2020 की आखिरी मन की बात: मोदी बोले- आत्मनिर्भर भारत के लिए वर्ल्ड लेवल के प्रोडक्ट बनाना जरूरी, ग्लोबल बेस्ट को अपने यहां बनाएं - News Summed Up

2020 की आखिरी मन की बात: मोदी बोले- आत्मनिर्भर भारत के लिए वर्ल्ड लेवल के प्रोडक्ट बनाना जरूरी, ग्लोबल बेस्ट को अपने यहां बनाएं


Hindi NewsNationalPM Modi In Mann Ki Baat | Vivekananda Birth Anniversary, West Bengal Election, Subhash Chandra Bose Birth Anniversary, Farmers Protest, Republic Day, Corona VaccineAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप2020 की आखिरी मन की बात: मोदी बोले- आत्मनिर्भर भारत के लिए वर्ल्ड लेवल के प्रोडक्ट बनाना जरूरी, ग्लोबल बेस्ट को अपने यहां बनाएंनई दिल्ली 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो पर इस साल की आखिरी मन की बात की। मोदी ने कहा कि चार दिन बाद साल बीतने वाला है। इस साल कई चुनौतियां और संकट आए, लेकिन हमने नया सामर्थ्य पैदा किया है। आत्मनिर्भर भारत के लिए वर्ल्ड लेवल के प्रोडक्ट बनाना जरूरी है। मोदी ने मन की बात में नए साल के स्वागत, गुजरते साल की सीख, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पाद, वन्यजीव, युवाओं की सोच और कश्मीर के केसर जैसे कई मुद्दों पर बात की।मन की बात की 7 मुख्य बातें1. जानवरों के लिए भी संवेदनशीलता दिखाएंमैंने तमिलनाडु में एक हृदयस्पर्शी प्रयास के बारे में पढ़ा। हम सबने इंसानों के लिए व्हीलचेयर देखी है, लेकिन कोयंबटूर की बेटी गायत्री ने अपने पिताजी के साथ एक पीड़ित डॉग के लिए व्हीलचेयर बना दी। ये तभी हो सकता है, जब व्यक्ति हर जीव के प्रति, दया और करुणा से भरा हुआ हो। उत्तर प्रदेश के कौशांबी की जेल में गायों को ठंड से बचाने के लिए पुराने और फटे कम्बलों से कवर बनाए जा रहे हैं।5. मंदिरों के जीर्णोद्धार में जुटे युवाएक युवा ब्रिगेड ने कर्नाटक में स्थित श्रीरंगपट्टनम के पास वीरभद्र स्वामी के एक प्राचीन शिव मंदिर का कायाकल्प कर दिया। यहां हर तरफ घास-फूस और झाड़ियां थीं कि लोगों को मंदिर दिखता तक नहीं था। युवाओं की लगन देखकर स्थानीय भी मदद के लिए आगे आए। वीकेंड्स में युवाओं ने काम किया और मंदिर के पुराने वैभव को लौटा लाए।6. शहादत न भूलेंदेश की हजारों साल पुरानी संस्कृति, सभ्यता, हमारे रीति-रिवाजों को बचाने के लिए कई बलिदान दिए गए। 27 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह जी के बेटों जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था। अत्याचारी चाहते थे कि साहिबजादे महान परंपरा की सीख छोड़ दें, लेकिन उन्होंने गजब का साहस दिखाया। दोनों बेटों के सामने मौत मंडरा रही थी, फिर भी वे सिद्धांतों से टस-से-मस नहीं हुए।


Source: Dainik Bhaskar December 27, 2020 05:10 UTC



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