कन्नौज पिछले वर्षों में आठ व दस हेक्टेयर ही भूमि पर पौधारोपण किया गया था। वर्ष 2020 में कन्नौज सदर ब्लॉक के गंगा ग्राम सकरीखुर्द में 15 हेक्टेयर में नमामि गंगे के तहत पौधे लगाए गए थे लेकिन भूमि दो टुकड़ों में वह भी प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर मिली थी। इस बार इसके लिए जगह नहीं मिल रही है।जागरण संवाददाता, कन्नौज : अब नमामि गंगे अभियान के तहत जुलाई में होने वाले पौधारोपण के लिए गंगा ग्रामों में जगह नहीं मिल रही है, जबकि अब तक भूमि चिह्नित कर गड्ढे खोदने की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी। कन्नौज व गुगरापुर ब्लॉक गंगा नदी से सटा है। इन दोनों ब्लॉकों में 20 गंगा ग्राम हैं, जहां कटरी क्षेत्र में हर वर्ष नमामि गंगे के तहत पौधारोपण किया जाता है। इस बार वन विभाग को नमामि गंगे के तहत 35 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधारोपण करने का लक्ष्य मिला है, लेकिन इतने क्षेत्रफल में भूमि नहीं मिल रही है। भूमि प्रधान उपलब्ध कराते हैं, जो भूमि प्रबंधन समिति की बैठक में फैसला होता है। इधर, प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद से भूमि चयन का मामला ठंडा हो गया है। 20 गंगा ग्रामों में 35 हेक्टेयर भूमि भी नहीं है। पिछले वर्ष टुकड़ों में हुआ था पौधारोपणगंगा ग्राम में नमामि गंगे के तहत हर वर्ष भूमि नहीं मिलती है, जबकि पिछले वर्षों में आठ व दस हेक्टेयर ही भूमि पर पौधारोपण किया गया था। वर्ष 2020 में कन्नौज सदर ब्लॉक के गंगा ग्राम सकरीखुर्द में 15 हेक्टेयर में नमामि गंगे के तहत पौधे लगाए गए थे, लेकिन भूमि दो टुकड़ों में वह भी प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर मिली थी। करीब 56,875 पौधों का लक्ष्यनमामि गंगे के तहत 35 हेक्टेयर भूमि में करीब 56,875 पौधारोपण करने का लक्ष्य है। इसमें छायादार व जड़ीबूटी के पौधे लगाए जाते हैं। एक हेक्टेयर में 1225 छायादार व 400 जड़ी बूटी के पौधे लगाए जाते हैं। प्रभागीय वन अधिकारी जेएल गुप्ता ने बताया कि अभी भूमि नहीं मिली है। गुगरापुर में बात चल रही है। अंत में जिला प्रशासन की मदद ली जाएगी।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran January 28, 2021 11:59 UTC