Delhi Property Circle rate: एक सरकारी फैसला और दिल्ली में फ्लैट खरीदारों का लगने वाला है तांता, जानिए नोएडा-गुरुग्राम पर असर! - News Summed Up

Delhi Property Circle rate: एक सरकारी फैसला और दिल्ली में फ्लैट खरीदारों का लगने वाला है तांता, जानिए नोएडा-गुरुग्राम पर असर!


बायर्स कर सकते हैं दिल्ली का रुख दिल्ली के सर्कल रेट कम होने से गाजियाबाद की कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर भी असर दिखेगा। कुछ बायर्स दिल्ली की तरफ मूव कर सकते हैं। जबकि रियल एस्टेट संस्था क्रेडाई के पदाधिकारियों का कहना है कि गाजियाबाद की प्रॉपर्टी पर बहुत अधिक असर नहीं पड़ेगा। हां, इतना जरूर है कि दिल्ली के जो बायर्स गाजियाबाद की तरफ आते हैं, उनका आना जरूर कम हो सकता है। लेकिन गाजियाबाद का बायर्स दिल्ली की तरफ नहीं जाएगा, क्योंकि दिल्ली की प्रॉपर्टी की कीमत काफी ज्यादा है। उतना ही एरिया गाजियाबाद में कम कीमत में मिल जाएगा। क्रेडाई गाजियाबाद के प्रेजिडेंट गौरव गुप्ता ने बताया कि सर्कल रेट कम किए जाने के लिए तीन बार शासन को ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन अभी प्रदेश सरकार की तरफ से सर्कल रेट कम नहीं किया गया है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि अभी सर्कल रेट कम किया जाता है तो बायर्स के पास प्रॉपर्टी खरीदने का मौका बढ़ जाएगा। साथ ही, जो प्रॉपर्टी रेडी टु मूव है वह जल्द से जल्द बिक जाएगी। सरकार के पास राजस्व भी काफी अधिक पहुंच जाएगा। रियल एस्टेट एक्सपर्ट अमित रहेजा का मानना है कि दिल्ली में सर्कल रेट कम होने से दिल्ली से आने वाले बायर्स गाजियाबाद की तरफ आने कम हो जाएंगे। लेकिन एनसीआर के बाकी शहरों में कम कीमत में ज्यादा सुविधाजनक फ्लैट मिल जाते हैं। इसीलिए इसका बहुत अधिक फर्क प्रॉपर्टी पर देखने को नहीं मिलेगा। यदि यूपी में सर्कल रेट कम होता है तो कोविड की वजह से डाउन चल रहा प्रॉपर्टी मार्केट एक बार फिर बूम कर जाएगा।फरीदाबाद पर पड़ सकता है नेगेटिव असर जानकारों का कहना है कि फरीदाबाद के प्रॉपर्टी मार्केट पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बायर्स दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना अधिक पसंद करेंगे। फरीदाबाद का प्रॉपर्टी बाजार वैसे भी काफी समय से सुस्त रफ्तार से चल रहा है। तमाम विकल्प होने के बावजूद प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले कम हैं। कोरोना से राहत के बाद कारोबार में कुछ तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन दिल्ली में सर्कल रेट में कटौती के फैसले से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों की चिताएं फिर से बढ़ा दी हैं। फरीदाबाद में सर्कल रेट में कोई कमी नहीं हुई है। बल्कि कुछ कॉलोनियों व गांवों के सर्कल रेट में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। अप्रैल से नए सर्कल रेट लागू हो जाएंगे। फरीदाबाद एस्टेट एजेंट्स वेलफेयर असोसिएशन के महासचिव गुरमती सिंह के अनुसार, दिल्ली में सर्कल रेट कम से बायर्स की पहली पसंद वहां की प्रॉपर्टी हो जाएगी। इससे फरीदाबाद में प्रॉपर्टी कारोबार की रफ्तार और धीमी हो जाएगी। हमने फरीदाबाद में भी सर्कल रेट पर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थी, लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी।'हरियाणा सरकार को भी करना चाहिए विचार' गुड़गांव के रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि यहां के रियल एस्टेट कारोबार पर प्रभाव नहीं दिखेगा। हरियाणा सरकार को भी सर्कल रेट कम करने पर विचार करना चाहिए। रियल एस्टेट गुरु प्रदीप मिश्रा का कहना है कि जहां सर्कल रेट ज्यादा है और मार्केट रेट डाउन होता है, वहां पर ट्रांजेक्शन रुक जाती है। स्टांप ड्यूटी डाउन होने का लाभ यह होगा कि बिलो सर्कल रेट जो ट्रांजेक्शन होती है, वह आसानी से हो पाएंगी। प्रॉपर्टी के मार्केट रेट से सर्कल रेट जहां कम है, वहां इसका कोई खास बेनिफिट नहीं होगा। सर्कल रेट जहां मार्केट से ज्यादा है वहां पर कम करने की जरूरत होती है। दिल्ली सरकार के इस फैसले का लोगों के सेंटिमेंट पर असर जरूर पड़ेगा। टीडीआई इन्फ्राटेक के एमडी अक्षय तनेजा ने फैसले की सराहना की है। उनके मुताबिक, सर्कल रेट घटने से रियल एस्टेट के रिवाइवल में मदद मिलेगी। रहेजा डिवेलपर्स के सीओओ अचल रैना के मुताबिक यह फैसला बिल्कुल सही समय पर आया है, जब इंडस्ट्री महामारी के असर से रिकवर कर रही है।नोएडा में दिल्ली से कई गुना सस्ती है प्रॉपर्टी नोएडा में पिछले दो साल से सर्कल रेट बढ़े तो नहीं हैं, लेकिन प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि कोरोना काल के बाद इस सेक्टर को बूस्टअप की दरकार है। ऐसे में यूपी सरकार को भी सर्कल रेट में कमी करनी चाहिए। दिल्ली सरकार ने यह फैसला ले लिया तो यहां भी रेट कटौती को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में सर्कल रेट कम होने का असर नोएडा के प्रॉपर्टी बाजार पर नहीं पड़ेगा। ना ही नोएडा का मार्केट दिल्ली की तरफ शिफ्ट होगा। वजह है कि दिल्ली और नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमत में मौजूदा समय में 3 से 4 गुना का अंतर है। नोएडा का बाजार मौजूदा समय में अफोर्डेबल हाउसिंग कैटिगरी में है। वहीं, दिल्ली में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। नेरेडको यूपी के प्रेजिडेंट आर. अरोड़ा ने कहा कि हम लोगों ने भी यूपी सरकार से सर्कल रेट कम करने की मांग की है। इसका प्रेजेंटेशन भी सरकार को दिया है। उम्मीद है कि यूपी सरकार भी रियल एस्टेट को बूस्टअप देने के लिए कुछ ऐसा करेगी। स्टांप ड्यूटी भी कम करने की मांग की गई है।


Source: Navbharat Times February 07, 2021 04:55 UTC



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