राकेश ट‍िकैत की डिमांड- तीन क्विंटल गेहूं की कीमत हो एक तोला सोना, तब बनेगी बात - News Summed Up

राकेश ट‍िकैत की डिमांड- तीन क्विंटल गेहूं की कीमत हो एक तोला सोना, तब बनेगी बात


चक्का जाम के बाद टिकैत ने सरकार को दिया ये अल्टीमेटम Farmers Protest: चक्का जाम के बाद टिकैत ने सरकार को दिया ये अल्टीमेटम'3 क्विंटल गेहूं में एक तोला सोना दे दो' टिकैत ने मांग की कि सरकार देश में टिकैत फॉर्म्‍युला लागू करे। उन्‍होंने कहा, "1967 में भारत सरकार ने गेहूं का एमएसपी तय किया 76 रुपये प्रति क्विंटल। जो प्राइमरी का मास्‍टर था, उसकी सैलरी थी 70 रुपये। वो एक महीने की सैलरी में एक क्विंटल गेहूं नहीं खरीद सकता था। हम एक क्विंटल गेहूं बेचकर भट्ठे की ढाई हजार ईंट खरीद सकते थे। 30 रुपये की एक हजार ईंट आती थी। तीन क्विंटल गेहूं में एक तोला सोना दे दो। मास्‍टर की सैलरी बढ़ी तो फसल का दाम क्‍यों नहीं बढ़ा?" 'MSP से कम पर खरीद हो तो क्रिमिनल केस चले' राकेश टिकैत ने प्रोक्‍योरमेंट के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार ने रेकॉर्ड खरीद कहां से कर दी? व्‍यापारी खरीद करता है। व्‍यापारी पूर्ण रूप से मिला हुआ है। सस्‍ते में खरीदता है। ये कहां जा रहा है? उनका जो व्‍यापारी लूट रहा है, उसकी जिम्‍मेदारी कौन लेगा? आप कानून बना दो। कोई भी सरकार की घोषित कीमत से कम पर खरीद न करे। MSP पर कानून बन जाए कि उसके नीचे कोई खरीद न करे। उससे कम पर कोई खरीदे तो कानूनी कार्यवाही का प्रावधान हो।"टिकैत बोले, मैं नेता नहीं किसान हूं टिकैत के मुताबिक, "मैं नेता नहीं हूं, भारतीय किसान यूनियन का प्रवक्‍ता हूं। मैं खेती करता हूं।" उन्‍होंने कहा, "नेता तो चमचमाती कोठरी में रहते हैं, मखमली बिस्‍तर पर सोते हैं। हम तो सड़क पर सो जाते हैं कंबल ओढ़कर।"'आंदोलन चलता रहेगा, बातचीत भी' BKU नेता ने कहा कि आंदोलन की वापसी को लेकर गलतफहमी फैलाई जा रही है। उन्‍होंने कहा, "हमने तो अक्‍टूबर तक का प्‍लान बना लिया है। मांगें मान लेंगे तो बातचीत होगी। मंच भी वही रहेगा और पंच भी वहीं रहेंगे।" उन्‍होंने कहा, 'सरकार सर्दी में यहां से भागी तो सरकार सर्दी में ही वापस आएगी।' सरकार के साथ बातचीत के सवाल पर टिकैत ने कहा, "वहां 11 अधिकारी लग रहे थे। पर्ची पर लिख-लिखकर देते थे। जो मंत्री बोल रहा, वो किसी के कहने से बोल रहा। चाय पीने बहुत जल्‍दी जाती थी। एक सवाल किया और अंदर चले गए। असली सरकार नहीं थी।"मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा: टिकैत किसान आंदोलन को रिहाना के समर्थन पर राकेश टिकैत ने कहा कि वे उन्‍हें नहीं जानते। उन्‍होंने कहा कि हमारा संगठन 73 देशों में है। टिकैत ने कहा, "ये जो चल रहा है, ये एक दिन का नहीं है। ये आने वाले 50 सालों के लिए क्‍या पॉलिसी बनाने की तैयारी है।" टिकैत ने चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि 'दोनों बार हारा और जमानत जब्‍त हो गई।' टिकैत ने कहा, "मुझे चुनाव नहीं लड़ना। चुनाव लड़ना बहुत बड़ी बीमारी है।"


Source: Navbharat Times February 07, 2021 04:26 UTC



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