PMC Bank Crisis: जानें, बैंक के डूबने पर आपकी जमा रकम मिलेगी या नहीं - know how safe is your money in bank - News Summed Up

PMC Bank Crisis: जानें, बैंक के डूबने पर आपकी जमा रकम मिलेगी या नहीं - know how safe is your money in bank


हाइलाइट्स आए दिन बैंकों को भारी नुकसान होने या घोटाले होने की आ रही हैं खबरेंहाल में पीएमसी बैंक का एनपीए बढ़ने पर आरबीआई ने उसपर कई पाबंदियां लगाईंआरबीआई ने लोगों को महज 10 हजार की रकम निकालने की ही दी है मंजूरीऐसे में सवाल यह उठता है कि बैंक में जमा आपकी मेहनत की कमाई कितनी सेफपोस्ट ऑफिस की इन स्कीम्स में बैंक से बेहतर रिटर्न पोस्ट ऑफिस निवेशकों को कई तरह के डिपॉजिट ऑफर करता है, जिन्हें स्मॉल सेविंग स्कीम्स के नाम से जाना जाता है। इन स्कीम्स के इंट्रेस्ट रेट की सरकार हर तीन महीने पर समीक्षा करती है और उन्हें नए सिरे से तय करती है। पोस्ट ऑफिस की ऐसी ही कुछ स्कीम्स और उन पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट से हम आपको रूबरू करा रहे हैं।नियमित इंट्रेस्ट इनकम के लिए 60 साल या उससे अधिक आयु के लोग इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। फिलहाल इसपर 8.60% का ब्याज मिल रहा है।विभिन्न स्कीम्स में मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट्सकेंद्र सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत लॉन्च की गई यह स्कीम गर्ल चाइल्ड के लिहाज से बेहतरीन विकल्प है। यदि आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है, तो आप अपनी बेटी के लिए यह खाता खोल सकते हैं। इसपर अभी 8.40% का ब्याज मिल रहा है।पीपीएफ में भी निवेश की गई रकम, इंट्रेस्ट से हुई आय और मैच्योरिटी का अमाउंट तीनों टैक्स फ्री हैं। अभी इसपर 7.90% का इंट्रेस्ट मिल रहा है।एनएससी में पांच साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इसमें इंट्रेस्ट का भुगतान नहीं किया जाता, बल्कि उसे फिर से निवेश कर दिया जाता है। इसपर 7.90% का ब्याज मिल रहा है।पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉजिट भी किया जाता है, जैसा बैंक में एफडी होता है। यह एक, दो, तीन और पांच वर्षों के लिए होता है। इसपर 6.9%-7.7% के बीच इंट्रेस्ट मिल रहा है।पीओएमआईएस में निवेशकों को मासिक आधार पर इंट्रेस्ट भुगतान की सुविधा मिलती है। यह पांच साल की अवधि के लिए होता है। इंट्रेस्ट की रकम हर महीने उसी पोस्ट ऑफिस में निवेशक के सेविंग अकाउंट में ऑटो क्रेडिट हो जाती है। इस पर 7.60% का ब्याज मिल रहा है।अगर आप अपने निवेश को दोगुना करना चाहते हैं, तो आपको केवीपी में निवेश करना चाहिए। अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की तरह ही इसमें भी इंट्रेस्ट रेट की समीक्षा हर तीन महीने पर की जाती है और रकम दोगुना होना इंट्रेस्ट रेट पर निर्भर करता है। फिलहाल इसपर 7.60% का ब्याज मिल रहा है।नियमित अंतराल पर छोटी तयशुदा रकम के निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस में पांच साल के लिए आरडी अकाउंट खोला जा सकता है। कोई व्यक्ति कितना अकाउंट खोलता है, इसकी कोई लिमिट नहीं है। इसपर 7.20% का ब्याज मिल रहा है।बैंक के सेविंग्स अकाउंट की तरह ही पोस्ट ऑफिस में भी सेविंग अकाउंट खोला जा सकता है। न्यूनतम 20 रुपये से यह अकाउंट खोला जा सकता है, जबकि अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। इसपर 4% का इंट्रेस्ट मिल रहा है।