गैजेट डेस्क. अमेरिकन वीडियो शेयरिंग साइट यूट्यूब एक बार फिर सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घोटालों और अनुचित कंटेंट के विवादों में घिरे रहने के बावजूद यूट्यूब पर रोजाना 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स लॉगऑन करते हैं। इस बात की जानकारी गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने न्यूयॉर्क में हुए एक इवेंट में दी। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में यूजर्स की संख्या 180 करोड़ से बढ़कर 200 करोड़ तक पहुंच गई।यह ऐलान तब किया गया जब गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही थी। अल्फाबेट के पास यूट्यूब का मालिकाना हक भी है। अल्फाबेट के चीफ फायनेंशियल ऑफिसर का कहना है कि कुछ समय से यूट्यूब के क्लिक में कमी देखी जा रही थी जो कंपनी के रेवेन्यू का मुख्य सोर्स है। पिछले साल कई बड़े ब्रांड ने यूट्यूब को विज्ञापन देना बंद कर दिया था, विज्ञापन पर रोक लगाने की वजह बड़े ब्रांड के विज्ञापनों को यूट्यूब प्लेटफार्म पर गलत और आपत्तिजनक वीडियो के साथ दिखाया जा रहा था।अल्फाबेट का कहना है कि फिलहाल यूट्यूब के परफॉर्मेंस के आंकड़ो को तबतक प्रदर्शित नहीं करेंगे जबतक उन्हें दिग्गज वीडियो कंपनी के नए आंकड़े नहीं मिल जाते। पिचई ने कहा यूट्यूब सिर्फ मनोरंजन का स्तोत्र नहीं बल्कि एक एजुकेशन हब भी है। उन्होंने आगे कहा कि यूट्यूब एक ऐसी जगह है जहां यूजर्स ने केवल मनोरंजन के लिए बल्कि कई जानकारी जुटाने के लिए भी आते हैं। वे नई चीजों के बारे में जानकारी लेने के अलावा नई खोज के बारे में भी जानने के लिए यूट्यूब का सहारा लेते हैं। बयान के बाद कंपनी सुर्खियों में आ गई है क्योंकि यूट्यूब फिलहाल अनुचित वीडियो के निपटने के लिए सिर्फ संघर्ष कर रही है।
Source: Dainik Bhaskar May 07, 2019 12:58 UTC