एमजी जेडएस ईवीएमजी हेक्टरएमजी मोटर इंडिया की नजर इलेक्ट्रिक वीकल सेगमेंट पर है। कंपनी भारत के EV सेगमेंट की लीडर बनना चाहती है। इसके लिए कंपनी कई मॉडल्स लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने गुरुवार को भारतीय मार्केट के लिए अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ZS EV लॉन्च की। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 20.88-23.58 लाख रुपये है। इसके अलावा कंपनी ने अगले तीन सालों में किफायती इलेक्ट्रिक वीकल लॉन्च करने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया है।एमजी मोटर इंडिया के प्रेसिडेंट राजीव चाबा ने बताया, 'इस पूरे सेगमेंट (इलेक्ट्रिक वीकल सेगमेंट) में कॉम्पिटीशन अब तेज होने वाला है। हम इस सेगमेंट की अगुआई करना चाहते हैं।' 2019 में भारत में करीब 1,000 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई थी। ZS EV की बुकिंग पिछले महीने शुरू हुई थी और अभी तक करीब 2,800 बुकिंग आ चुकी है। चाबा ने बताया कि युवाओं को आकर्षित करने और मार्केट में उपस्थिति बनाने के लिए यह जरूरी है कि कीमतें कम हों। भारतीय ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता, उनकी कम खर्च करने की आदत और कीमतों को लेकर सजग रहने की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए एमजी मोटर इलेक्ट्रिक वीकल सेगमेंट के लिए किफायती प्रॉडक्ट्स बनाने की कोशिश कर रही है, जिनकी कीमत 10 लाख रुपये से कम होगी।चाबा ने बताया, 'जैसे ही आपके पास 10 लाख रुपये से कम कीमत वाले सेगमेंट में 1-2 अच्छे ऑफर होंगे, कस्टमर्स इसकी ओर आकर्षित होंगे।' चाबा ने ये बातें ZS EV की लॉन्चिंग कार्यक्रम से इतर मीडिया से कहीं। 17 जनवरी 2020 की मध्य रात्रि तक ZS EV की बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को 1 लाख रुपये का डिस्काउंट मिलेगा और उन्हें एक्साइट वर्जन के लिए 19.88 लाख और एक्सक्लूसिव वैरिएंट के लिए 22.58 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।इस वीकल में 44.5 किलोवॉट की बैटरी है और यह एक बार चार्ज होने पर करीब 340 किलोमीटर चलेगी। कंपनी MG ZS EV की बिक्री की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरू, अहमदाबाद और हैदराबाद शहर से करेगी।एमजी मोटर इंडिया ने वीकल की रेंज को लेकर ग्राहकों के मन में किसी भी तरह की चिंता को दूर करने के लिए इन शहरों में 28 चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं। कंपनी ने ग्राहकों के आवास, डीलरशिप्स और कुछ सार्वजनिक जगहों पर चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए फॉर्ट्यूम, डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया और ईचार्जबेज के साथ पार्टनरशिप की है। इस व्हीकल की मैन्युफैक्चरिंग देश में ही- गुजरात के हलोल में लगे कंपनी के प्लांट में की जाएगी। फिलहाल कुछ दिनों के लिए व्हीकल के अहम पार्ट्स को इंपोर्ट किया जाएगा, लेकिन इन्हें देश में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। कंपनी की योजना हर महीने 150-200 यूनिट के प्रॉडक्शन की है।
Source: Navbharat Times January 24, 2020 05:03 UTC