anti-caa protest: बंटा हुआ बॉलिवुड - bollywood divided on caa - News Summed Up

anti-caa protest: बंटा हुआ बॉलिवुड - bollywood divided on caa


अनुपम और नसीरुद्दीनसीएए, एनआरसी और जेएनयू-जामिया हिंसा जैसे मुद्दों को लेकर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में काफी गर्मागर्मी देखी जा रही है। इसका एक नमूना अभी दो बड़े एक्टरों की तीखी नोकझोंक में दिखा। नसीरुद्दीन शाह ने एक आयोजन में अनुपम खेर को ‘जोकर’ बताते हुए कहा कि उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। जवाब में अनुपम खेर ने शाह को कुंठित अभिनेता बताया।दरअसल शाह और खेर में टकराहट की वजह सरकार के कुछ हालिया फैसले हैं। शाह सीएए और संभावित एनआरसी की आलोचना कर रहे हैं, जबकि खेर इनका समर्थन कर रहे हैं। सच कहें तो बॉलिवुड के इतिहास में पहली बार ही ऐसा हुआ है कि इंडस्ट्री के कुछ लोग कुछ अन्य लोगों के खिलाफ तीखी टिप्पणियां कर रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री सरकार समर्थक और विरोधी खेमों में बंटी नजर आ रही है। बहुत सारे मुद्दों पर नसीरुद्दीन शाह के अलावा अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, अनुभव सिन्हा, दीपिका पादुकोण, फरहान अख्तर, सुशांत सिंह, स्वरा भास्कर और अनुराग बसु जैसे लोग सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं, दूसरी तरफ अनुपम खेर, कंगना रनौत, परेश रावल, विवेक ओबरॉय, प्रसून जोशी, मधुर भंडारकर और विवेक अग्नहोत्री जैसे लोग खुलकर सरकार का साथ दे रहे हैं और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को गलत बता रहे हैं। दो बड़े सितारे अक्षय कुमार और अजय देवगन सरकार के करीबी माने जाते हैं लेकिन तीखी बहसों में जाने से बचते हैं।बॉलिवुड ने राजनीतिक सवालों पर कई अच्छी फिल्में पेश की हैं, लेकिन इनसे जुड़े लोग राजनीतिक सक्रियता से बचते रहे हैं। इमरजेंसी और उसके तुरंत बाद वाले दौर में भी देवानंद, विजय आनंद, किशोर कुमार सरीखे अपवादों को छोड़ दें तो फिल्मी दुनिया लगभग तटस्थ ही रही। बॉलिवुड में राजनीतिक सवालों पर सीधी सक्रियता 2014 के चुनाव के दौरान देखी गई, जब लगभग 60 फिल्मी हस्तियों ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों से धर्मनिरपेक्ष दलों को वोट देने की अपील की थी। इस पर कई कलाकारों ने ऐतराज जताया।मोदी सरकार के सत्ता में आने के साथ ही बॉलिवुड में विभाजन गहराता गया। अनुपम खेर और गायक अभिजीत ने जैसे सरकार के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया और वे सत्तारूढ़ दल के हर कदम का बचाव करने लगे। 2019 के चुनाव में बॉलिवुड की कई हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में खुली अपील जारी की। माना जाता है कि कला-साहित्य प्राय: सत्ता विरोधी होता है। हॉलिवुड में यह रुझान काफी मुखर रहा है। वहां रॉबर्ट डि नीरो और मेरिल स्ट्रीप जैसे सुपर स्टार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की खुली आलोचना की है। उनके पहले सूसन सैरॉनडॉन और गैब्रियल बर्न बुश प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर चुके हैं। लेकिन बॉलिवुड में इस बार का विभाजन असाधारण है। हर मामले में उसके पीछे चलने वाला भारतीय समाज इससे कितना प्रभावित होता है, समय बताएगा।


Source: Navbharat Times January 24, 2020 04:52 UTC



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