लोकसभा चुनाव 2019 : एग्ज़िट पोल पर चुनाव आयोग का विरोधाभासी रवैया - News Summed Up

लोकसभा चुनाव 2019 : एग्ज़िट पोल पर चुनाव आयोग का विरोधाभासी रवैया


वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान पहले दौर की वोटिंग के बाद रिज़ल्ट के पूर्वानुमान प्रकाशित करने के लिए चुनाव आयोग ने हिन्दी दैनिक 'दैनिक जागरण' के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हेतु चुनाव आयोग के पास वैधानिक अधिकार : स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को संवैधानिक अधिकार मिले हैं. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के तीन महत्वपूर्ण पहलू हैं -लोकसभा और विधानसभा चुनाव में खर्च करने की सीमा, जिससे चुनाव में धनबल के प्रयोग को रोका जा सके, इसके लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति. इस बार के चुनाव में कुल 60,000 करोड़ रुपये के खर्च का आकलन यदि सही है, तो इसका मतलब यह है कि खर्च और आपराधिकता के पहलुओं को नियंत्रित करने में चुनाव आयोग पूरी तरह विफल रहा है. पार्टियों के बड़े खर्चे, नेताओं की बद्जुबानी, पेड न्यूज़ और आचार संहिता के संगठित उल्लंघन को रोकने में विफल चुनाव आयोग द्वारा, राजनीतिक विश्लेषण को रोकने का अतिरेकी प्रयास, आयोग की प्रभुसत्ता को और भी अप्रासंगिक बना देगा.


Source: NDTV May 16, 2019 07:37 UTC



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