी की है।... और पढ़ें

February 20, 2026 19:45 UTC

Though playing away from home, it was a comfortable win for FC Goa on Friday. With this the Goa outfit managed to secure their first victory of this season's Indian Super League against Mohammedan Sporting Club in Kolkata. FC Goa struck early, as Dražić’s out-swinging corner found Moreno unmarked inside the area. The defender powered a header past Subhajit Bhattacharjee, leaving the Mohammedan goalkeeper with no chance. The visitors dictated the tempo through their dominance in midfield, controlling possession, but Mohammedan remained a threat on the break, using swift counter-attacks to unsettle the Goa backline.

February 20, 2026 19:37 UTC





बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पिता और प्रसिद्ध पटकथा लेखक सलीम खान की तबीयत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सलीम खान की एक छोटी सर्जिकल प्रक्रिया की गई है। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और रिकवरी की प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।बुधवार को लीलावती अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जलील पार्कर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई है। यह एक विशेष प्रकार की जांच होती है, जिससे नसों में मौजूद ब्लॉकेज या असामान्यता को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया ब्रेन सर्जरी नहीं है।परिवार के सदस्य लगातार अस्पताल में मौजूद हैं। गुरुवार को सलमान खान, अरबाज खान, उनकी पत्नी शूरा, सलीम खान की पत्नी हेलन सहित अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। परिवार की मौजूदगी से यह साफ है कि वे डॉक्टरों से लगातार स्वास्थ्य अपडेट ले रहे हैं।सलीम खान का हालचाल जानने फिल्म इंडस्ट्री के कई करीबी भी लीलावती अस्पताल पहुंचे। गुरुवार को अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपनी मां के साथ अस्पताल में नजर आईं। वहीं अभिनेता आमिर खान भी अपनी पार्टनर गौरी के साथ सलीम खान का हाल जानने पहुंचे।डॉक्टरों के मुताबिक, सलीम खान को फिलहाल अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। आने वाले कुछ दिनों तक उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। यदि स्थिति में सुधार जारी रहा, तो वेंटिलेटर सपोर्ट हटाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, डिस्चार्ज को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।बॉलीवुड में सलीम खान के योगदान को देखते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों में चिंता बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं।----हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।👉 आज ही जुड़िए!

