लखनऊ (ब्यूरो)। इंस्पेक्टर आलोक कुमार राय ने बताया कि जालसाज अमित ने साथी दिनेश निवासी सुलतानपुर व अन्य के साथ मिलकर कंसलटेंसी खोल रखी थी। आफिस कृष्णानगर में बनाया था। यह लोग बेरोजगारों को ऊंचे वेतन पर सऊदी, इराक और कुवैत में मैकेनिक, फिटर और प्लंबर की नौकरी दिलाने का आश्वासन देते थे। प्रति व्यक्ति 70 हजार से एक लाख रुपये मेडिकल, वीजा, पासपोर्ट बनवाने के मद में लेते थे।फर्जी टिकट, वीजा देकर भेजता थारुपये मिलने के बाद उन्हें फर्जी, एयर टिकट, वीजा देकर एयरपोर्ट भेजते थे। एयरपोर्ट पहुंचने पर पासपोर्ट देने का दावा करते थे। पीडि़त जब वीजा लेकर एयरपोर्ट पहुंचते, वहां पता चलता कि एयर टिकट और वीजा फर्जी है। शनिवार को कई पीडि़त इनके आफिस पर पहुंचकर हंगामा कर रहे थे। पीडि़तों की सूचना पर पुलिस पहुंची। इस दौरान दिनेश और उसका एक साथी भाग निकला जबकि अमित को गिरफ्तार कर लिया गया।जेवर, जमीन गिरवी रखकर दिए थे पैसेइंस्पेक्टर आलोक कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश में दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। पीडि़तों ने बताया कि किसी ने उधार तो किसी ने घर के जेवर गिरवी रखकर अमित को रुपये दिए थे। अमित और गिरोह के अन्य लोगों ने फर्जी मेडिकल भी सबका बनवाकर कहीं से दिया था। बिना परीक्षण के ही मेडिकल बनवा दिया था।
Source: Dainik Jagran November 22, 2021 04:31 UTC