Dainik Bhaskar Jul 02, 2019, 06:11 PM ISTनई दिल्ली. लोकसभा में मंगलवार को यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पंडित नेहरू ने सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) को आधुनिक भारत का मंदिर बताया था। आज यह देखकर दुख होता है कि अधिकांश मंदिर खतरे में हैं। लाभ तो छोड़िए, वहां के कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा है। दरअसल, 6 रेलवे उत्पादन इकाइयों का कंपनीकरण होने वाला है, जिसकी शुरुआत रायबरेली कोच फैक्ट्री से होगी।सोनिया ने कहा, ‘‘कंपनीकरण निजीकरण की शुरुआत और देश की संपत्ति को कौड़ियों के दाम चंद निजी हाथों के हवाले करने का पहला कदम है।’’ उन्होंने कहा कि देश में ज्यादातर सार्वजनिक उपक्रम खतरे में हैं। सरकार इन संपत्तियों की हिफाजत करे।सोनिया ने कहा- एचएएल, बीएसएनएल और एमटीएनएल के साथ यह हो रहा है। यह किसी से छिपा नहीं है। मैं सरकार से कहती हूं कि रायबरेली की मॉर्डन कोच फैक्ट्री को बचाए। अन्य पीएसयू और उनके कर्मचारियों, उनके परिवारों को सम्मान दें।सोनिया ने बताया- कंपनीकरण निजीकरण की शुरुआत होती है। यह देश की अमूल्य संपत्ति कौड़ियों के भाव निजी कंपनियों को बेचने की शुरुआत है। हजारों लोग बेरोजगार होते हैं। उन्होंने सरकार पर कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी कंपनियों को संकट में डालने का आरोप लगाया।सोनिया ने कहा- रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री भारतीय रेल का सबसे आधुनिक कारखाना है। वहां सबसे सस्ते और अच्छे कोच बनते हैं। वहाँ क्षमता से ज्यादा उत्पादन हो रहा है। कंपनीकरण से दो हजार से ज्यादा मजदूरों, कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य संकट में है।
Source: Dainik Bhaskar July 02, 2019 10:52 UTC