February 20, 2026 19:31 UTC

Hindi NewsInternationalShehbaz Sharif Donald Trump; Board Of Peace Summit Video | US Pakistanट्रम्प के एक इशारे पर पाकिस्तानी PM खड़े हुए, VIDEO: ग्रुप फोटो में भी सबसे पीछे दिखे, सोशल मीडिया पर शहबाज का मजाक उड़ावॉशिंगटन डीसी 5 घंटे पहलेकॉपी लिंकट्रम्प ने पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को खड़े होकर अपनी बात सुनने को कहा और शरीफ खड़े हो गए। यह घटना गुरुवार की है।पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, शहबाज बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसे लेकर उनका मजाक भी बन रहा है।गाजा को लेकर हुई पहली बैठक में शहबाज पीछे की कतार में और अलग-थलग नजर आए। एक पल तो ऐसा भी आया जब ट्रम्प ने भाषण देते हुए शहबाज को इशारा किया और वे तुरंत अपनी सीट से खड़े भी हो गए।ट्रम्प ने मंच से कहा- ‘पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था। आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।’ यह सुनते ही शरीफ तुरंत खड़े भी हो गए।इस दौरान शहबाज बेहद असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इसे ‘स्कूल असेंबली वाला मोमेंट’ कहा गया यानी जब टीचर खड़ा होने को कहे और छात्र तुरंत खड़ा हो जाए।एक और वायरल वीडियो में शहबाज, ट्रम्प को गले लगाने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं। इस घटना का VIDEOशहबाज के दौरे की ‘गड़बड़ी’ से शुरुआतअमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई थी। इसमें करीब 40 देशों के अधिकारी शामिल हुए थे। भारत भी इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ था।शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कई टाइपो थे, जैसे कि विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस रिलीज में ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया।सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और लोग सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठाने लगे। पिछले साल इजराइल के ईरान पर हमले की निंदा करते समय शरीफ ने आई कंडेम (I condemn) की जगह आई कंडोम ‘I condom’ लिख दिया था, जिसे तब काफी ट्रोल किया गया।सबसे पीछे नजर आए पाकिस्तानी PMवॉशिंगटन पहुंचने के बाद भी हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में शरीफ मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। ट्रम्प आगे की कतार में खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो थे। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे, जबकि शरीफ पीछे की ओर नजर आए।भाषण के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। शरीफ तुरंत खड़े हो गए, जिसका सोशल मीडिया पर मजाक बना और कुछ लोगों ने उन्हें ‘ट्रम्प का पपेट’ कहा। इसी दौरान ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महान व्यक्ति’ और ‘बहुत अच्छे दोस्त’ बताया, जिससे शरीफ और असहज दिखे।बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग गुरुवार को हुई, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दुनियाभर के नेता एक मंच पर नजर आए। शहबाज शरीफ पीछे की कतार में दाएं से तीसरे नंबर पर हैं।शहबाज ट्रम्प की चापलूसी करते दिखे अपने भाषण में शरीफ ने ट्रम्प को ‘मैन ऑफ पीस’ कहकर संबोधित किया और उन्होंने दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बता डाला। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट भी ट्रम्प को दे दिया। हालांकि इतनी तारीफ के बावजूद ट्रम्प को इससे खास फर्क नहीं पड़ा।शरीफ ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा- “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप सच में दक्षिण एशिया के मसीहा हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।"--------------------------------------पाकिस्तानी PM से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…रूसी मीडिया ने पाकिस्तानी PM से जुड़ा वीडियो डिलीट किया:40 मिनट तक इंतजार करते रहे शहबाज, फिर पुतिन की मीटिंग में जबरन घुसे थेपाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मीटिंग में जबरन घुसने वाला वीडियो रशिया टुडे (आरटी न्यूज) ने सोशल मीडिया से हटा दिया। इसमें दिख रहा है कि पाकिस्तानी पीएम जबरन पुतिन के मीटिंग हॉल में घुस जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें….

