Department of Animal Husbandry: यूपी: सीएम योगी की बड़ी कार्रवाई, पशुपालन भर्ती घोटाले में 6 अफसर सस्पेंड - up: cm yogi suspended 6 officers in recruitment scam of department of animal husbandry - News Summed Up

Department of Animal Husbandry: यूपी: सीएम योगी की बड़ी कार्रवाई, पशुपालन भर्ती घोटाले में 6 अफसर सस्पेंड - up: cm yogi suspended 6 officers in recruitment scam of department of animal husbandry


UP CM Yogi Adityanath: Will not let anyone play with law. Have made it clear to the heads of all the Commissions th… https://t.co/DupXGfsWg7 — ANI UP (@ANINewsUP) 1559476271000उत्तर प्रदेश में एसपी सरकार के कार्यकाल के दौरान पशुपालन विभाग में हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए पशुपालन विभाग के अपर निदेशक सहित छह अफसरों को रविवार को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी को भी कानून और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।प्रमुख सचिव (पशुधन) सुधीर एम. बोबड़े ने रविवार को बताया कि इस मामले में पशु पालन विभाग के निदेशक चरण सिंह यादव के साथ अपर निदेशक अशोक कुमार सिंह, बस्ती के अपर निदेशक जी.सी. द्विवेदी, लखनऊ मंडल के अपर निदेशक डॉक्टर हरिपाल, बरेली मंडल के अपर निदेशक ए.पी. सिंह और अयोध्या के अपर निदेशक अनूप श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। बोबड़े ने बताया कि एसआईटी टीम ने प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है, जिस पर कार्रवाई की गई है।कार्रवाई के बाद सीएम योगी ने कहा, 'किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। सभी आयोगों के प्रमुखों को साफ कह दिया गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता रखी जाए।' योगी ने प्रदेश के युवाओं को भी भरोसा दिलाया कि जो लोग उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।आपको बता दें कि 2012-13 में पशुधन अधिकारियों की भर्ती में हुए घोटाले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर एसआईटी ने भर्ती में घोटाले का पर्दाफाश किया है। जांच में पाया गया कि भर्ती में मनमाने तरीके से मानकों को दरकिनार किया गया। प्रदेश भर में 1148 पशुधन प्रसार अधिकारियों की हुई भर्ती में अफसरों ने लिखित परीक्षा 100 की जगह 80 अंकों की करवाई और 20 अंकों का साक्षात्कार रख दिया। इसके सहारे मनपसंद अभ्यर्थियों को चुना गया। योगी सरकार ने 28 दिसंबर, 2017 को मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई की है।


Source: Navbharat Times June 02, 2019 12:25 UTC



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