। कमलनाथ सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। राज्यपाल ने जंबूरी मैदान में नाथ को प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। मप्र की सत्ता में 15 साल बाद लौटी कांग्रेस सरकार के इस भव्य आयोजन में मंच पर अगले साल लोकसभा चुनाव के लिए बने महागठबंधन की तस्वीर साफ दिखाई दी। काम संभालते ही कमलनाथ ने 34 लाख किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ करने की घोषणा कर दी।मप्र के 34 लाख किसानों का करीब 38 हजार करोड़ रुपए का कर्ज राज्य सरकार ने माफ कर दिया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के डेढ़ घंटे बाद ही कमलनाथ ने किसानों की कर्ज माफी वाली पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इस कर्ज माफी का फायदा 21 लाख डिफॉल्टर किसानों के साथ चालू कृषि ऋण वालों को भी होगा। आदेश में 31 मार्च 2018 तक के किसानों को इस कर्ज माफी का लाभ मिल सकेगा। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने वचन-पत्र में जितने वादे किए हैं, उन सबको पूरा किया जाएगा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद कमलनाथ मंत्रालय पहुंचे और मुख्य सचिव बीपी सिंह के साथ संबंधित विभाग के तमाम अफसरों को बुलाया। कर्ज माफी के बाद उन्होंने एक के बाद एक 4 फाइलों पर हस्ताक्षर किए। कमलनाथ से मिलने के तुरंत बाद कृषि विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने आदेश जारी कर दिया।नाथ के तीन बड़े फैसले...1. जो प्रदेश के 70% लोगों 1 को रोजगार देगा, उसे मदद निवेश नीति बदलेंगे। उसी निवेशक को सरकार इंसेटिव व सब्सिडी देगी, जो मप्र के लोगों को 70 फीसदी रोजगार देगा। कमलनाथ ने कहा कि उद्योग लगने के बाद उप्र के लोग आ जाते हैं। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता, लेकिन मप्र के लोगों को रोजगार मिलना जरूरी है।अभी क्या : शर्त नहीं थी। गारमेंट पॉलिसी में सिर्फ उल्लेख था कि प्रति व्यक्ति रोजगार देने पर सब्सिडी मिलेगी।2. कन्या विवाह की सहायता राशि बढ़ा कर 51 हजार की अभी क्या था : 17 हजार रुपए खाते में, विवाह संस्कार के लिए 5 हजार रुपए की सामग्री और 3 हजार की प्रति पूर्ति व इतनी ही राशि के स्मार्ट फोन दिए जाते थे।3. चार गारमेंट पार्क बनेंगे, ताकि 3 आर्थिक गतिविधियां तेज हों, अभी क्या : अभी और में 5-7 एकड़ के गारमेंट पार्क हैं। अब चार पार्क , , और में बनेंगे। इनका दायरा 100 एकड़ तक होगा।कर्जमाफी सरकार के लिए आसान नहींसूत्रों की मानें तो तुरंत बैंकों को कर्ज माफ करने के पत्र जाएंगे। इसके बाद सरकार बैंकों के चेयरमैन से बात करके यह मांग करेगी कि ज्यादा से ज्यादा राशि माफ कर दी जाए। बजट में फिर कर्ज की राशि का प्रावधान होगा। ब्याज की राशि तय होगी। साथ ही वह मियाद फाइनल होगी, जिस पर चलकर मप्र सरकार कर्ज चुकाएगी।
Source: Dainik Bhaskar December 18, 2018 03:57 UTC