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से पंजाब और महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (PMC) बैंक के कामकाज पर बैन लगा दिया गया है। यह बैन बैंक की वित्तीय अनियमितताओं के कारण लगाया गया है। बैन के बाद इस बैंक के ग्राहक छह महीने में अपने अकाउंट से 10 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल सकते। PMC के ग्राहक बैंक में जमा अपने पैसे को असुरक्षित समझने लगे हैं। जाहिर है, हमें भी इससे सबक लेने की जरूरत है। ऐसे में जानें, कितना पैसा आपको वापस मिल सकता है या नहीं...बैंक चाहे सरकारी हों या प्राइवेट, विदेशी हो या को-ऑपरेटिव, इनमें जमा पैसाें पर सिक्यॉरिटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी काॅर्पोरेशन (DICGC) की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए बैंक प्रीमियम भरते हैं। आपके बैंक अकाउंट में कितनी भी रकम जमा हो, गारंटी सिर्फ 1 लाख रुपये तक की होती है। इसमें मूलधन और ब्याज, दोनों शामिल हैं।यही नहीं, अगर आपके किसी एक बैंक में एक से अधिक अकाउंट और FD आदि हैं तो भी बैंक के डिफॉल्टर होने या डूब जाने के बाद आपको एक लाख रुपये ही मिलने की गारंटी है। यह रकम किस तरह मिलेगी, यह गाइडलाइंस DICGC तय करता है। वहीं ये 1 लाख रुपये कितने दिनों में मिलेंगे, इसे लेकर कोई समय-सीमा नहीं है। बैन हटने पर स्थिति पहले की तरह सामान्य हो जाती है।को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से अधिक ब्याज मिलने की वजह से लोग अधिक आकर्षित होते हैं। को-ऑपरेटिव बैंक सेविंग्स, एफडी जैसी योजनाओं पर अन्य बैंकों की अपेक्षा ज्यादा ब्याज देते हैं। समझदारी इसमें है कि को-ऑपरेटिव बैंक में जाकर आप पूछ सकते हैं कि आखिर को-ऑपरेटिव बैंक दूसरे बैंकों की अपेक्षा ज्यादा ब्याज क्यों दे रहा है/को-ऑपरेटिव बैंक की वेबसाइट भी चेक करें। कुछ भी शंका वाली बात नजर आए तो वहां से कमाई निकाल लें।को-ऑपरेटिव बैंक जहां पैसा इन्वेस्ट कर रहा है, उन कंपनियों की भी पड़ताल कर लें कि मार्केट में उनकी क्या स्थिति है। वे लाभ में चल रही हैं या घाटे में। बेहतर होगा कि सरकार बैंकों में अपना पैसा जमा करें। हो सकता है कि सरकारी बैंक से आपको ब्याज दर कुछ कम मिले, लेकिन को-ऑपरेटिव बैंकों के मुकाबले वहां पैसा सुरक्षित रहने के बहुत अधिक चांस होते हैं।जीवन में थोड़ा-सा रिस्क उठाएं। आपने बैंक एफडी में या किसी दूसरी जगह जो निवेश कर रखा है, उसे SIP के जरिए इक्विटी शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड आदि में लगाएं। हो सकता है कि पैसे कुछ समय के लिए फंस जाएं, लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए यह निवेश एफडी या अन्य निवेशों के मुकाबले फायदे का सौदा भी साबित हो सकता है।अपनी पूरी बचत कभी भी एक ही बैंक या उसकी अलग-अलग ब्रांचों में न रखें। बैंक डूबने की स्थिति में एक बैंक के सभी अकाउंट को एक ही अकाउंट माना जाता है। ऐसे में बेहतर होगा कि सेविंग्स या करंट अकाउंट, एफडी या दूसरी बचत अलग-अलग बैंकों के अकाउंट में रखें।अगर आपका किसी बैंक में अपने नाम से व्यक्तिगत खाता और किसी दूसरे व्यक्ति के साथ उसी में जॉइंट अकाउंट भी है, तब भी बैंक के डूबने की स्थिति में आपको दो लाख ही मिल जाएंगे। हालांकि, इसके लिए भी जरूरी है कि


Source: Navbharat Times September 29, 2019 03:48 UTC



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