विश्व कप 2019 में भारतीय टीम ने लगातार दूसरी जीत हासिल की। केनिंग्टन ओवल में विराट कोहली की टीम ने गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हरा दिया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शिखर धवन (117) और विराट कोहली (82) के दम पर 5 विकेट पर 352 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 50वें ओवर में 316 रनों पर आउट हो गई। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने तीन-तीन विकेट लिए।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप मुकाबले में भारतीय फैंस के रंग कुछ यूं नजर आएरविवार को टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप के अपने दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से मात देकर लगातार अपनी दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत के बाद कप्तान विराट कोहली ने बताया कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले अपनी आखिरी वनडे सीरीज में कंगारुओं से मिली हार टीम के दिमाग मे थी और हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खुद को साबित करना चाहते थे। इसी को ध्यान में रखकर मैच की पहली बॉल से ही हम मजबूत इरादे लेकर उतरे थे।इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया और शिखर धवन (117) के शतक के साथ-साथ रोहित शर्मा (57) और विराट कोहली (82) की अर्धशतकों की बदौलत कंगारू टीम के खिलाफ 352 रन का स्कोर खड़ा किया। इस जीत पर खुशी जताते हुए कप्तान विराट कोहली ने कहा, 'भारत में वह सीरीज हारने के बाद यह जीत शानदार है। हमें इस टीम के खिलाफ खुद को साबित करना था। हम यहां मैच की पहली गेंद से ही मजबूत इरादों के साथ उतरे थे। हमारे ओपनिंग साझेदारी बेहतरीन रही। मैंने भी यहां कुछ रन किए और हार्दिक और एमएस (धोनी) जिस अंदाज में खेले वह सब शानदार था।'इसके बाद विराट कोहली ने अपने गेंदबाजों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'इस तरह की सपाट पिच पर हमारे बोलरों ने शानदार बोलिंग की। जब टीम ऐसी बोलिंग करे तो बतौर कप्तान आपके लिए बहुत राहत होती है। आप चीजों को सिर्फ इसलिए हल्के में नहीं ले सकते कि आपके पास स्कोरबोर्ड 350+ रन हैं। वे 30 रन आपको बहुत राहत देते हैं।'टीम की बैटिंग की तारीफ करते उन्होंने कहा, 'टॉस 3 में किसी एक का शतक बनाना खास है और जब हम अच्छी स्थिति में पहुंच गए तो हमने हार्दिक को नंबर 4 पर बैटिंग कराने का फैसला किया। वह ही ऐसे हैं, जो पहली बॉल से गेंद को हिट कर सकते हैं।'विराट कोहली ने खासतौर से तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'वनडे फॉर्मेट में भुवी के प्रदर्शन को आप हल्के में नहीं आंक सकते। हम इस फॉर्मेट के चैंपियन बोलर हैं, जो नए बॉल से भी और पुराने बॉल से भी विकेट निकालने में माहिर हैं। वह मैच का रुख बदलने वाला ओवर (भुवी का वह ओवर, जिसमें स्मिथ और स्टोइनिस के विकेट गिरे) था। ये खिलाड़ी अनुभवी होने के साथ-साथ प्रफेशनल भी हैं आपको मुश्किल से ही इन्हें कुछ बताने की जरूरत होती है। वे जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। उनकी योजनाओं को सही ढंग से काम कर रही हैं, जिससे टीम को फायदा मिल रहा है।'
Source: Navbharat Times June 10, 2019 05:14 UTC