February 20, 2026 19:18 UTC

Hindi NewsNationalWest Bengal SIR Voter List Case; Mamata Banerjee EC Vs Supreme Court | Calcutta HCसुप्रीम कोर्ट बोला-बंगाल सरकार और EC में भरोसे की कमी: कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश- SIR के लिए न्यायिक अधिकारी तैनात करेंनई दिल्ली 15 घंटे पहलेकॉपी लिंकसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद पर ‘असाधारण’ निर्देश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल को इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए मौजूदा और पूर्व जिला जज को तैनात करने को कहा।कोर्ट ने कहा कि सरकार और आयोग के बीच विश्वास की कमी है। SIR ड्राफ्ट रोल से जुड़े दावे और आपत्तियों का निपटारा और निगरानी हाईकोर्ट की ओर से अपॉइंट अफसर और जज करेंगे।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के आदेश अदालत के आदेश माने जाएंगे। कलेक्टर और एसपी को इन आदेशों का पालन कराना होगा।साथ ही चुनाव आयोग को 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की परमिशन दी गई है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करने की भी छूट दी गई है।सुप्रीम कोर्ट के 4 निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों को SIR प्रक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं कराने पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की मदद के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर और राज्य सरकार के अधिकारी तैनात रहेंगे।कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को मुख्य सचिव, डीजीपी और चुनाव आयोग के अधिकारियों समेत सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाने का निर्देश।डीजीपी को SIR अधिकारियों को दी गई धमकियों पर क्या कदम उठाए गए, इस पर सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का आदेश।कोर्ट ने जो मामले अभी लंबित हैं, हाईकोर्ट प्रशासन उन्हें संभालने के लिए फिलहाल कोई अस्थायी व्यवस्था (अंतरिम व्यवस्था) बनाए।कोर्ट रूम LIVEराज्य सरकार: बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों की तैनाती नहीं की जाने पर वकील कपिल सिब्बल और मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि ग्रुप-B अधिकारी उपलब्ध करा दिए गए हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि एसडीएम राज्य में ग्रुप-A अधिकारी होते हैं। माइक्रो-ऑब्जर्वर को हटाने के लिए एसडीएम स्तर का अधिकारी जरूरी नहीं है।बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त ग्रेड-ए अधिकारियों की तैनाती नहीं की जाने पर वकील कपिल सिब्बल और मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि ग्रुप-B अधिकारी उपलब्ध करा दिए गए हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि एसडीएम राज्य में ग्रुप-A अधिकारी होते हैं। माइक्रो-ऑब्जर्वर को हटाने के लिए एसडीएम स्तर का अधिकारी जरूरी नहीं है। चुनाव आयोग: वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि एसडीएम रैंक के अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए गए। एसडीएम ऐसे अधिकारी होते हैं जो अर्ध-न्यायिक (कानूनी प्रभाव वाले) आदेश दे सकते हैं।वकील दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि एसडीएम रैंक के अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए गए। एसडीएम ऐसे अधिकारी होते हैं जो अर्ध-न्यायिक (कानूनी प्रभाव वाले) आदेश दे सकते हैं। ममता बनर्जी: वकील श्याम दीवान ने आरोप लगाया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर पर रोक लगने के बाद आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नाम की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप को गलत बताया है।वकील श्याम दीवान ने आरोप लगाया कि माइक्रो-ऑब्जर्वर पर रोक लगने के बाद आयोग ने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नाम की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप को गलत बताया है। सुप्रीम कोर्ट: राज्य सरकार से यदि सहयोग नहीं मिला तो वह न्यायिक अधिकारियों को तैनात करेगी या चुनाव आयोग को अन्य राज्यों से अधिकारी तैनात करने की अनुमति देगी।राज्य सरकार से यदि सहयोग नहीं मिला तो वह न्यायिक अधिकारियों को तैनात करेगी या चुनाव आयोग को अन्य राज्यों से अधिकारी तैनात करने की अनुमति देगी। राज्य सरकार : कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि 28 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी गई तो कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।: कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि 28 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी गई तो कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। चुनाव आयोग: सीनियर लीडर डीएस नायडू ने असहयोग और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि शरारती तत्वों ने दस्तावेज फाड़ दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।राजनीतिक कार्यकर्ता चुनाव अफसरों के खिलाफ बयान दे रहे हैं, लेकिन किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई।TMC सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ कीTMC ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोगों की बड़ी जीत बताया। TMC का कहना है कि इससे साबित होता है कि रिवीजन प्रक्रिया में गड़बड़ियां थीं और असली वोटरों के नाम हटाए जा रहे थे। वहीं भाजपा ने कन्फ्यूजन के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि राज्य प्रशासन प्रक्रिया में रुकावट डाल रहा है, जबकि चुनाव आयोग निष्पक्ष संशोधन चाहता है। BJP का दावा है कि SIR नकली वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है, जबकि TMC इसे असली वोटरों को टारगेट करने की कोशिश बता रही है।साउथ 24 परगना में CEC के खिलाफ 7 शिकायत दर्जबंगाल के साउथ 24 परगना जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान लोगों को परेशान करने के आरोप में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के खिलाफ जिबनताला पुलिस स्टेशन में सात शिकायतें दर्ज हुईं। ये शिकायतें TMC विधायक सौकत मोल्ला के साथ कुछ लोगों ने कीं।पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायतों की जांच की जाएगी। विधायक का कहना है कि उनके क्षेत्र में बड़ी संख्या में नाम वोटर लिस्ट से हटाने की सिफारिश की गई है।विधायक ने आरोप लगाया कि करीब 33 हजार नाम हटाने की कोशिश की गई, जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के हैं, और इसे असली वोटरों को रोकने की साजिश बताया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भी गं

February 20, 2026 19:18 UTC

President Donald Trump vowed on Friday (February 20, 2026) to impose a 10% tariff on all imports into the United States after the Supreme Court handed him a stinging rebuke by striking down his signature economic policy. “I’m ashamed of certain members of the court, absolutely ashamed, for not having the courage to do what’s right for our country,” Mr. Trump told reporters. Mr. Trump said he would use a separate authority to impose a uniform tariff of 10% — after he spent the past year imposing various rates spontaneously to cajole and punish other countries. Mr. Trump heaped praise on Brett Kavanaugh, the only justice he nominated who voted with him. Constrained ambitionThe European Union said it was studying the court ruling and will remain in close contact with the Trump administration.

