जम्मू-कश्मीर / 5 महीने 20 दिन बाद घाटी में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल, 301 वेबसाइट ही एक्सेस कर सकेंगे - News Summed Up

जम्मू-कश्मीर / 5 महीने 20 दिन बाद घाटी में 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल, 301 वेबसाइट ही एक्सेस कर सकेंगे


जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इससे पहले 15 जनवरी से सात दिनों के लिए आंशिक रूप से इंटरनेट सेवाएं बहाल की थींप्रशासन ने यह फैसला तब लिया था, जब 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस रोक पर समीक्षा करने कहा थाDainik Bhaskar Jan 25, 2020, 09:40 AM ISTश्रीनगर. 5 महीने 20 दिनों तक इंटरनेट पर रोक के बाद कश्मीर घाटी की जनता शनिवार से 2जी मोबाइल सेवा एक्सेस कर सकेगी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 25 जनवरी आधी रात से इसे बहाल कर दिया। हालांकि वे प्रशासन द्वारा स्वीकृत केवल 301 वेबसाइट ही एक्सेस कर पाएंगे। नोटिफिकेशन के मुताबिक, 25 जनवरी से मोबाइल 2जी इंटरनेट सेवाएं शुरू कर दी गईं। इससे पहले, 15 जनवरी को प्रशासन ने आंशिक रूप से इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बहाल करने का फैसला किया था। जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी में सिर्फ 7 दिन के लिए पोस्टपेड मोबाइलों पर 2जी इंटरनेट कनेक्टिविटी शुरू की गई थी।नोटिफिकेशन के मुताबिक, घाटी के लोगों की सोशल मीडिया साइटों तक पहुंच नहीं होगी। जिन वेबसाइट्स को मंजूरी दी गई है, उनमें सर्च इंजन और बैंकिंग, शिक्षा, समाचार, यात्रा, सुविधाएं और रोजगार से संबंधित हैं। पोस्टपेड और प्रीपेड सिम कार्ड पर डेटा सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल फोन पर 2जी इंटरनेट सेवा 31 जनवरी तक बहाल रहेगी और इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।सुरक्षा एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसलासरकारी सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों से मिली रिपोर्ट और हालातों को सामान्य होने के बाद प्रशासन की ओर से इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने का फैसला लिया गया। इन सेवाओं को 5 अगस्त से ही स्थगित किया गया था, जिसके बाद से राज्य के तमाम संगठनों ने इसका विरोध किया था। सरकार का कहना था कि अफवाह फैलने से रोकने के लिए ऐहतियातन इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई।सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इंटरनेट पाबंदियों पर समीक्षा करने को कहा थासुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी को कश्मीर में इंटरनेट पर 5 महीने 4 दिन से जारी रोक और वहां लागू धारा-144 पर पर फैसला सुनाया था। इसमें कोर्ट ने कहा था कि इंटरनेट संविधान के अनुच्छेद-19 के तहत लोगों का मौलिक अधिकार है। यानी यह जीने के हक जैसा ही जरूरी है। इंटरनेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सरकार से सभी पाबंदियों की 7 दिन के अंदर समीक्षा करने और इसके आदेश को सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया था। पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में इटंरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं।


Source: Dainik Bhaskar January 25, 2020 02:41 UTC



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