वाशिंगटन, सात मई (भाषा) वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों के सबसे अधिक बोझ का सामना करने वाले भारत और चीन को कार्बन उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य वाली मजबूत जलवायु नीति से सबसे ज्यादा स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे। अमेरिका में वर्मोन्ट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि वैश्विक उत्सर्जन को कम करने की कीमत अधिक लग सकती है जब तक कि वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से होने वाली मौतों के तथ्यों को इसमें शामिल ना किया जाए। यह अध्ययन पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में पाया गया कि पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों को पूरा करने के लिए कार्बन उत्सर्जन में तत्काल, नाटकीय कटौती आर्थिक रूप से फायदेमंद है अगर इसमें मनुष्य के स्वास्थ्य फायदों को शामिल कर लिया जाए। विश्वविद्यालय के मार्क बुडोल्फसन ने कहा, ‘‘ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करके समुदायों में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतें भी कम होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु कार्रवाई की दिशा में बुद्धिमानी से निवेश करके हम बेहतर वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य के जरिए जिंदगियां बचा सकते हैं।’’
Source: Navbharat Times May 07, 2019 14:37 UTC