February 20, 2026 19:09 UTC

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। Rapid Rail दिल्ली से मेरठ (मोदीपुरम) की 82 किलोमीटर की दूरी अब महज 55 मिनट में रैपिड रेल (नमो भारत, Namo Bharat Train) के जरिए पूरी कर सकेंगे।नमो भारत ट्रेन का दिल्ली के सराय काले खां तक का हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है। अभी तक रैपिड रेल दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ तक चल रही है।सराय काले खां स्टेशन दिल्ली। जागरणवहीं, शुक्रवार को रैपिड रेल ट्रायल रन के तहत दोपहर 12 बजे सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल के लिए रवाना हुई।बताया कि बिना रुके यह सफर 39 मिनट में तय हुआ। इस बीच अधिकतम रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे भी दर्ज की।दिल्ली में सराय काले खां स्टेशन सबसे बड़े मल्टी मॉडल हब के रूप में तैयार किया गया है। यहां नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित दिल्ली-करनाल व दिल्ली-अलवर रूट भी मिलेंगे। इसे रेलवे और डीएमआरसी से भी जोड़ा गया है।नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के द्वारा संचालित नमो भारत (रैपिड रेल) का दिल्ली तक का खंड बनकर तैयार हो गया है, जिसका उद्घाटन 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।बेगमपुल नमो भारत स्टेशन। जागरणइसके बाद दिल्ली के सराय काले खां से उत्तर प्रदेश के मेरठ तक लोग इस नमो भारत ट्रेन के जरिए अपनी यात्रा कर सकेंगे।सराय काले खां स्टेशन की प्रमुख विशेषताएंसराय काले खां स्टेशन सबसे बड़े मल्टी मॉडल हब के रूप में तैयार किया गया है। यहां दिल्ली-मेरठ के साथ ही नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित दिल्ली-करनाल व दिल्ली-अलवर रूट भी मिलेंगे। इसे रेलवे और डीएमआरसी से भी जोड़ा गया है।सराय काले खां स्टेशन में पांच प्रवेश-निकास द्वार, 14 लिफ्ट, 18 एस्केलेटर और कई सीढ़ियां हैं। स्टेशन में सभी लिफ्ट और एस्केलेटर, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर्स (पीएसडी) लगाए जा चुके हैं।यहां हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को भी जोड़ा गया है।स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 280 मीटर लंबा फुटओवर ब्रिज बनाया गया है। इसमें छह ट्रैवलेटर लगे हैं।एक नजर में दिल्ली - मेरठ कॉरिडोर

February 20, 2026 19:00 UTC

By curbing the executive’s ability to impose wide-ranging tariffs without congressional approval, the decision reduces the likelihood of sudden policy shocks that can roil markets. Analysts said the judgment brings greater predictability to US trade policy, an important consideration for investors already navigating uncertainty around interest rates, growth and geopolitics. The dollar was mixed, as traders weighed improved trade prospects against shifting expectations for US economic policy. Investors expect the decision to reduce the risk of retaliatory tariffs and trade disputes that had previously clouded the outlook for global growth. Wall Street’s rise underscored how closely markets had tied Trump’s tariff regime to economic risk.

February 20, 2026 18:53 UTC

The essence, its worldviewLong dismissed as preoccupied, politically disengaged, and lost in the virtual world, Gen Z defied expectations by expressing anguish in such an ‘organised way’. A comparison of protestsThe difference becomes clear when one compares the farmers’ movement (2020-24) with the Gen Z protests. In comparison, Gen Z protests fizzle out and disappear without a trace but nevertheless leave a great impact behind. The precarity of Gen Z gets reflected in its fragmented and fleeting involvement with democratic events and issues. Gen Z will continue to disappoint us with responses we expect, yet surprise us with responses we have not yet thought about.

