भास्कर न्यूज, पुणे। आगामी महापालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में पुणे शहर से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। चुनाव लड़ने के लिए अपने ऊपर दर्ज मामलों की जानकारी लेने के लिए पुलिस की विशेष शाखा के पास कुल 2650 लोगों ने आवेदन किए थे। जांच के बाद पता चला कि इनमें से 1 हजार 500 आवेदकों पर किसी न किसी तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से करीब 60 उम्मीदवारों पर हत्या, जानलेवा हमला, धमकी, वसूली जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस की ऐसे उम्मीदवारों पर कड़ी नजर है, जिनकी अपराधिक पृष्ठभूमि है। जिन उम्मीदवारों पर गंभीर अपराध दर्ज हैं, वे चाहे चुनाव लड़ रहे हों या बाद में नाम वापस ले चुके हों, ऐसे सभी लोगों पर पुलिस कड़ी नजर रख रही है। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए पुलिस ने यह विशेष सावधानी बरती है। शहर में कई नामी अपराधी या उनके परिवार के सदस्य चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। इन उम्मीदवारों की गतिविधियों, प्रचार के तरीके, लोगों से संपर्क और भीड़ जुटाने के प्रयासों पर पुलिस खास नजर रख रही है। समाज में शांति बनी रहे और किसी तरह का डर का माहौल न बने, इसके लिए पुलिस द्वारा रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है।गजा मारणे के फोन कॉल पर पुलिस की नजरइस बीच कुख्यात अपराधी गजा मारणे अपनी पत्नी की जीत के लिए सक्रिय हो गया है। शहर में उसके प्रवेश पर रोक होने के कारण वह शहर से सटे गांवों से कोथरूड इलाके के मतदाताओं को फोन कर प्रचार कर रहा है। इस संबंध में पुणे पुलिस के पास शिकायतें आई हैं और अब वह पुलिस के रडार पर आ गया है। पुलिस इस मामले पर खास नजर रखे हुए है। अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के परिवार को टिकट दिए जाने को लेकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पहले से ही आलोचना हो रही है। अब गजा मारणे के खुद प्रचार में उतरने से यह विवाद और गहराने की संभावना है। मकोका कानून के तहत कार्रवाई झेल चुके गजा मारणे को हाल ही में कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दी है। इन शर्तों के अनुसार चुनाव के दौरान उसे पुणे शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद वह शहर की सीमा के बाहर से फोन कर प्रचार करता पाया गया है।मतदाताओं पर दबाव डाला जा रहा है या नहीं, इस पर भी नजरकोथरूड इलाके के कई मतदाताओं को गजा मारणे के फोन आ रहे हैं, जिनमें उनसे उसकी पत्नी की मदद करने की अपील की जा रही है। इन फोन कॉल्स से मतदाताओं पर दबाव डाले जाने की शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं। चुनाव आचार संहिता और कानून व्यवस्था का उल्लंघन न हो, इसके लिए पुणे पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कॉल की जानकारी, संपर्क और गतिविधियों की जांच की जा रही है और जरूरी रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है।पुलिस कमिश्नर, अमितेश कुमार ने बताया कि पुणे शहर के चुनाव पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव न पड़े, इसके लिए हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। गजानन मारणे कुछ लोगों से चुनाव के संबंध में संपर्क कर रहा है। इसी कारण पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है।संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गश्तपुणे के कुख्यात अपराधी बंडू उर्फ सूर्यकांत आंदेकर, लक्ष्मी आंदेकर, सोनाली आंदेकर, बापू नायर और गजानन मारणे के रिश्तेदार या वे खुद चुनाव लड़ रहे हैं। अन्य आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग और उनके परिवार के सदस्य भी चुनाव मैदान में उतरने से राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा शुरू हो गई है। इसी कारण पुलिस और ज्यादा सतर्क हो गई है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। चुनाव के दौरान डर, दबाव, बल प्रयोग या पैसों के लालच की शिकायतें न आएं, इसके लिए विशेष शाखा, स्थानीय पुलिस थाने, गुप्तचर विभाग और अपराध शाखा मिलकर काम कर रहे हैं।
Source: Dainik Bhaskar January 09, 2026 14:54 UTC