Dainik Bhaskar Jun 10, 2019, 08:57 PM ISTसंगरूर जिले के गांव भगवानपुरा में गुरुवार शाम पौने 4 बजे बोरवेल में गिरा था बच्चाआर्मी, एनडीआरएफ और डेरा सच्चा सौदा की समाज सेवी सोसायटी की टीम रेस्क्यू में जुटीपीजीआई के मेडिकल एक्सपर्ट समेत कई डॉक्टर्स मौके परसुनाम उधम सिंह वाला (पंजाब). संगरूर जिले के गांव भगवानपुरा में 120 फीट गहराई में फंसे नन्हे फतेहवीर सिंह को कुछ ही देर में रेस्क्यू कर लिया जाएगा। 6 जून की शाम करीब पाैने 4 बजे फतेहवीर सिंह खेलते-खेलते 150 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा था। तभी से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी, एनडीआरएफ और आर्मी की टीम रेस्क्यू में लगी हैं। प्रशासन और डॉक्टर्स की टीम भी मौजूद है। इसी बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह साढ़े पांचवें दिन शाम करीब 6 बजे पहुंचे। इससे पहले दोपहर में सीएम ने भी ट्वीट कर पूरे मामले पर नजर होने की बात लिखी।Constantly monitoring the rescue operations by @NDRFHQ, local administration & outside experts, which has reached the required depth & are locating Fatehveer. @VijayIndrSingla & Sangrur DC are overseeing the rescue ops. We stand with his family & pray for his well being. — Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) June 10, 2019उधर रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते लोगों बठिंडा-पटियाला हाईवे जाम कर दिया। इनका कहना है कि रेस्क्यू में जान-बूझकर ढील बरती जा रही है। प्रशासन गंभीर नहीं है। दूसरी ओर सोमवार को आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री से मदद मांगी थी। आश्वासन मिला और थोड़ी देर के बाद सेना फिर से मौके पर पहुंच गई थी।माता-पिता की इकलौती संतान है फतेहवीरफतेहवीर, सुखविंदर की इकलौती संतान है। सुखविंदर सिंह और गगनदीप कौर की शादी करीब 7 साल पहले हुई थी। पांच साल की मन्नतों के बाद जन्मा फतेहवीर सिंह 10 जून को 2 साल का हो जाएगा। गुरुवार 6 जून की शाम करीब पौने 4 बजे फतेहवीर खेलते-खेलते पास ही स्थित 9 इंच चौड़े और 150 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा था। मां गगनदीप कौर की नजर उस पर पड़ गई थी और उसने बच्चे को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन पाइप पर ढके प्लास्टिक के जिस कट्टे पर बच्चे का पैर पड़ा था, उसका महज एक छोटा सा टुकड़ा ही गगनदीप कौर के हाथ में आया।बोरवेल के बगल में बनाई गई टनलडेरा सच्चा सौदा द्वारा संचालित ग्रीन एस वेलफेयर सोसायटी के 800 के ज्यादा वाॅलंटियर्स, एनडीआरएफ और आर्मी की 119 असॉल्ट इंजीनियरिंग टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं। इस बोरवेल के ठीक बगल में 41 इंच की एक टनल तैयार की गई। मशीनों से काम करना मुश्किल होने पर हाथाें से खुदाई की गई। बाल्टियों और तसलों की मदद से खोदी गई मिट्टी को बाहर निकाला गया। रविवार रात भी रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई।पैरलल टनल और बच्चे वाले बोरवेल को जोड़ने के लिए की गई खुदाई थोड़ी गलत दिशा में चली गई। हालांकि, रातभर मेहनत कर रेस्क्यू टीम बोरवेल तक पहुंची। पाइप को काटा भी गया, लेकिन इसमें नीचे रेत भरी मिली।इसके बाद दिनभर फतेहवीर का यह पता नहीं चला कि टनल में से उस तक कैसे पहुंचा जाए। फिर रात करीब 8 बजे आखिर लोकेशन मिली और संभावना है कि ढाई बजे के करीब फतेहवीर सिंह को रेस्क्यू कर लिया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री रखे हैं नजरघटनस्थल पर पीजीआईएमएस चंडीगढ़ की टीम समेत कई डॉक्टर मौजूद हैं। साथ ही आसपास के लगभग हर अस्पताल में एक कमरा वेंटीलेटर के साथ रिजर्व रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू इस मसले पर पूरी निगाह रखे हुए हैं। उनके दिशा-निर्देश के मुताबिक वेंटीलेटर लगी एंबुलेंस में फतेहवीर को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ले जाया जाना है। वहां 10 डॉक्टर्स हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार बर तैयार हैं।
Source: Dainik Bhaskar June 10, 2019 06:00 UTC