Dehradun News: पर्यटकों की भीड़ से उत्तराखंड में घंटों तक ट्रैफिक जाम, खुले में सोने को मजबूर हैं लोग - many hours long traffic jam in uttarakhand hills due to tourist rush - News Summed Up

Dehradun News: पर्यटकों की भीड़ से उत्तराखंड में घंटों तक ट्रैफिक जाम, खुले में सोने को मजबूर हैं लोग - many hours long traffic jam in uttarakhand hills due to tourist rush


जामट्रैफिक जामउत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में तापमान 45 डिग्री पार करने के साथ ही हिल स्टेशन में पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। उत्तराखंड के मेन स्पॉट पर इस वक्त लोगों को पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। रास्तों में कई घंटों का लंबा जाम लगा हुआ है। वीकेंड में स्थिति और भी बुरी है, जब दिल्ली-एनसीआर से छुट्टी मनाने लोग यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड के मेन स्पॉट हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और नैनीताल में ट्रैफिक जाम में लोगों का अधिकतर समय घूमने के बजाय ट्रैफिक जाम में गुजर रहा है। इतना ही नहीं, होटेलों में कमरा न मिलने पर लोग खुले में सोने के लिए भी मजबूर हैं।पर्यटकों की भीड़ के चलते नैनीनाल और मसूरी के गेस्ट हाउस और होटेल रूम आउट ऑफ स्टॉक हो चले हैं। ऐसे में लोग बस स्टैंड और फुटपाथ तक में गुजर-बसर करने के लिए मजबूर हैं। पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियां दूर-दूर तक रेंगती हुई दिख रही हैं और लोग 5-5 घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे हुए हैं। हरिद्वार में तो पुलिस बल को ट्रैफिक मूवमेंट को नियमित करने के लिए तैनात किया गया है और शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।सिंह द्वार से सप्तऋषि तक 4 किमी लंबे रूट पर 11 संकरे रास्तों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को असुविधा हो रही है। हरिद्वार सर्कल ऑफिसर अभय सिंह ने बताया, 'हम रुड़की से लक्सर की तरफ रूट डायवर्ट करके ट्रैफिक कम करने की कोशिश कर रहे हैं। रोडवेज बसों को भी रोक कर ऋषिकुल में पार्क किया जा रहा है ताकि रास्ता क्लियर हो सके। ऑटो रिक्शा को नैशनल हाइवे पर प्रवेश करने से रोक दिया गया है। हम जल्द से जल्द रूट क्लियर करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात कर रहे हैं ताकि दिशा-निर्देश का पालन हो सके।'अभय सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने के चलते एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है। जैसे-तैसे ट्रैफिक का रोड़ा पार करके लोग मसूरी और नैनीताल पहुंच रहे हैं तो दूसरी समस्या उनका स्वागत कर रही है। दोनों हिल स्टेशन के होटेल और गेस्ट हाउस में इस वक्त एक भी कमरे खाली नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग करने वालों से होटेल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। ऐसे में कई पर्यटक बस स्टैंड में शरण लेने को मजबूर हैं तो कुछ फुटपाथ में रात काट रहे हैं।दिल्ली के द्वारका निवासी महेश जोशी ने बताया, 'मैं अपने परिवार के साथ कुछ दिन के लिए नैनीताल आया था लेकिन शनिवार को यहां भीड़ देखकर बुरी तरह डर गया। हम भवाली के पास 5 घंटे तक जाम में फंसे रहे।' इसी तरह भोपाल निवासी पर्यटक भक्ति सोनी ने बताया, 'हमें रविवार को दिल्ली से फ्लाइट पकड़नी थी लेकिन जाम में ही फंस गए। पर्यटकों की भीड़ ने मेरी छुट्टियां खराब कर दी और अब रेंगते ट्रैफिक ने मेरा पर्स खाली कर दिया है।'एक अन्य पर्यटक ने बताया कि होटेल वाले भी मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे हैं और हर दिन अपने टैरेफ में इजाफा कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी बलबीर ने बताया, 'हमने अच्छे परिवारों के युवकों को पिक्चर पैलेस के पास बस स्टैंड पर सोते हुए देखा। मुझे नहीं याद कि मसूरी में इससे पहले ऐसा कोई दृश्य देखने को मिला हो।' नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि भीड़ के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, 'रविवार को कम से कम 1500 गाड़ियां नैनीताल पहुंची। शहर की पार्किंग फुल है, ऐसे में हमने पर्यटकों को अलग-अलग पॉइंट पर रोका और उन्हें भीमताल या भवाली में रुकने की सलाह दी।'इस दौरान चार धाम की यात्रा के लिए ईधन कम न पड़े, इसके लिए उत्तराखंड राज्य की तेल कंपनियां ट्रैफिक प्रबंधन के लिए सरकार से ईधन टैंकर के स्पेशल पास जारी करने की मांग कर रही हैं। स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर मनोज जयंत ने बताया, 'चार धाम की यात्रा के चलते राज्य में इस समय श्रद्धालुओं की भीड़ काफी है। ऐसे में तेल टैंकर के लिए स्पेशल पास के जरिए ट्रैफिक जाम की स्थिति में राहत मिलेगी।'


Source: Navbharat Times June 10, 2019 05:26 UTC



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