डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में टैरिफ को केंद्र में बना रखा है और दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौते में इसका जमकर इस्तेमाल किया है। अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके टैरिफ को अवैध करार दिया है।ट्रंप पर भारी पड़ सकता है फैसला यह फैसला उन पर भारी पड़ सकता है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि देश में इसी वर्ष मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं। ट्रंप इस वर्ष देश में होने वाले मध्याविध चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने आर्थिक प्रस्तावों में टैरिफ को आधार बनाया है। उन्होंने वादा किया है कि विदेश से फैक्टि्रयां यहां स्थानांतरित होंगी और अपने साथ नौकरियां भी लाएंगी।