शहर का पॉश इलाका माने जाने वाला सेक्टर तीन पीलिया की चपेट में है। पीलिया की वजह से शुक्रवार को एक और महिला की मौत हो गई। अब तक पीलिया दो महिलाओं की जिंदगी खत्म कर चुका है। वहीं 31 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। कई का चंडीगढ़ व दिल्ली आदि के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शुक्रवार को महिला की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा। देर शाम आनन-फानन में अधिकारियों ने सेक्टर का मुआयना किया। स्वास्थ्य विभाग पिछले चार-पांच दिनों से लगातार सेक्टर में काम कर रहा है लेकिन पीलिया पर अंकुश नहीं लग पा रहा।पीलिया फैलने को लेकर अब अलग-अलग कारण गिनाए जा रहे हैं। सेक्टर वासियों का आरोप है कि गंदे पेयजल की सप्लाई से यह हालात हुए। जब पीलिया फैला, तब हुडा ने पानी में दवा की सप्लाई शुरू की। आरोप है कि गंदे पेयजल सप्लाई की वजह से ही सेक्टर निवासी पीलिया, टाइफाइड और लीवर की बीमारियों के शिकार हुए।महिला की मौत, अब तक 31 चपेट में : गुरुवार को 7 और मरीजों को पीलिया की पुष्टि हुई थी। सेक्टर में पीलिया के मरीजों की संख्या 31 तक पहुंच चुकी है। मंगलवार को पीजीआई में सेक्टर निवासी सोनिया की मौत हुई थी। 32 वर्षीय मनजीत कौर कुछ दिनों से पीलिया पीड़ित थी। मनजीत का परिवार कैथल का रहने वाला है। मनजीत कुरुक्षेत्र के एक प्रसिद्ध प्राइवेट स्कूल में पियून के तौर पर कार्यरत थी। पीलिया के चलते पहले पटिया व बाद में उसे दिल्ली स्थित एक अस्पताल में दाखिल कराया था जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिवार शव का अंतिम संस्कार करने कैथल चले गए।मनजीत का फाइल फोटो।सेक्टर तीन में करीब 3000 मकान हैं। 15 हजार से ज्यादा की आबादी है। एक सप्ताह में पीलिया से दो महिलाओं की मौत से सेक्टर में दहशत का माहौल है। शुक्रवार शाम को खफा सेक्टरवासियों ने हुडा व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसका पता चलते ही प्रशासन में भी हलचल मच गई। शाम को एसडीएम अश्वनी मलिक के नेतृत्व में अधिकारी जायजा लेने सेक्टर पहुंचे। साथ में स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य और हुडा के अधिकारी भी रहे।सेक्टर में पीलिया अचानक से नहीं फैला बल्कि पिछले कई दिनों से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि घरों में गंदे पेयजल की सप्लाई की कई शिकायतें कर चुके हैं लेकिन समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। हुडा पर पेयजल सप्लाई का जिम्मा है। सेक्टर में कई जगह पर पेयजल सप्लाई लाइन में लीकेज थी। कई जगह सीवरेज व पेयजल की लाइनें साथ-साथ हैं। आरोप लगाया कि गंदे पेयजल सप्लाई को रोकने को कोई गंभीर प्रयास नहीं हुए। आरोप लगाया कि पेयजल में क्लोरिनेशन भी पीलिया फैलने के बाद जाकर शुरू किया गया। बता दें कि डीएन महिला कॉलेज की पूर्व छात्र संघ प्रधान मधु कई दिन से उपचाराधीन है। रिधिमा को भी पीलिया और टाइफाइड हुआ है। यमुनानगर में जिला उप न्यायवादी सुरजीत आर्य का कहना है कि कुछ दिन पहले उनकी बेटी वाणी को पीलिया हो गया जिसका अभी इलाज चल रहा है।शुक्रवार शाम को एसडीएम अश्वनी मलिक की अगुवाई में अधिकारियों करीब दो घंटे तक सेक्टर तीन के कम्यूनिटी सेंटर में डेरा जमाए रखा। एसडीएम ने जनस्वास्थ्य विभाग को फटकार लगाई। एसडीएम ने हुडा एक्सईएन से क्लोरिनेशन की रिपोर्ट मांगी। पूछा कि 19 जनवरी से पहले विभाग ने कितनी दवा खरीदी। कितनी बार सेक्टर में क्लोरिनेशन हुई। उसका रिकार्ड दिखाएं लेकिन हुडा अधिकारी मौके पर उक्त रिकॉर्ड नहीं दिखा सके। वहीं देर शाम डीसी धीरेंद्र खडगटा ने भी अधिकारियों की मीटिंग बुला हालातों की समीक्षा की।वहीं अर्बन एरिया में पीलिया फैलने को लेकर वार्ड-9 व दस के पार्षद अलग-अलग कारण गिना रहे हैं। सेक्टर तीन में इन दोनों वार्डों में बंटा है। सेक्टर नौ पार्षद सुदेश चौधरी का कहना है कि गैस पाइपलाइन बिछाते समय सीवरेज व पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई। जिन पर ध्यान नहीं दिया और आज यह हालात हुए। वहीं वार्ड दस पार्षद सुनीता शर्मा के बेटे योगेश शर्मा का कहना है कि सेक्टर में पेयजल सप्लाई लाइनों में पहले कई जगह लीकेज थी। इन्हीं लीकेज से गंदगी घरों तक पानी से पहुंची जिसके चलते लोग पीलिया की चपेट में आए। इसके लिए हुडा जिम्मेदार है।वहीं एचपी ऑयल गैस के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय सिंह का कहना है कि गैस पाइपलाइन अक्टूबर में बिछी थी। अभी तक सप्लाई शुरू नहीं हुई। अब इस संबंध में प्रशासन भी जांच करा चुका है। गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती। शुक्रवार को हालात देखने पहुंचे एसडीएम अश्वनी मलिक ने हुडा व स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिए कि डोर टू डोर पहुंच सैंपलिंग की जाए। पेयजल सप्लाई पूरी तरह से दुरुस्त होनी चाहिए। इसमें लापरवाह पर एक्शन लिया जाएगा।
Source: Dainik Bhaskar January 25, 2020 02:41 UTC