atheist man from haryana: हरियाणा: पहले 'नो रिलिजन, नो कास्ट, नो गॉड' सर्टिफिकेट दिया, एथीस्ट से फिर वापस लेने की तैयारी - haryana fatehabad district administration plans to take back no caste no god - News Summed Up

atheist man from haryana: हरियाणा: पहले 'नो रिलिजन, नो कास्ट, नो गॉड' सर्टिफिकेट दिया, एथीस्ट से फिर वापस लेने की तैयारी - haryana fatehabad district administration plans to take back no caste no god


हरियाणा के एक शख्स ने एक साल तक चली लड़ाई के बाद आखिरकार धर्म और जाति छोड़ने का सर्टिफिकेट हासिल कर लिया। प्रशासन ने उन्हें 'नो कास्ट, नो गॉड, नो रिलिजन' सर्टिफिकेट तो दिया लेकिन कुछ दिन बाद ही यू-टर्न ले लिया है। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने अपने अधिकार-क्षेत्र से बाहर निकलकर फैसला ले लिया था, इसलिए सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाएगा।फतेहाबाद के टोहाना निवासी रवि कुमार अपने नाम के आगे ' नास्तिक ' लिखते हैं। उन्हें कुछ दिन पहले ही सर्टिफिकेट मिला था जिसे अब वह किसी भी हालत में छोड़ना नहीं चाहते। अगर कोई उस सर्टिफिकेट को अवैध करार देने की कोशिश करेगा तो वह एक बार फिर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है, 'अब यही मेरी पहचान है। मैं इस लड़ाई को आखिर तक लड़ने के लिए तैयार हूं।'रवि कुमार के मन से भगवान पर विश्वास उस वक्त उठ गया था जब वह बहुत छोटे थे। कुछ लड़के उन्हें पीट रहे थे और वह भगवान से उन्हें बचाने की प्रार्थना किए जा रहे थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वह पिटते रहे। उस वक्त उनके मन में जो अविश्वास बैठा, वह फिर कभी नहीं निकला।उन्होंने अपने शरीर पर 'एथीस्ट' (नास्तिक) लिखा रखा था। बाद में उन्होंने फैसला किया कि वह आधिकारिक तौर पर खुद को नास्तिक घोषित करेंगे। उन्होंने 2018 में फतेहाबाद कोर्ट में एक सिविल सूट में याचिका दाखिल कर हरियाणा के शिक्षा विभाग को यह निर्देश देने की मांग की है कि अकादमिक दस्तावेजों में उनका नाम रवि कुमार एथीस्ट कर दिया जाए। कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला भी दे दिया।आखिरकार 29 अप्रैल को उन्हें फतेहाबाद जिला प्रशासन ने 'नो कास्ट, नो रिलिजन, नो गॉड' सर्टिफिकेट दे दिया। हालांकि, शनिवार को प्रशासन ने ऐलान किया है कि सर्टिफिकेट वापस ले लिया जाएगा। डेप्युटी कमिश्नर धीरेंद्र खडगटा ने बताया है कि अधिकारियों ने कोर्ट के निर्देशों को सही से समझा नहीं था। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने रवि के नाम के आगे 'अथीस्ट' लगाने की इजाजत देने का आदेश दिया था जबकि अधिकारियों ने उन्हें अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर जाकर सर्टिफिकेट दे दिया, इसलिए उसे वापस ले लिया जाएगा।हालांकि, रवि ने दावा किया है कि स्थानीय तहसीलदार ने जब उन्हें लौटा दिया तो वह फतेहाबाद डेप्युटी कमिश्नर के पास पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कमिश्नर ने उनका बैकग्राउंड चेक कराया, दस्तावेजों का सत्यापन कराया और तहसीलदार से उन्हें सर्टिफिकेट देने के लिए कहा। उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है। उनका कहना है कि प्रशासन के नोटिस देने पर उन्हें जवाब दिया जाएगा।


Source: Navbharat Times May 05, 2019 03:23 UTC



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