Coronavirus Impact: कोरोना काल में 6 गुना तक अधिक बिके कंडोम, जानिए भारत में कितना बड़ा है इसका बिजनस! - News Summed Up

Coronavirus Impact: कोरोना काल में 6 गुना तक अधिक बिके कंडोम, जानिए भारत में कितना बड़ा है इसका बिजनस!


हैदराबाद में 6 गुना तक बिके कंडोम कोरोना काल में देश के तमाम शहरों में कंडोम की बिक्री बढ़ी है। भारत में 2020 के दौरान कंडोम की बिक्री में सबसे अधिक तेजी हैदराबाद में दिखी। हैदराबाद में इसमें 6 गुना, चेन्नई में 5 गुना और जयपुर में 4 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली है। मुंबई और बेंगलुरु में दिन में कंडोम के ऑर्डर में 3 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली। Dunzo ऐप पर कंडोम के ऑर्डर रात के मुकाबले दिन में तीन गुना अधिक रहे।प्रेगनेंसी किट्स और रोलिंग पेपर के भी खूब हुए ऑर्डर जहां तक वेलनेस प्रोडक्ट्स (wellness product) का सवाल है तो गर्भनिरोधक गोली आईपिल (iPill) के सबसे अधिक ऑर्डर बेंगलुरु, पुणे, गुरुग्राम, हैदराबाद और दिल्ली से आए जबकि प्रेग्नेंसी टेस्ट किट्स (Preg color card) के सबसे ज्यादा ऑर्डर जयपुर से आए। इस साल बेंगलुरु में लोगों ने चेन्नई के मुकाबले 20 गुना ज्यादा रोलिंग पेपर ऑर्डर किए। इस पेपर का इस्तेमाल सिगरेट बनाने में होता है। साथ ही यह कई और कामों में भी इस्तेमाल होता है।कितना बड़ा है कंडोम का बिजनस? भारत में 2017 में एक समय ऐसा भी आया था जब कुछ समय के लिए कंडोम के विज्ञापन टीवी पर दिखाने पर तमाम प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन बाद में सब फिर से नॉर्मल हो गया। वैसे इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि आज भी बहुत सारे लोग कंडोम खरीदने में झिझक महसूस करते हैं, लेकिन बावजूद इसके नीलसन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंडोम भारत में कंडोम का कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपये है।कितने लोग इस्तेमाल करते हैं कंडोम? नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 97.9 फीसदी सेक्शुअली एक्टिव पुरुष कंडोम की अहमियत को समझते हैं, जबकि सिर्फ 94 फीसदी ही कंडोम के इस्तेमाल को लेकर जागरूक हैं। ग्रामीण लोग डरते हैं कि कंडोम उनकी क्षमता को घटा सकता है। भारत में कंडोम के कुल कारोबार में ग्रामीण हिस्सेदारी की बात करें तो करीब 30 फीसदी का बिजनस ग्रामीण क्षेत्रों से आता है।भारत में डीलक्स निरोध है कंडोम का पहला ब्रांड भारत में 1968 में पहले कंडोम ब्रांड डीलक्स निरोध की शुरुआत हुई थी। यह परिवार नियोजन अभियान को लेकर एक बड़ा कदम रहा। निरोध की मदद से 1964 में भारत की आबादी 2.40 फीसदी की दर से बढ़ रही थी, जो 2005 तक गिरकर 1.80 फीसदी हो गई। बात अगर 2015 तक की करें तो आबादी की रफ्तार और गिरकर 1.26 फीसदी हो गई है। यह कंडोम एचएलएल लाइफकेयर की तरफ से बनाया जाना है, जो भारत सरकारी की हेल्थकेयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी है।


Source: Navbharat Times December 27, 2020 05:36 UTC



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