महाराष्ट्र बंद आज: सीएए और NRC के खिलाफ वंचित बहुजन अघाड़ी ने बुलाया महाराष्ट्र बंद, मिला-जुला असर - News Summed Up

महाराष्ट्र बंद आज: सीएए और NRC के खिलाफ वंचित बहुजन अघाड़ी ने बुलाया महाराष्ट्र बंद, मिला-जुला असर


बंद के दौरान पुणे में सामान्य हलचलमहाराष्ट्र बंदनागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी और केंद्र की आर्थिक नीतियों के खिलाफ महाराष्ट्र बंद के दौरान हिंसा की खबरें आ रही हैं। मुंबई प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान मुंबई में एक बेस्ट बस पर पत्थरबाजी की गई जिससे बस का चालक घायल हो गया।बंद का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पुणे में सड़कों में हलचल सामान्य रही। स्कूल और कॉलेज खुले हैं तो स्टूडेंट्स की चहल-पहल भी देखने को मिली। बाजार और दुकानें भी खुली हैं वहीं वाहनों का आवागमन भी सामान्य है। अधिकारियों ने कहा कि चेंबूर में बस पर पथराव किया गया, जिसमें चालक विलास बी. दाभाडे (53) घायल हो गए। हालांकि पथराव में यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।चालक को गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वीबीए के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने अपने समर्थकों से सीएए, एनआरसी और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का विरोध करने के लिए एक शांतिपूर्ण और अहिंसक बंद सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वीबीए सहित 35 से अधिक सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के बावजूद मुंबई, ठाणे, पुणे, नागपुर और अन्य शहरों में सामान्य जनजीवन कुछ खास प्रभावित नहीं हुआ है।हालांकि मुंबई, नासिक, औरंगाबाद, अकोला के कुछ हिस्सों में दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। ठाणे में कुछ कार्यकर्ताओं ने एक मुख्य सड़क को अवरुद्ध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा इसे खुलवा दिया गया। मुंबई में लोकल ट्रेन और बेस्ट बस शहर की जीवनरेखा मानी जाती है, जिस पर बंद का असर नहीं रहा और वह सामान्य रूप से वे चल रही हैं।अधिकांश शैक्षणिक संस्थान, दुकानें, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कमर्शल प्लाजा खुले हैं, क्योंकि पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रखे हैं। इसके अलावा संगठनों ने मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में बंद के सिलसिले में सीएए और एनआरसी के खिलाफ कई अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रखे हैं।बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन का दौर है, वहीं इसके समर्थन में भी रैलियां निकाली जा रही हैं। इस कानून के तहत 31 दिसंबर 2014 को या इससे पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौध और ईसाइयों शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है।


Source: Navbharat Times January 24, 2020 05:15 UTC



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