Happy New Year: अधिकतर ट्रेनों में मिलेंगे कंफर्म टिकट, रेलवे की यह है तैयारी - News Summed Up

Happy New Year: अधिकतर ट्रेनों में मिलेंगे कंफर्म टिकट, रेलवे की यह है तैयारी


अधिकतर मेल एक्सप्रेस ट्रेन में जर्मन कोच 1990 के दशक के अंत में जब जर्मन तकनीक वाले लिंक हॉफमैन बुश (LHB) कोच देश में आए थे, तब इन डिब्बों को सिर्फ शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) में लगाया गया था। बाद में इसे यहीं कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में बनाया गया और पहली बार नई दिल्ली और मुंबई के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) में लगाया गया था। उसके बाद धीरे धीरे देश के सभी राजधानी एक्सप्रेसों में यही डिब्बे लगाए गए। जर्मन डिब्बा पारंपरिक भारतीय डिब्बे के मुकाबले दो मीटर ज्यादा लंबा होता है। इसलिए इसमें ज्यादा सीटें या बर्थें लगाई जा सकती है। जब किसी ट्रेन में एलएचबी डिब्बे लगा दिए जाते हैं तो बिना डिब्बा बढ़ाए ही ट्रेन में 100 से भी ज्यादा सीटें या बर्थ बढ़ जाती हैं।नए साल में 200 से भी अधिक ट्रेन में लगेंगे ये कोच रेलवे बोर्ड (Railway Board) ने जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक दिसंबर 2021 तक देश भर के 68 रेलवे डिविजनों की 200 से अधिक ट्रेनों में पारंपरिक आईसीएफ कोच (ICF Coach) को निकाल कर उसमें एलएचबी कोच (LHB Coach) लगा दिए जाएंगे। यदि एलएचबी कोच वाली कोई ट्रेन हो तो उसके 24 कोच वाली एक ट्रेन में औसतन 1160 बर्थें होती हैं। ऐसा इसलिए कि हर स्लीपर और एसी थ्री डिब्बे में 8 अतिरिक्त बर्थ तो एसी 2 डिब्बे में 6 अतिरिक्त बर्थ होते हैं। रेलवे का हिसाब है कि एक ट्रेन में यदि एलएचबी कोच लगाया जाए तो उसमें औसतन 128 बर्थ बढ़ जाती हैं। यदि 200 ट्रेनों में नए कोच लगाए जाएंगे तो इन ट्रेनों में कुल 25,600 बर्थ की बढ़ोतरी हो जाएगी।एडवांस तकनीक वाले हैं यह कोच रेलवे का जो आईसीएफ कोच है, वह दुर्घटना के वक्त काफी घातक सिद्ध होती हैं। दरअसल, दुर्घटना के वक्त आईसीएफ कोच एक दूसरे के ऊपर चढ़ हैं, इसलिए हताहत होने वालों की संख्या काफी हो जाती है। एलएचबी कोच (LHB Coach) की यह विशेषता है कि दुर्घटना के वक्त ये डिब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ते नहीं हैं। इसके अलावा ये कोच बड़े आराम से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर दौड़ सकते हैं। इस कोच के शौचालय पहले वाले कोच के मुकाबले बेहतर हैं। इसमें ऑटोमैटिक सिस्टम लगा है, इसलिए गंदगी नहीं फैलती। इस समय एलएचबी कोच का निर्माण रेलवे के कपूरथला, रायबरेली और चेन्नई स्थित कोच फैक्ट्रियों में बड़े पैमााने पर किया जाने लगा है।


Source: Navbharat Times December 27, 2020 05:03 UTC



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