February 20, 2026 18:51 UTC

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनावों से पहले सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में शुक्रवार को ट्रंप के बड़े पैमाने पर लगाए टैरिफ को खारिज कर दिया, जिन्हें उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल में इस्तेमाल के लिए बने कानून के तहत लागू किया था। शीर्ष अदालत ने इस फैसले में इस संबंध में राष्ट्रपति के पास अधिकार होने के दावे को खारिज कर दिया है। अब यह फैसला भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।अचानक टैरिफ झटके का खतरा कम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने राष्ट्रपति को IEEPA कानून के तहत आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग करके मनमाने टैरिफ लगाने पर रोक लगा दी है। इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिली है। इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स, केमिकल्स, टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी जैसे सेक्टर अचानक लगने वाले डिस्क्रिशनरी टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। अब अस्थिरता का जोखिम काफी हद तक घट जाएगा।भारत के लिए बेहतर मौका इस फैसले ने अमेरिकी टैरिफ नीति को कांग्रेस की निगरानी वाले कानूनी ढांचे में लौटा दिया है। अब औपचारिक जांच, प्रक्रियागत सुरक्षा और समयबद्ध चर्चा अनिवार्य हो गई है। भारत के लिए इसका मतलब है ज्यादा संरचित वार्ता, साफ समयसीमा और उत्पाद-विशेष राहत की मांग करने का बेहतर मौका। व्हाइट हाउस की एकतरफा घोषणाओं के बजाय अब भारत सक्रिय बातचीत कर सकेगा.

February 20, 2026 18:47 UTC

'India's Tech Talent Deep Enough To Rival Challengers': Behind India's 'Strategic' Pax Silica EntryIn December 2025, a bunch of countries with the U.S. at the helm formed an alliance to ensure that we never see a 2020-like tech disruption again. Now, especially at a time when AI is essentially going to determine which country marches forth in the next few years, depending on just one nation for securing critical minerals is dicey. That's where Pax Silica comes in - and India's entry into this sphere is not just strategic, it's essential.

February 20, 2026 18:42 UTC

मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। भारत मंडपम में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया विरोध-प्रदर्शन रणनीति के तहत अंजाम दिया गया था। जैसे-जैसे पुलिस मामले में जांच कर रही है, इसके पीछे की सुनियोजित साजिश की परतें एक-एक कर सामने आ रही हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपितों की योजना एआई समिट में काले रंग के छातों पर प्रिंटेड स्टिकर चिपकाकर अंदर ही अंदर विरोध-प्रदर्शन करने की थी।अचानक बदल दी रणनीति जांच में पता चला है कि इसके लिए विशेष रूप से स्टिकर तैयार कराए गए थे, लेकिन भारत मंडपम के हाई-सिक्योरिटी जोन में कड़ी जांच और तलाशी को देखते हुए पकड़े जाने की आशंका के चलते आरोपितों ने अपनी रणनीति बदलते हुए टी-शर्ट पर स्लोगन छपवाकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया।अलग-अलग जगहों से कराई प्रिंटिंग जांच में सामने आया है कि स्टिकर और टी-शर्ट अलग-अलग स्थानों से प्रिंट कराई गई थीं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री कहां-कहां तैयार कराई गई और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही।जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम को बड़े षड्यंत्र के एंगल से भी खंगाल रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इतने हाई-सिक्योरिटी जोन में बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ पहुंचना और सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन करना किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।नेटवर्क की हर कड़ी की तलाश पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इसके पीछे किसी बड़े संगठन, राजनीतिक रणनीति या बाहरी प्रभाव की भूमिका तो नहीं है। इसके तहत आरोपितों के मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और काल डिटेल रिकार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है। साेशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किए गए वीडियो, तस्वीरें और संदेशों की फाेरेंसिक जांच कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।भारत मंडपम में बढ़ाई सुरक्षा भारत मंडपम परिसर में घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है। अब सघन तलाशी और पहचान सत्यापन के बिना प्रवेश नहीं मिलेगा। आयोजकों ने भी सुरक्षा प्रोटोकाल की समीक्षा शुरू कर दी है।

February 20, 2026 18:37 UTC